भोपाल ब्यूरो
सार: केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी शनिवार को भोपाल में मध्य प्रदेश से राज्यसभा उपचुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल कर रहे हैं। नामांकन के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और संगठन महामंत्री चंद्रशेखर सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद रहेंगे। यह सीट पूर्व केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी, और इस उपचुनाव के लिए 12 नवंबर को मतदान होगा।
नामांकन का आज का कार्यक्रम
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी शुक्रवार देर रात भोपाल पहुंच गए थे, जहां राजा भोज हवाई अड्डे पर पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। शनिवार सुबह वे भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुंचे, जहां पंडित दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण करने का कार्यक्रम रखा गया था। इसके बाद वे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और संगठन महामंत्री चंद्रशेखर के साथ मध्य प्रदेश विधानसभा पहुंचे, जहां रिटर्निंग अधिकारी के समक्ष अपना नामांकन पत्र प्रस्तुत करने का कार्यक्रम है। नामांकन पत्र तीन-तीन के सेट में भरे जाने की जानकारी सामने आई है, और भाजपा विधायक प्रस्तावक के रूप में हस्ताक्षर कर रहे हैं। नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद केंद्रीय मंत्री के दोपहर बाद दिल्ली लौटने का कार्यक्रम है। यह पूरा कार्यक्रम पार्टी और प्रशासनिक तैयारियों के बीच संपन्न हो रहा है, और विधानसभा परिसर में सुरक्षा व व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
सीट खाली होने की पृष्ठभूमि
मध्य प्रदेश से राज्यसभा की यह सीट अक्टूबर महीने में खाली हुई थी। पूर्व केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन ने राज्यसभा की सदस्यता और केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दे दिया था, ताकि वे तमिलनाडु में पार्टी के संगठनात्मक कार्य पर ध्यान दे सकें। उनका कार्यकाल अप्रैल 2030 तक चलना था, लेकिन इस्तीफे के बाद यह सीट रिक्त हो गई। रिक्त सीट के लिए उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई और चुनाव आयोग ने कार्यक्रम घोषित किया। भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने 28 अक्टूबर को हरदीप सिंह पुरी को मध्य प्रदेश से अपना उम्मीदवार घोषित किया। इसके बाद से ही भोपाल में नामांकन की तैयारियां तेज हो गई थीं, और पार्टी पदाधिकारियों ने नामांकन पत्र खरीदने सहित अन्य औपचारिकताएं पूरी कीं।

कौन हैं हरदीप सिंह पुरी
हरदीप सिंह पुरी केंद्र सरकार में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हैं। वे एक अनुभवी राजनयिक रहे हैं और लंबे समय तक भारतीय विदेश सेवा से जुड़े रहे। राजनीति में आने के बाद उन्होंने केंद्रीय मंत्री के रूप में शहरी विकास और आवास जैसे अहम विभागों की जिम्मेदारी भी संभाली है। वर्तमान में वे उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सदस्य हैं, और उनका मौजूदा कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त होने वाला है। मध्य प्रदेश से उम्मीदवार बनाए जाने के बाद उनके केंद्रीय मंत्रिमंडल में बने रहने को लेकर चल रही अटकलों पर भी विराम लग गया है। पार्टी ने उन्हें अनुभवी और संगठन के लिए भरोसेमंद चेहरे के रूप में मैदान में उतारा है। उनके नामांकन को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा जा रहा है, और भोपाल पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत किया गया।
उपचुनाव का पूरा कार्यक्रम
इस राज्यसभा उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 2 नवंबर तय की गई है। नामांकन पत्रों की जांच 3 नवंबर को होगी, जबकि नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 5 नवंबर है। जरूरत पड़ने पर 12 नवंबर को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान कराया जाएगा, और उसी शाम मतगणना के बाद परिणाम घोषित किया जाएगा। पूरा चुनाव 16 नवंबर तक संपन्न कर लिया जाएगा। नामांकन की प्रक्रिया विधानसभा में रिटर्निंग अधिकारी के समक्ष पूरी होती है, जहां उम्मीदवार को अपने प्रस्तावकों के साथ उपस्थित होना होता है। इसके बाद जांच और नाम वापसी की प्रक्रिया के बाद अंतिम उम्मीदवारों की सूची तय होती है। यदि एक से अधिक उम्मीदवार मैदान में रहते हैं, तभी मतदान की नौबत आती है, अन्यथा निर्विरोध निर्वाचन की स्थिति भी बन सकती है।
विधानसभा में संख्या बल का गणित
मध्य प्रदेश विधानसभा में कुल 230 सदस्य हैं। इनमें भाजपा के 164 विधायक, कांग्रेस के 65 विधायक और भारत आदिवासी पार्टी का एक विधायक है। राज्यसभा उपचुनाव जीतने के लिए 116 मतों की जरूरत होती है। इस संख्या बल के आधार पर भाजपा उम्मीदवार की स्थिति मजबूत मानी जा रही है। पार्टी के पास अपने दम पर जीत के लिए पर्याप्त विधायक हैं, इसलिए इस उपचुनाव में भाजपा की जीत की संभावना प्रबल बताई जा रही है। हालांकि चुनावी प्रक्रिया पूरी होने तक औपचारिकताएं जारी रहेंगी, और मतदान की स्थिति में विधायकों के मत निर्णायक होंगे। संख्या बल का यह गणित ही इस उपचुनाव की सबसे बड़ी राजनीतिक सच्चाई है, जिस पर सभी की नजर टिकी हुई है।
कांग्रेस की आपत्ति और पुरी का पक्ष
इस नामांकन को लेकर कांग्रेस ने विरोध जताया है। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भोपाल में पत्रकार वार्ता में भाजपा के फैसले पर सवाल उठाए और कहा कि पुरी की उम्मीदवारी को लेकर पार्टी को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। कांग्रेस ने जिला और ब्लॉक स्तर पर विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है, और भोपाल में पार्टी कार्यकर्ताओं ने पुतला दहन भी किया। कांग्रेस का कहना है कि अमेरिका में जारी दस्तावेजों में पुरी के नाम के संदर्भ को लेकर सवाल अनुत्तरित हैं, जबकि पुरी पहले ही अपने ऊपर लगाए गए आरोपों से इनकार कर चुके हैं। कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया है कि एल. मुरुगन से इस्तीफा दिलवाकर सीट खाली कराई गई, जबकि भाजपा का कहना है कि मुरुगन ने संगठनात्मक कार्य के लिए स्वयं इस्तीफा दिया था। इस तरह नामांकन के साथ ही राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है, और दोनों पक्षों की दलीलें सामने आ चुकी हैं।
आगे क्या होगा
नामांकन के बाद अब सबकी नजर जांच और नाम वापसी की तारीखों पर रहेगी। 3 नवंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी, और 5 नवंबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। इसके बाद यह साफ होगा कि इस सीट के लिए मतदान होगा या निर्वाचन निर्विरोध होगा। यदि मतदान होता है, तो 12 नवंबर को विधायक अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे और उसी शाम परिणाम आ जाएगा। मध्य प्रदेश की राजनीति के लिहाज से यह उपचुनाव इसलिए भी अहम है, क्योंकि यह सीट केंद्र सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री की राजनीतिक पारी से जुड़ी हुई है। आने वाले दिनों में इस उपचुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।
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