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दीपावली से पहले इंदौर में रोज़ सुबह 3 घंटे बत्तीगुल — 5 नवंबर तक चलेगा मेंटेनेंस अभियान, 580 मेगावाट की मांग की तैयारी

बिजली के ट्रांसफार्मर और ग्रिड लाइनों की सांकेतिक तस्वीर (सांकेतिक चित्र)

इंदौर ब्यूरो

दीपावली के पांच दिवसीय पर्व पर शहरवासियों को निर्बाध बिजली मिले, इसके लिए पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने अभी से कमर कस ली है। कंपनी ने 21 अक्टूबर से 5 नवंबर तक शहर के सभी पांचों संभागों में बिजली व्यवस्था के विशेष मेंटेनेंस का बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। इस दौरान शहर के अलग-अलग इलाकों में सुबह के समय रोज़ करीब तीन घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। बिजली कंपनी का कहना है कि यह असुविधा त्योहार के समय बड़ी राहत की वजह बनेगी, क्योंकि मेंटेनेंस पूरा होने के बाद दीपावली के दौरान अचानक बिजली गुल होने की नौबत नहीं आएगी।

मानसून के बाद जरूरी हुआ बिजली तंत्र का ओवरहॉल

इस विशेष अभियान के पीछे सबसे बड़ा कारण मानसून के दौरान बिजली व्यवस्था में आई तकनीकी कमियां हैं। बरसात के मौसम में तेज हवा, आंधी और लगातार नमी के कारण शहर के कई हिस्सों में बिजली के तारों, ट्रांसफार्मरों और ग्रिडों को नुकसान पहुंचा था। कई जगहों पर तार ढीले पड़े, कंडक्टर क्षतिग्रस्त हुए और ट्रांसफार्मरों में तकनीकी खराबी आई। इन सभी कमियों को दूर किए बिना दीपावली जैसे बड़े पर्व पर बढ़ी हुई बिजली मांग को संभालना मुश्किल होगा। इसी को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने त्योहार से पहले पूरे बिजली तंत्र का मेंटेनेंस करने का फैसला लिया है।

मेंटेनेंस में इन कामों पर रहेगा खास फोकस

विशेष अभियान के दौरान बिजली के तारों और कंडक्टर की विस्तृत जांच की जाएगी। ग्रिड के जंपर, छोटी और बड़ी बिजली लाइनों तथा ट्रांसफार्मरों से जुड़े सभी आवश्यक मरम्मत कार्य पूरे किए जाएंगे। मानसून के दौरान आई तकनीकी समस्याओं को ठीक करने और त्योहार के समय अचानक बिजली कटने जैसी स्थिति से बचने के लिए यह कदम उठाया गया है। मेंटेनेंस कार्य को तेजी से पूरा करने के लिए पांचों संभागों की टीमों के साथ एसटीसी और एसटीएम विभाग के कर्मचारियों को भी तैनात किया जाएगा। यानी शहरभर में एक साथ कई टीमें काम करेंगी ताकि तय समयसीमा के भीतर काम निपट जाए।

दीपावली पर 580 मेगावाट तक पहुंच सकती है बिजली की मांग

शहर के अधीक्षण यंत्री मनेंद्र गर्ग के अनुसार दीपावली के दौरान शहर में बिजली की अधिकतम मांग 580 मेगावाट तक पहुंचने का अनुमान है। त्योहार के समय घरों में झालर-लाइटिंग, दुकानों और बाजारों में सजावट तथा औद्योगिक इकाइयों के संचालन से बिजली की खपत में भारी इजाफा होता है। इस मांग को पूरा करने और त्योहार पर बिना किसी रुकावट के बिजली देने के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। बिजली कर्मचारियों की चौबीसों घंटे ड्यूटी लगाई जाएगी ताकि किसी भी खराबी को तुरंत ठीक किया जा सके। इंदौर शहर की संपूर्ण बिजली व्यवस्था 33/11 केवी के 141 ग्रिडों और 11 केवी की 550 फीडर लाइनों पर आधारित है। इतने विशाल नेटवर्क के रख-रखाव के समय अलग-अलग क्षेत्रों में निर्धारित समय के लिए बिजली बंद रहेगी।

