भोपाल ब्यूरो
मुंबई। देश के केमिकल और पेट्रोकेमिकल क्षेत्र के सबसे बड़े आयोजन ‘इंडिया केम 2026’ के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को कहा कि मध्यप्रदेश अब देश के पेट्रोकेमिकल मानचित्र पर एक नई पहचान बनाने जा रहा है। मुंबई के गोरेगांव स्थित बॉम्बे एक्जीबिशन सेंटर (नेस्को) में 22 से 24 अक्टूबर तक चलने वाले इस 14वें संस्करण के आयोजन में मुख्यमंत्री ने कहा कि बीना में बन रहा पेट्रोकेमिकल परिसर राज्य की औद्योगिक तस्वीर बदल देगा, जहां हर साल 22 लाख टन से अधिक उत्पादन की क्षमता विकसित की जा रही है।
‘एडवांटेज भारत’ थीम पर तीन दिवसीय आयोजन
इंडिया केम 2026 का आयोजन केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के रसायन और पेट्रोरसायन विभाग द्वारा भारतीय उद्योग परिसंघ (फिक्की) के सहयोग से किया जा रहा है। इस बार की थीम ‘एडवांटेज भारत: एक उभरता वैश्विक केमिकल हब’ रखी गई है। उद्घाटन सत्र में केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल, गुजरात के राज्य मंत्री प्रफुल्ल पंशेरिया, फिक्की पेट्रोकेमिकल समिति के अध्यक्ष प्रभ दास और यूपीएल के चेयरमैन जय श्रॉफ भी मंच पर मौजूद थे।
आयोजन में देश-विदेश की प्रमुख केमिकल कंपनियों, नीति-निर्माताओं और उद्योग विशेषज्ञों की बड़ी भागीदारी हो रही है। तीन दिनों तक चलने वाले इस सम्मेलन में निवेश, तकनीक हस्तांतरण, हरित रसायन और पेट्रोकेमिकल मूल्य शृंखला को मजबूत करने पर मंथन होगा।
CM मोहन यादव का संबोधन: आंकड़ों से दिखाई सेक्टर की ताकत
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश के केमिकल और पेट्रोकेमिकल क्षेत्र ने अभूतपूर्व प्रगति की है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में देश का केमिकल-पेट्रोकेमिकल बाजार करीब 120 अरब डॉलर का था, जो अब दोगुने से अधिक हो चुका है। 2014 से 2026 के बीच इस क्षेत्र में करीब एक लाख करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के बाद राज्य को करीब 12 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले थे, जिन्हें अब जमीन पर उतारा जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों को हर संभव सुविधा दे रही है और एकल खिड़की व्यवस्था के माध्यम से परियोजनाओं को तेजी से मंजूरी मिल रही है।
उन्होंने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और फिक्की के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन उद्योग और सरकार के बीच सेतु का काम करते हैं।
बीना बनेगा मप्र का पेट्रोकेमिकल हब
मुख्यमंत्री ने कहा कि सागर जिले के बीना में विकसित हो रहा पेट्रोकेमिकल परिसर मध्यप्रदेश को इस क्षेत्र का प्रमुख केंद्र बनाएगा। उन्होंने बताया कि इस परिसर की क्षमता हर साल 22 लाख टन (2.2 मिलियन टन) से अधिक उत्पादन की होगी। यहां से प्लास्टिक, पैकेजिंग, फार्मा, कपड़ा और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों के लिए कच्चा माल उपलब्ध होगा।
उल्लेखनीय है कि बीना स्थित भारत पेट्रोलियम (बीपीसीएल) के पेट्रोकेमिकल और रिफाइनरी विस्तार परियोजना की आधारशिला सितंबर 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रखी थी। करीब 49,000 करोड़ रुपये की इस परियोजना पर काम जारी है और यह मौजूदा रिफाइनरी क्षमता के विस्तार के साथ एथिलीन क्रैकर जैसी विश्वस्तरीय इकाइयां स्थापित करेगी। मुख्यमंत्री के संबोधन को इसी जारी परियोजना की प्रगति और राज्य की तैयारियों के संदर्भ में देखा जा रहा है।
बीना रिफाइनरी को ‘मध्यप्रदेश का मुकुट रत्न’ भी कहा जाता है। मई 2011 में राष्ट्र को समर्पित यह रिफाइनरी पहले भारत ओमान रिफाइनरीज लिमिटेड के संयुक्त उद्यम के रूप में संचालित होती थी, जो अब बीपीसीएल की पूर्ण स्वामित्व वाली इकाई है।
कृषि से स्वास्थ्य तक: हर क्षेत्र में अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि केमिकल और पेट्रोकेमिकल क्षेत्र कृषि, स्वास्थ्य, ऊर्जा और विनिर्माण जैसे सभी क्षेत्रों में समान अवसर पैदा कर रहा है। उन्होंने कहा कि उर्वरकों से लेकर दवाओं तक, पैकेजिंग से लेकर वस्त्र उद्योग तक — हर मूल्य शृंखला में इस क्षेत्र की भूमिका बढ़ रही है।
उन्होंने कहा कि बीना परिसर से जुड़ी डाउनस्ट्रीम इकाइयों के आने से मध्यप्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के बड़े अवसर पैदा होंगे। प्लास्टिक प्रसंस्करण, फार्मा सहायक उद्योग और विशेष रसायनों से जुड़े छोटे-बड़े उद्यम राज्य में स्थापित हो सकेंगे।
वधावन पोर्ट के पास केमिकल पार्क की घोषणा
इसी आयोजन में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वधावन पोर्ट के पास 2,500 से 5,000 एकड़ में केमिकल पार्क विकसित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इसके लिए केंद्र सरकार से मंजूरी मांगी गई है। यह पार्क पश्चिमी तट पर केमिकल उद्योग के लिए नया केंद्र बन सकता है।
आगे क्या: निवेशकों की नजर मप्र पर
विशेषज्ञों का मानना है कि इंडिया केम 2026 में मुख्यमंत्री के संबोधन के बाद निवेशकों की नजर मध्यप्रदेश पर और गहरी होगी। राज्य सरकार का दावा है कि जमीन, बिजली, पानी और कुशल मानव संसाधन की उपलब्धता के साथ मप्र निवेश के लिए तैयार है। बीना परियोजना के साथ-साथ राज्य में प्रस्तावित डाउनस्ट्रीम प्लास्टिक पार्क और विशेष आर्थिक क्षेत्रों पर भी चर्चा हो रही है।
तीन दिवसीय आयोजन के दौरान विभिन्न राज्यों के पवेलियन, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के बीच बी2बी बैठकें और नीतिगत सत्र होंगे। माना जा रहा है कि आयोजन के समापन तक केमिकल क्षेत्र में कई समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर हो सकते हैं।
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