मुंबई ब्यूरो। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने बुधवार को रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी कर दी। इसके साथ ही रेपो रेट 5.25% से बढ़कर 5.50% हो गया है। करीब चार साल में यह पहली बार है जब केंद्रीय बैंक ने ब्याज दरें बढ़ाई हैं — इससे पहले फरवरी 2023 में दरों में इजाफा हुआ था।
छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (MPC) के सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से दर बढ़ाने के पक्ष में वोट किया। समिति ने नीतिगत रुख (stance) को भी ‘न्यूट्रल’ से बदलकर ‘कैलिब्रेटेड टाइटनिंग’ कर दिया है, जिससे आगे और सख्ती के संकेत मिल रहे हैं। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार सुबह 10 बजे नीति की घोषणा की; दोपहर 12 बजे वे प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसका ब्योरा देंगे।

अगस्त में खुदरा महंगाई दर 4.82% पर पहुंच गई थी — लगातार तीसरे महीने RBI के 4% के लक्ष्य से ऊपर। ईंधन और खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों का असर पूरी अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय तनाव के चलते कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई हैं, जबकि डॉलर के मुकाबले रुपया 96 के करीब कारोबार कर रहा है।
दूसरी ओर, अप्रैल-जून तिमाही में GDP वृद्धि दर 7.8% रही, जो RBI के 7% के अनुमान से काफी ऊपर है — यानी मजबूत अर्थव्यवस्था ने केंद्रीय बैंक को दरें बढ़ाने की गुंजाइश दी।
आपकी EMI पर कितना असर?
रेपो रेट वह दर है जिस पर RBI बैंकों को कर्ज देता है। इसके बढ़ने से बैंकों के लिए कर्ज महंगा हो जाता है, और इसका बोझ आमतौर पर कर्जदारों तक पहुंचता है। होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन — खासकर EBLR से जुड़े फ्लोटिंग रेट लोन — की EMI में बढ़ोतरी की आशंका है। हालांकि, अंतिम फैसला बैंक अपने मार्जिन और प्रतिस्पर्धा के हिसाब से करेंगे।
विशेषज्ञ क्या कह रहे हैं
डीबीएस बैंक की एक वरिष्ठ अर्थशास्त्री के अनुसार, अक्टूबर की यह बढ़ोतरी इस बात को स्वीकार करती है कि महंगाई का जोखिम अब ‘सौम्य’ नहीं रहा। एक प्रमुख वित्तीय समूह के मुख्य अर्थशास्त्री का मानना है कि 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी पहले से बाजार की उम्मीदों में शामिल थी, लेकिन stance बदलने से आगे और सख्ती के साफ संकेत मिले हैं। कुछ अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि 2027 की पहली छमाही तक रेपो रेट 6.00% तक पहुंच सकता है।
SDF और CRR में क्या बदला
रेपो रेट के साथ स्टैंडिंग डिपॉजिट फैसिलिटी (SDF) दर भी 25 बेसिस पॉइंट बढ़कर 5.25% हो गई, जबकि कैश रिज़र्व रेशियो (CRR) 3% पर अपरिवर्तित रखा गया है। दिसंबर में होने वाली अगली MPC बैठक पर अब सबकी नजर रहेगी।
(रॉयटर्स और सीएनबीसी-टीवी18 की रिपोर्टों के अनुसार)
फोटो: फोटो: Pinakpani / Wikimedia Commons (CC BY-SA 4.0)
