ग्रहों की चाल में अक्टूबर की शुरुआत में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार शुक्र ग्रह 3 अक्टूबर 2026 को सुबह लगभग 11:29 बजे अपनी स्वराशि तुला में वक्री हो रहे हैं। शुक्र लगभग 42 दिनों तक वक्री अवस्था में रहेंगे और 14 नवंबर तक इसी स्थिति में गोचर करेंगे। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार शुक्र को धन, वैभव, प्रेम, कला और सुख-सुविधाओं का कारक माना जाता है, इसलिए अपनी ही राशि में उनका वक्री होना विशेष ज्योतिषीय घटना मानी जा रही है।
इससे पहले, आज 26 सितंबर को बुध भी कन्या राशि से निकलकर तुला राशि में प्रवेश कर रहे हैं। इसके साथ ही कन्या राशि में चल रहा बुधादित्य योग समाप्त हो जाएगा। बुध के तुला में आते ही वहां शुक्र के साथ बुध-शुक्र की युति बनेगी, जिसे परंपरागत ज्योतिष में शुभ माना गया है।
आइए जानते हैं ज्योतिषाचार्यों के अनुसार शुक्र के इस वक्री गोचर का किन राशियों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की संभावना है।
मिथुन राशि
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार शुक्र का वक्री गोचर मिथुन राशि वालों के पंचम भाव में हो रहा है। इससे बौद्धिक क्षमता और रचनात्मकता में इजाफे की संभावना है। कला, संगीत और मीडिया से जुड़े लोगों को बड़ी उपलब्धि मिल सकती है। प्रेम संबंधों में मधुरता और आय के नए साधनों से आर्थिक स्थिति मजबूत होने के योग बन रहे हैं।
कन्या राशि
कन्या राशि वालों के लिए यह गोचर द्वितीय भाव में हो रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार बैंक बैलेंस में इजाफे और लंबे समय से फंसे धन की वापसी के योग बन सकते हैं। वाणी का प्रभाव बढ़ने और पारिवारिक खुशहाली की संभावना है। संपत्ति से जुड़े बड़े मसलों के समाधान की भी संभावना जताई जा रही है।
मकर राशि
मकर राशि वालों के दशम भाव में शुक्र वक्री हो रहे हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार कार्यक्षेत्र में बेहतरीन समय की संभावना है — पदोन्नति, वेतन वृद्धि या किसी बड़ी कंपनी से नए अवसर के योग बन सकते हैं। अधिकारियों का सहयोग मिलने और व्यापारियों के रणनीतिक फैसलों से नई पहचान बनने की संभावना है।
कुंभ राशि
कुंभ राशि वालों के नवम भाव में यह गोचर हो रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार भाग्य का साथ मिलने और लंबे समय से रुके कामों के गति पकड़ने की संभावना है। सुख-सुविधा की खरीदारी बढ़ सकती है और धार्मिक यात्रा के अवसर बन सकते हैं। मान-सम्मान और पैतृक संपत्ति से लाभ के योग भी बताए जा रहे हैं।
शुक्र के उपाय — मान्यता के अनुसार
ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार शुक्र को मजबूत करने के लिए शुक्रवार के दिन सफेद वस्त्र धारण करना, देवी लक्ष्मी की उपासना करना शुभ माना गया है। साथ ही शिवलिंग पर कच्चा दूध, दही या सफेद चंदन अर्पित करने और चावल, चीनी, दूध या खीर का दान करने की परंपरा है। मान्यता है कि इन उपायों से शुक्र के शुभ प्रभाव बढ़ते हैं।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के उद्देश्य से दी जा रही है। ग्रहों के प्रभाव व्यक्ति की कुंडली के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। किसी भी निर्णय से पहले अपने विवेक का प्रयोग करें।
