डेस्क रिपोर्ट
दीपावली पर्व से पहले इंदौर जिले में पटाखों के सुरक्षित भंडारण और विक्रय को लेकर जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशन में राजस्व विभाग की टीम ने राऊ तहसील के ग्राम पिगडंबर में एक पटाखा गोदाम का निरीक्षण किया और सुरक्षा मानकों की अनदेखी पाए जाने पर उसे तत्काल प्रभाव से सील कर दिया।
पिगडंबर में क्या मिला
एसडीएम राऊ लोकेंद्र सिंह सरल के निर्देशन में हुई जांच में सामने आया कि ग्राम पिगडंबर में ए.बी. रोड से करीब 250 फीट अंदर सुंदरम पटाखा एजेंसी के नाम से पटाखा गोदाम का संचालन किया जा रहा था।
निरीक्षण के दौरान सबसे गंभीर खामी गोदाम तक पहुंचने वाले रास्ते को लेकर मिली। गोदाम तक जाने वाला रास्ता अत्यंत संकरा पाया गया। वहां से फायर ब्रिगेड जैसे बड़े वाहनों का आवागमन सुगम नहीं था। प्रशासन का मानना है कि आपातकालीन परिस्थितियों में इससे राहत और बचाव कार्य प्रभावित हो सकता था — और पटाखा गोदाम जैसे स्थान पर यही सबसे बड़ा जोखिम है।
नियमों का उल्लंघन
जांच में यह भी सामने आया कि विस्फोटक अधिनियम, 2008 के अंतर्गत निर्धारित सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन नहीं किया जा रहा था। गोदाम में सभी प्रकार की पटाखा सामग्री भंडारित पाई गई, जबकि वहां से बिक्री का कार्य भी किया जा रहा था। प्रशासन ने इसे नियमों के विपरीत पाया। निरीक्षण के दौरान लाइसेंस की शर्तों के उल्लंघन की स्थिति भी सामने आई।
इन अनियमितताओं और जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासनिक टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए गोदाम पर ताला लगाकर उसे सील कर दिया। यह कार्रवाई नायब तहसीलदार राऊ धीरज सोनी और राजस्व टीम की उपस्थिति में की गई।
कलेक्टर का संदेश
कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा है कि दीपावली के दौरान किसी भी प्रकार की जनहानि अथवा दुर्घटना को रोकने के लिए पटाखा कारोबारियों को निर्धारित सुरक्षा मानकों और लाइसेंस की शर्तों का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा। नियमों की अनदेखी करने वाले संचालकों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।

दीपावली पर पटाखा सुरक्षा क्यों जरूरी है
दीपावली के दिनों में पटाखों की मांग बढ़ जाती है और इसी के साथ भंडारण व बिक्री का दबाव भी बढ़ता है। पटाखे विस्फोटक सामग्री की श्रेणी में आते हैं, इसलिए उनके भंडारण के लिए दूरी, हवादार जगह, अग्निशमन व्यवस्था, बिजली के सुरक्षित कनेक्शन और आपातकालीन निकास जैसे मानकों का पालन अनिवार्य होता है। गोदाम में बिक्री का काम होना भी नियमों के विरुद्ध माना जाता है, क्योंकि इससे लोगों की आवाजाही बढ़ती है और जोखिम और बढ़ जाता है।
इसीलिए प्रशासन हर साल दीपावली से पहले गोदामों और दुकानों का निरीक्षण करता है — ताकि त्योहार की खुशी किसी दुर्घटना में न बदल जाए।
कारोबारियों और लोगों के लिए संदेश
प्रशासन का संदेश साफ है — लाइसेंस की शर्तों का पालन करें, सुरक्षा मानकों से समझौता न करें और बिक्री के लिए अधिकृत स्थान का ही इस्तेमाल करें। आम लोगों के लिए भी यही सलाह है कि पटाखे केवल अधिकृत और सुरक्षित दुकानों से ही खरीदें, बच्चों को बिना बड़ों की देखरेख के पटाखे न जलाने दें और भीड़-भाड़ वाली या बंद जगहों पर आतिशबाजी से बचें।
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