इंदौर ब्यूरो
सार: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुसार स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहन देने और महिला स्व-सहायता समूहों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इंदौर कलेक्टर कार्यालय में दीपावली की सजावटी सामग्री का विशेष स्टॉल लगाया गया, जहां कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्वयं खरीदारी कर महिलाओं का उत्साहवर्धन किया और नागरिकों से स्वदेशी उत्पाद अपनाने की अपील की।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुसार स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहित करने तथा महिला स्व-सहायता समूहों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इंदौर कलेक्टर कार्यालय में मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं द्वारा निर्मित दीपावली की सजावटी एवं आकर्षक सामग्री का विशेष स्टॉल लगाया गया। कलेक्टर शिवम वर्मा ने आज स्टॉल का अवलोकन किया तथा स्वयं खरीदारी कर महिलाओं का उत्साहवर्धन किया।
कलेक्टर ने किया स्टॉल का अवलोकन, स्वयं की खरीदारी
कलेक्टर शिवम वर्मा कलेक्टर कार्यालय में लगे इस विशेष स्टॉल पर पहुंचे और वहां प्रदर्शित उत्पादों का अवलोकन किया। उन्होंने महिलाओं से उनके उत्पादों, उनकी निर्माण प्रक्रिया और बिक्री की स्थिति के बारे में जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने स्वयं खरीदारी कर महिलाओं का उत्साहवर्धन किया। कलेक्टर की इस पहल से स्टॉल पर मौजूद महिलाओं में उत्साह देखा गया और यह संदेश गया कि प्रशासन उनके प्रयासों के साथ खड़ा है।
इस अवसर पर कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं को उनके उत्पादों के विक्रय के लिए बेहतर मंच और बाजार उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे वे अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने कहा कि इस तरह के स्टॉल महिलाओं को सीधे ग्राहकों तक पहुंचने का अवसर देते हैं और उनकी मेहनत को सही मूल्य दिलाने में मदद करते हैं।
स्टॉल पर क्या-क्या है खास
दीपावली के अवसर पर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा आकर्षक कलाकृतियां, मिट्टी के दीपक, सजावटी सामग्री तथा गोबर से निर्मित पर्यावरण अनुकूल उत्पाद तैयार किए गए हैं। इन उत्पादों को आम नागरिकों तक पहुंचाने के लिए कलेक्टर कार्यालय में विशेष स्टॉल लगाया गया है।
मिट्टी के दीपक और सजावटी सामग्री दीपावली की पारंपरिक रौनक से जुड़ी हुई हैं, जबकि गोबर से निर्मित पर्यावरण अनुकूल उत्पाद इस बात का उदाहरण हैं कि त्योहार की खुशियां पर्यावरण की रक्षा के साथ भी मनाई जा सकती हैं। महिलाओं द्वारा हाथ से तैयार की गई कलाकृतियां स्थानीय कारीगरी और परंपरा की झलक भी प्रस्तुत करती हैं। कलेक्टर कार्यालय जैसे सार्वजनिक स्थल पर लगे इस स्टॉल से बड़ी संख्या में नागरिकों और कर्मचारियों तक इन उत्पादों की पहुंच बनी है।
ग्रामीण हाट बाजार के मेले को मिला बेहतर प्रतिसाद
कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि आजीविका मिशन की महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पादों के प्रदर्शन एवं विक्रय के लिए ढक्कन वाला कुआ स्थित ग्रामीण हाट बाजार में भी विशेष मेला आयोजित किया गया था। इस मेले को नागरिकों का बेहतर प्रतिसाद मिला और मेले में कुल ढाई लाख रुपये के उत्पादों का विक्रय हुआ।
यह आंकड़ा इस बात का संकेत है कि नागरिक स्थानीय महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों को अपना रहे हैं और स्वदेशी उत्पादों के प्रति रुचि बढ़ रही है। ग्रामीण हाट बाजार का मेला महिलाओं को एक बड़ा मंच देने के साथ ही उनके उत्पादों के लिए एक स्थायी बाजार की संभावना को भी मजबूत करता है।
आज के स्टॉल पर दोपहर तक 40 हजार से अधिक की बिक्री
कलेक्टर कार्यालय में लगे स्टॉल की शुरुआत भी उत्साहजनक रही है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि आज कलेक्टर कार्यालय में लगे स्टॉल के माध्यम से 40 हजार रुपये से अधिक सामग्री का विक्रय दोपहर हो चुका था। दीपावली से पहले के दिनों में इस बिक्री के और बढ़ने की संभावना है, क्योंकि त्योहार नजदीक आने के साथ सजावटी सामग्री और दीपकों की मांग बढ़ती है।
नागरिकों से स्वदेशी उत्पाद अपनाने की अपील
कलेक्टर शिवम वर्मा ने नागरिकों से अपील की कि दीपावली पर्व पर स्थानीय महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा निर्मित स्वदेशी एवं पर्यावरण अनुकूल उत्पादों को प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि जब नागरिक स्थानीय उत्पाद खरीदते हैं, तो उसका लाभ सीधे उन महिलाओं और उनके परिवारों तक पहुंचता है, जो इन उत्पादों को अपनी मेहनत से तैयार करती हैं।
यह अपील स्वदेशी अभियान की मूल भावना से भी जुड़ी हुई है, जिसमें स्थानीय उत्पादन, स्थानीय रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर बल दिया जाता है। दीपावली जैसे बड़े पर्व पर यदि नागरिक स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दें, तो महिला स्व-सहायता समूहों की आर्थिक स्थिति में वास्तविक सुधार आ सकता है।
महिलाओं की आत्मनिर्भरता की दिशा में एक कदम
मध्यप्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं के लिए इस तरह के स्टॉल और मेले केवल बिक्री का माध्यम नहीं हैं, बल्कि आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ठोस कदम हैं। अपने उत्पादों का सीधा विक्रय करने से महिलाओं को बाजार की समझ मिलती है, ग्राहकों से सीधा संपर्क बनता है और उनके व्यवसाय को आगे बढ़ाने का आत्मविश्वास मिलता है।
कलेक्टर कार्यालय में लगा यह विशेष स्टॉल दीपावली के अवसर पर महिलाओं की मेहनत को सम्मान देने और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की एक सार्थक पहल के रूप में देखा जा रहा है। नागरिकों के बेहतर प्रतिसाद से यह उम्मीद भी बंधी है कि आने वाले दिनों में इस तरह के और मंच महिलाओं को उपलब्ध कराए जाएंगे।
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