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मप्र के 50 लाख श्रमिकों की बढ़ी मजदूरी: महंगाई भत्ते में ₹6 प्रतिदिन की बढ़ोतरी, 1 अक्टूबर से नई दरें लागू

हाथों में भारतीय मुद्रा के नोट — न्यूनतम वेतन बढ़ोतरी सौजन्य: हरिभूमि

भोपाल ब्यूरो। मध्यप्रदेश के करीब 50 लाख श्रमिकों के लिए त्योहारी सीजन से पहले अच्छी खबर है। श्रम विभाग ने न्यूनतम वेतन की नई दरें जारी कर दी हैं, जिनमें परिवर्तनशील महंगाई भत्ते में 6 रुपए प्रतिदिन की बढ़ोतरी की गई है। ये नई दरें 1 अक्टूबर 2026 से लागू हो गई हैं और 27 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेंगी।

किस श्रेणी को कितना वेतन मिलेगा

नई दरों के अनुसार 26 कार्यदिवस के आधार पर अकुशल श्रमिक को अब 12,575 रुपए प्रतिमाह न्यूनतम वेतन मिलेगा। अर्द्धकुशल श्रमिक के लिए यह राशि 13,571 रुपए, कुशल श्रमिक के लिए 15,294 रुपए और उच्च कुशल श्रमिक के लिए 16,919 रुपए प्रतिमाह तय की गई है। दैनिक दरों की बात करें तो अकुशल श्रमिक को 484 रुपए, अर्द्धकुशल को 522 रुपए, कुशल को 588 रुपए और उच्च कुशल श्रमिक को 651 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से भुगतान होगा।

श्रमायुक्त के आदेश से बदलीं दरें

श्रमायुक्त द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि दरों में यह बदलाव महंगाई सूचकांक के आधार पर किया गया है। नई दरें 67 सामान्य नियोजनों यानी अलग-अलग काम की श्रेणियों पर लागू होंगी। इन श्रेणियों में काम करने वाले किसी भी श्रमिक को तय न्यूनतम दर से कम मजदूरी नहीं दी जा सकेगी। यह व्यवस्था न्यूनतम वेतन अधिनियम, 1948 के तहत लागू है।

50 लाख श्रमिकों को मिलेगा फायदा

नई दरों का लाभ सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों के श्रमिकों को मिलेगा। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक करीब 10 लाख श्रमिक सरकारी विभागों में कार्यरत हैं, जबकि लगभग 40 लाख श्रमिक निजी क्षेत्र, विशेषकर उद्योगों में काम करते हैं।

पहली नजर में 6 रुपए प्रतिदिन की बढ़ोतरी मामूली लग सकती है, लेकिन 26 कार्यदिवस के हिसाब से यह 156 रुपए प्रतिमाह का अंतर बनता है। करीब 50 लाख श्रमिकों के आधार पर देखें तो रोजाना लगभग 3 करोड़ रुपए अतिरिक्त मजदूरी का भुगतान होगा।

प्रिंटिंग प्रेस और अन्य उद्योगों की दरें

मुद्रणालय (प्रिंटिंग प्रेस) से जुड़े श्रमिकों के लिए भी श्रेणीवार दैनिक दरें तय की गई हैं। उच्च कुशल श्रमिक के लिए 651 रुपए प्रतिदिन की दर है, जबकि श्रेणी-1 में 648 रुपए, श्रेणी-2 में 634 रुपए और श्रेणी-3 में 588 रुपए प्रतिदिन निर्धारित किए गए हैं। स्लेट-पेंसिल उद्योग में मजदूर के लिए 484 रुपए प्रतिदिन, पेंटर और सीपर के लिए 505 रुपए तथा मुनीम, लेखाकार और क्लर्क के लिए 588 रुपए प्रतिदिन की दर तय है।

अगरबत्ती बनाने वालों के लिए भी नई दर निर्धारित की गई है — एक हजार अगरबत्ती रोल करने पर 74.75 रुपए और सुगंधित स्टिक के लिए 75 रुपए प्रति हजार की दर तय की गई है।

अप्रैल 2026 में भी बढ़ा था न्यूनतम वेतन

गौरतलब है कि इससे पहले 1 अप्रैल 2026 से भी न्यूनतम वेतन की दरों में बदलाव किया गया था। उस समय महंगाई भत्ते में औसतन 9 रुपए प्रतिदिन की बढ़ोतरी हुई थी, जो 26 दिन के हिसाब से करीब 234 रुपए मासिक के बराबर थी। अप्रैल और अक्टूबर की दोनों बढ़ोतरी को मिलाकर 2026 में महंगाई भत्ते के स्तर पर 15 रुपए प्रतिदिन का अंतर बना है।

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