इंदौर ब्यूरो
दीपावली के त्योहार से ठीक पहले इंदौर जिला प्रशासन ने मिलावटखोरों और लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने सोमवार 20 अक्टूबर को आयोजित समय-सीमा (टीएल) बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि दीपावली पर मिलावटखोरी करने वालों और अग्नि सुरक्षा में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई तेज की जाए। खाद्य पदार्थों में मिलावट की जांच के अभियान को और प्रभावी बनाया जाएगा। वहीं पटाखा दुकानों और गोदामों में सुरक्षा इंतजामों की नियमित और सघन जांच होगी। बैठक में चार अधिकारियों-कर्मचारियों की लापरवाही सामने आने पर उनके वेतन काटने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि शिकायतों का निराकरण निर्धारित समय-सीमा में और आवेदकों को संतुष्ट करने वाला होना चाहिए।
मिलावटखोरी पर चलेगा विशेष अभियान
त्योहारी सीजन में मिठाइयों, डेयरी उत्पादों, मसालों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग कई गुना बढ़ जाती है। इसी का फायदा उठाकर कुछ तत्व मिलावटखोरी करते हैं, जो आम लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा है। कलेक्टर ने खाद्य सुरक्षा विभाग को निर्देश दिए कि मिलावट की जांच के अभियान को प्रभावी बनाया जाए और संदिग्ध प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की जाए। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। प्रशासन का कहना है कि त्योहार के समय हर घर तक शुद्ध और सुरक्षित खाद्य पदार्थ पहुंचे, यह सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है।
पटाखा दुकानों और गोदामों की होगी सुरक्षा जांच
दीपावली के मद्देनजर पटाखा दुकानों और गोदामों में अग्नि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने को कहा गया है। कलेक्टर ने नियमित और सघन निरीक्षण के निर्देश देते हुए कहा कि दुकान या गोदाम का संचालन लाइसेंसधारी ही करे। बिना सुरक्षा प्रबंधों के दुकान संचालित करने और लाइसेंसधारी के बजाय किसी अन्य व्यक्ति को दुकान या गोदाम चलाते पाए जाने पर लाइसेंस निरस्त किया जा सकता है। सार्वजनिक और संवेदनशील स्थलों पर भी अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की जांच होगी। सुरक्षा मानकों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर एक पटाखा गोदाम पर सीलिंग की कार्रवाई भी की जा चुकी है।
लापरवाही पर चार अधिकारियों का वेतन कटा
बैठक में कलेक्टर ने सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों और लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। चार शिकायतों की रैंडम जांच में लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों का वेतन काटने के निर्देश दिए गए। इनमें स्वास्थ्य विभाग के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर का पांच दिन, परदेशीपुरा अस्पताल के पीएचएम का सात दिन, शासकीय नवीन महाविद्यालय के प्राचार्य का तीन दिन और नगर निगम जोन-10 के वार्ड 39 के उपयंत्री का पांच दिन का वेतन काटने के निर्देश शामिल हैं। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि शिकायतों का निराकरण निर्धारित समय-सीमा में होना चाहिए और आवेदक संतुष्ट होने चाहिए। लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
नापतौल विभाग भी चलाएगा अभियान
त्योहारों में बढ़ती खरीदारी को देखते हुए नापतौल विभाग को भी अभियान चलाकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। दीपावली पर मिठाई, ड्राई फ्रूट्स, तेल-घी और अन्य सामान की खरीद में तौल में गड़बड़ी की शिकायतें अक्सर आती हैं। नापतौल विभाग बाजारों में छापेमारी कर तौल कांटों और माप यंत्रों की जांच करेगा। गलत तौल पाए जाने पर दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई होगी। प्रशासन का कहना है कि उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए यह अभियान जरूरी है।
बैठक में पर्यावरण और मानवाधिकार पर भी चर्चा
बैठक की शुरुआत में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के विशेष प्रतिवेदक सुभाष चंद्र ने जल और पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने महिलाओं, बच्चों और दिव्यांगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए अधिकाधिक कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही। बैठक में अपर कलेक्टर नवजीवन पवार और रिंकेश वैश्य सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। कलेक्टर ने सभी विभागों से कहा कि त्योहारी सीजन में आमजन को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए समन्वय बनाकर काम करें।
त्योहारी सीजन में पहले भी दिखी प्रशासन की सख्ती
गौरतलब है कि दीपावली से पहले जिला प्रशासन पटाखों के सुरक्षित भंडारण और बिक्री को लेकर लगातार सख्ती बरता रहा है। कुछ दिन पहले ही सुरक्षा नियमों की अनदेखी पाए जाने पर एक पटाखा गोदाम को सील किया गया था, जहां जांच में गोदाम तक पहुंचने का रास्ता संकरा मिला था और आग लगने की स्थिति में दमकल के वाहनों के पहुंचने में दिक्कत की आशंका थी। इसके अलावा मंदिरों के पुजारियों और त्योहारी आयोजनों से जुड़े लोगों के साथ भी प्रशासन ने तालमेल बैठकें की थीं। इन सभी कदमों का मकसद एक ही है — त्योहार के दिनों में किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जाए और शहरवासी निश्चिंत होकर पर्व मना सकें।
प्रशासन की सख्ती का संदेश
इस टीएल बैठक से प्रशासन ने एक स्पष्ट संदेश दिया है — त्योहार के समय न तो मिलावटखोरी बर्दाश्त की जाएगी, न ही सुरक्षा मानकों की अनदेखी और न ही अधिकारियों की लापरवाही। वेतन कटौती की कार्रवाई से यह साफ है कि कलेक्टर शिकायतों के निराकरण को लेकर गंभीर हैं। खाद्य सुरक्षा, अग्नि सुरक्षा और उपभोक्ता हित — तीनों मोर्चों पर एक साथ अभियान चलाकर प्रशासन दीपावली को सुरक्षित और सुचारू बनाने की कोशिश में है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में छापेमारी और निरीक्षण की गति और बढ़ेगी। अब देखना यह है कि इन निर्देशों का जमीनी असर कितना होता है और क्या त्योहार के दिनों में शहरवासियों को सच में राहत मिलती है।
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