भोपाल ब्यूरो
दिवाली से ठीक पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कानून-व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला किया है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों (SP) को साफ निर्देश दिया है कि कार्बाइड गन और कार्बाइड दीयों के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। CM ने कहा कि स्थानीय स्तर पर बनाए जा रहे ये उपकरण मानव जीवन के लिए गंभीर खतरा हैं, इसलिए इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी जिले में कोई अप्रिय कानून-व्यवस्था की स्थिति बनी, तो उसके लिए संबंधित कलेक्टर और SP ही जवाबदेह होंगे। मुख्यमंत्री ने बुधवार को मंत्रालय (वल्लभ भवन, भोपाल) से संभागायुक्तों, जिला कलेक्टरों, पुलिस महानिरीक्षकों (IG) और जिला पुलिस अधीक्षकों के साथ वर्चुअल समीक्षा बैठक में ये निर्देश दिए। बैठक में दिवाली समेत आने वाले महीनों के त्योहारों और धार्मिक मेलों की सुरक्षा तैयारियों के साथ ही राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई।
दिवाली पर कार्बाइड गन और दीयों पर पूरी रोक
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि दिवाली के दौरान पटाखों की अवैध बिक्री पर कड़ाई से लगाम लगाई जाए और विस्फोटकों के अवैध भंडारण के खिलाफ अभियान चलाया जाए। खासतौर पर कार्बाइड गन बनाने में इस्तेमाल होने वाले पाइप और कैल्शियम कार्बाइड की बिक्री पर भी रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्बाइड गन और कार्बाइड दीयों के स्थानीय निर्माण पर पूरी तरह प्रतिबंध होना चाहिए, क्योंकि ये उपकरण गंभीर हादसों का कारण बनते हैं। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि नियमों को लागू करते समय छोटे व्यापारियों को परेशान न किया जाए, लेकिन महिलाओं की सुरक्षा और भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस विशेष ध्यान दे।
हादसे हुए तो कलेक्टर-SP की जवाबदेही तय
मुख्यमंत्री ने बैठक में स्पष्ट शब्दों में कहा कि त्योहारों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी तैयारियां पहले से पूरी कर ली जाएं और सुरक्षा व आपातकालीन प्रबंधन पर समन्वय सुनिश्चित किया जाए। CM ने कहा कि जिस जिले में कानून-व्यवस्था को लेकर कोई अप्रिय स्थिति बनेगी, वहां के कलेक्टर और SP से जवाब मांगा जाएगा। यह चेतावनी अधिकारियों के लिए साफ संदेश है कि त्योहारी सीजन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
पिछले साल का भयावह मंजर: बच्चों की आंखों पर बना था खतरा
मुख्यमंत्री की इस सख्ती की वजह पिछले साल दिवाली पर हुए हादसे हैं, जिनका मंजर आज भी लोगों को याद है। पिछली दिवाली के दौरान कार्बाइड गन से हुए हादसों में बड़ी संख्या में लोग घायल हुए थे। भोपाल के हमीदिया अस्पताल में दिवाली के आसपास आंखों की चोटों के दर्जनों मामले आए थे, जबकि दिवाली के अगले ही दिन शहर भर से 150 से अधिक लोग इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे थे। कई घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, लेकिन कुछ लोगों को आंखों, चेहरे और त्वचा पर जलने के कारण अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। सबसे दुखद पहलू यह था कि घायलों में अधिकतर बच्चे थे, जिनकी उम्र 8 से 14 साल के बीच थी। राजधानी के अलावा भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर के अस्पतालों में भी बड़ी संख्या में युवा मरीजों का इलाज किया गया। गंभीर रूप से घायल कुछ लोगों की दोनों आंखों को नुकसान पहुंचा था और उनकी सर्जरी करनी पड़ी थी। इन्हीं हादसों को देखते हुए मुख्यमंत्री ने इस बार पहले से ही सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
दिवाली की रात: एम्बुलेंस से फायर इंजन तक की तैयारी
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि दिवाली की रात प्रमुख स्थानों पर एम्बुलेंस तैनात की जाएं और आसपास के अस्पतालों को अलर्ट पर रखा जाए। संवेदनशील स्थानों पर फायर इंजन और प्रशिक्षित दलों की तैनाती के भी निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत पहुंचाई जा सके। उन्होंने सुरक्षा और आपातकालीन प्रबंधन पर समन्वय सुनिश्चित करने को कहा, जिससे त्योहार शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से मनाया जा सके।
‘जनविश्वास अभियान’: अब जिलों में जमीन पर दिखेंगे अफसर
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान’ की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यह अभियान लोगों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए शुरू किया गया है और यह सरकार की प्राथमिकता है। CM ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान के दौरान जमीन पर उतरकर अधिक से अधिक जनशिकायतों का मौके पर ही समाधान किया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि अब वे बिना किसी पूर्व सूचना के किसी भी जिले में औचक दौरा करेंगे और अभियान में हिस्सा लेंगे। जिन जिलों में जनशिकायतों का बड़ा बैकलॉग है, वहां के कलेक्टरों को लंबित मामलों को न्यूनतम करने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए गए हैं।
CM हेल्पलाइन: सबसे ज्यादा शिकायतें इन्हीं विभागों की
बैठक में यह भी खुलासा हुआ कि CM हेल्पलाइन पर सबसे ज्यादा लंबित शिकायतें राजस्व, महिला एवं बाल विकास, खाद्य और नागरिक आपूर्ति, लोक स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा तथा लोक स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभागों की हैं। मुख्यमंत्री ने इन विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को अपने प्रदर्शन में तत्काल सुधार के निर्देश दिए। इस दौरान मुख्य सचिव अशोक बरनवाल ने कहा कि कुछ कलेक्टर जनविश्वास अभियान को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, जो स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने सभी कलेक्टरों को फील्ड विजिट के माध्यम से जनशिकायतों का समाधान करने और तुरंत अपने प्रदर्शन में सुधार के निर्देश दिए।
स्वामित्व योजना: 1.60 लाख निःशुल्क रजिस्ट्री पूरी
बैठक में राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की भी समीक्षा की गई। इस दौरान बताया गया कि स्वामित्व अधिकार योजना के तहत अब तक 1.60 लाख निःशुल्क रजिस्ट्री पूरी की जा चुकी हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास कार्यक्रमों का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचे और योजनाओं के क्रियान्वयन में कोई ढिलाई न बरती जाए।
आने वाले महीनों के त्योहारों का सुरक्षा खाका
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि दिवाली के साथ ही आने वाले महीनों में कई त्योहार और सामाजिक-धार्मिक मेले आयोजित होंगे। इन सभी के लिए कानून-व्यवस्था की व्यापक व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा को मजबूत करने, भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष निगरानी रखने और महिला सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहारों का माहौल शांतिपूर्ण और सुरक्षित रहे, यह प्रशासन की जिम्मेदारी है और इसमें कोई कोताही बर्दाश्त नहीं होगी।
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