सुबह का समय क्यों चुना गया

बिजली कंपनी ने मेंटेनेंस के लिए सुबह का समय इसलिए चुना है ताकि आम उपभोक्ताओं को सबसे कम असुविधा हो। सुबह के घंटों में घरेलू खपत अपेक्षाकृत कम होती है और दुकानें-बाजार बंद रहते हैं। शाम और रात के समय बिजली की मांग सबसे ज्यादा होती है, खासकर त्योहारी सीजन में जब घरों में दीप-मालाएं और लाइटिंग जगमगाती हैं। कंपनी का तर्क है कि सुबह के तीन घंटे के शटडाउन से जो थोड़ी असुविधा होगी, वह दीपावली के दिनों में निर्बाध आपूर्ति के बदले में बेहद छोटी कीमत है।

उपभोक्ताओं के लिए जरूरी सुझाव

बिजली कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे मेंटेनेंस शेड्यूल के दौरान सुबह के समय अपने जरूरी बिजली काम पहले ही निपटा लें। मोबाइल फोन और लैपटॉप की चार्जिंग रात में ही कर लें। पानी की मोटर और अन्य भारी उपकरण सुबह के शटडाउन से पहले चला लें। जिन घरों में इन्वर्टर है, वे उसकी बैटरी की जांच करा लें। त्योहारी खरीदारी और सफाई के दौरान बिजली से जुड़े उपकरणों का सुरक्षित उपयोग करें। कंपनी ने यह भी कहा है कि मेंटेनेंस की जानकारी क्षेत्रवार पहले से दी जाएगी ताकि लोग अपनी दिनचर्या उसी के अनुसार तय कर सकें।

घरेलू उपभोक्ताओं को मिल रही सब्सिडी का लाभ

गौरतलब है कि घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली पर भारी आर्थिक सब्सिडी मिल रही है, जिससे त्योहारी सीजन में भी उनका बिल नियंत्रण में रहता है। राज्य सरकार की सब्सिडी नीति के तहत घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं को निर्धारित सीमा तक की खपत पर रियायती दरों पर बिजली मिलती है। दीपावली के समय जब खपत बढ़ती है, तब यह सब्सिडी और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। कंपनी का कहना है कि सब्सिडी का लाभ सुचारू रूप से जारी रहेगा और मेंटेनेंस अभियान के दौरान भी बिलिंग व शिकायत निवारण की व्यवस्था सक्रिय रहेगी।

क्या कहते हैं अधिकारी

अधीक्षण यंत्री मनेंद्र गर्ग के अनुसार मेंटेनेंस अभियान पूरी तरह नियोजित तरीके से चलाया जा रहा है। हर संभाग में अलग-अलग दिन और समय निर्धारित किए गए हैं ताकि एक साथ पूरे शहर की बिजली बंद न हो। अधिकारियों का कहना है कि मानसून के बाद बिजली तंत्र को मजबूत करना हर साल की परंपरा है, लेकिन इस बार दीपावली की बढ़ती मांग को देखते हुए अभियान का दायरा और बढ़ा दिया गया है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर किसी क्षेत्र में मेंटेनेंस के दौरान कोई आपात स्थिति बनती है तो टीमें तुरंत मौके पर पहुंचेंगी।

आगे क्या

5 नवंबर को मेंटेनेंस अभियान पूरा होने के बाद बिजली कंपनी दीपावली के लिए विशेष कंट्रोल रूम स्थापित करेगी। त्योहार के दिनों में चौबीसों घंटे शिकायत निवारण के लिए अतिरिक्त कर्मचारी तैनात रहेंगे। कंपनी का लक्ष्य है कि इस बार दीपावली पर शहर में एक भी बड़ा फॉल्ट न हो और हर घर में रोशनी का त्योहार पूरी चमक के साथ मनाया जाए। अधिकारियों का दावा है कि पिछले वर्षों के अनुभव के आधार पर तैयारियां इस बार और पुख्ता हैं। अब देखना यह है कि मेंटेनेंस अभियान तय समय पर पूरा होता है या नहीं, और दीपावली पर वादा की गई निर्बाध बिजली शहरवासियों तक पहुंचती है या नहीं।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध स्रोतों और सत्यापन के आधार पर तैयार की गई है। किसी तथ्य में त्रुटि होने पर सुधार प्रकाशित किया जाएगा।

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