उज्जैन ब्यूरो।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार सिंहस्थ 2028 के भव्य आयोजन के लिए दीर्घकालिक विकास पर बल दे रही है। उज्जैन नगर का हर काल और युग में विशेष महत्व रहा है। यहाँ आने वाले तीर्थ यात्रियों की सुविधा के लिए विकास का क्रम निरंतर जारी है। महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर उज्जैन में 539 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार सभी वर्गों के कल्याण के लिए कार्य कर रही है और सभी कार्यों को पूरी पारदर्शिता के साथ करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उज्जैन में 539 करोड़ के विकास कार्यों का भूमि-पूजन
महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर उज्जैन में 539 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का भूमि-पूजन संपन्न हुआ। इसमें उज्जैन के अमृत द्वार और पांच्यजन्य द्वार भी शामिल हैं। पांच्यजन्य शंख भगवान श्रीकृष्ण का शंख है। सांदीपनि आश्रम और मंगलनाथ के बाद अब सिद्धवट पर भी निर्माण कार्य का भूमि-पूजन हुआ है। इससे श्रद्धालुओं और दुकानों की सुविधा के लिए व्यवस्थाएं की जा रही हैं। उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रवि सोलंकी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर उज्जैन को विकास की नई सौगात दी है। प्राधिकरण अपने दायरे में आने वाले सभी कार्यों को समय पर पूरा करने के लिए संकल्पित है।
मुख्यमंत्री की तीन प्रमुख घोषणाएं
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर तीन प्रमुख घोषणाएं कीं। पहली घोषणा के अनुसार सर्व सुविधायुक्त नई धर्मशाला बनाई जाएगी। दूसरी घोषणा में रिटेनिंग वॉल और अन्य विकास कार्य भी पूर्ण किए जाएंगे। तीसरी घोषणा के अनुसार वाल्मीकि धाम के पास स्थित थाने का नाम वाल्मीकि धाम थाना किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उज्जैन का वाल्मीकि आश्रम देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है। प्रशासन से जुड़े अधिकारी उज्जैन के आसपास के ग्रामीण इलाकों में होमस्टे विकसित करने की संभावनाओं पर कार्य करें, जिससे समाज और सरकार भव्य और दिव्य सिंहस्थ के आयोजन के लिए कार्य कर सकें। सिंहस्थ में किसी को कोई कष्ट न हो, इस बात पर सरकार का विशेष ध्यान है।
सिंहस्थ 2028: 25 हजार करोड़ के कार्य जारी
सिंहस्थ 2028 के भव्य आयोजन के लिए उज्जैन में 25 हजार करोड़ रुपये लागत के विकास कार्य जारी हैं। इस प्रकल्प में उज्जैन विकास प्राधिकरण की भूमिका अहम है। उज्जैन में धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राचीन विरासतों को संरक्षित कर संवारा जा रहा है। उज्जैन जिले के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल ने कहा कि सिंहस्थ 2028 के भव्य आयोजन के लिए उज्जैन में 30 माह पूर्व तैयारी शुरू हो गई है। यहाँ से चारों दिशाओं में 100 किलोमीटर तक सड़कें बनाई जा रही हैं। तीर्थ स्थलों को नए स्वरूप में विकसित किया जा रहा है। पूर्व केंद्रीय मंत्री सत्यनारायण जटिया ने कहा कि सिंहस्थ 2028 के लिए उज्जैन में जारी विकास कार्यों की लहर मां बगलामुखी तक चली गई है। महर्षि वाल्मीकि हमारे सप्त ऋषियों में शामिल रहे हैं।
प्रभावितों को वैकल्पिक स्थान और आवास
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शहर के विकास के लिए दुकानें हटाए जाने से प्रभावित लोगों को वैकल्पिक स्थान दिया जाएगा। इसी प्रकार किसी का मकान टूटा है तो उसे शासकीय योजनाओं के अंतर्गत आवास उपलब्ध करवाया जाएगा। सरकार का मानना है कि विकास की प्रक्रिया में किसी भी व्यक्ति को नुकसान नहीं उठाना चाहिए। जिनकी दुकान या मकान विकास कार्यों की वजह से प्रभावित होते हैं, उनके पुनर्वास की व्यवस्था सरकार की जिम्मेदारी है। इसी सोच के साथ उज्जैन में चल रहे विकास कार्यों में प्रभावितों के हितों का ध्यान रखा जा रहा है।
किसान कल्याण वर्ष और स्वामित्व योजना
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान कल्याण वर्ष में राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में पुरानी जमीन और संपत्तियों की निःशुल्क रजिस्ट्री करवाने का निर्णय लिया है। स्वामित्व योजना के अंतर्गत लोगों को उनकी संपत्ति का पक्का अधिकार मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति के अधिकार को लेकर लंबे समय से चली आ रही अनिश्चितता को दूर करना सरकार का उद्देश्य है। जब किसी व्यक्ति के पास अपनी संपत्ति का पक्का दस्तावेज होता है तो वह न केवल आर्थिक रूप से सुरक्षित होता है, बल्कि शासकीय योजनाओं का लाभ भी आसानी से ले पाता है।
होमस्टे और रोजगार से जोड़ने की तैयारी
सरकार पर्यटन निगम और प्रशासन के माध्यम से लोगों को रोजगार से जोड़ने के लिए प्रयास कर रही है। उज्जैन के आसपास के ग्रामीण इलाकों में होमस्टे विकसित करने की संभावनाओं पर कार्य किया जा रहा है। इससे सिंहस्थ के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं को ठहरने की सुविधा मिलेगी और स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा। प्रत्येक शुक्रवार को जनविश्वास अभियान के अंतर्गत अधिकारी फील्ड में उतरकर हितग्राहियों को लाभ दे रहे हैं। सरकार का लक्ष्य है कि विकास का लाभ केवल शहर तक सीमित न रहे, बल्कि आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों तक भी पहुंचे।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में राज्यसभा सदस्य बालयोगी उमेश नाथ जी महाराज ने कहा कि देशभर में महर्षि वाल्मीकि जयंती धूमधाम से मनाई जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में सामाजिक समरसता की बयार है। प्रभु श्रीराम के दिखाए मार्ग पर आगे बढ़ते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव सभी वर्गों को साथ लेकर चल रहे हैं। उज्जैन में सिंहस्थ 2028 का भव्य-दिव्य आयोजन के लिए मिलकर कार्य करना है। उन्होंने कहा कि शरद पूर्णिमा पर अमृत वर्षा हो रही है और सिंहस्थ में संतों के ज्ञान की अमृत वर्षा होगी। कार्यक्रम में नगर निगम सभापति कलावती यादव, सिंहस्थ मेला प्राधिकरण के अध्यक्ष जगदीश अग्रवाल, मप्र हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष ओम जैन सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय जन उपस्थित थे।
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