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इंदौर सेमीकंडक्टर समिट-2026 का पहला दिन: CM मोहन यादव से उद्योगपतियों की वन-टू-वन बैठकें, लालवाला का ₹1,200 करोड़ और उना इकोसिस्टम्स का ₹2,000 करोड़ निवेश प्रस्ताव; अबूधाबी की कंपनी का ₹22,197 करोड़ प्रस्ताव भी चर्चा में

सांकेतिक चित्र: सेमीकंडक्टर चिप और तकनीकी उद्योग

इंदौर ब्यूरो

इंदौर में आयोजित दो दिवसीय 'मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर समिट-2026' के पहले दिन शुक्रवार को निवेश को लेकर बड़ा माहौल देखने को मिला। ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग (ESDM), डेटा सेंटर, क्वांटम कंप्यूटिंग, डिजिटल हेल्थ और AVGC-XR जैसे क्षेत्रों की देश-विदेश की कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ वन-टू-वन बैठकें कीं। इन बैठकों में कंपनियों ने प्रदेश में अरबों रुपये के निवेश के प्रस्ताव रखे, जिनमें इंदौर के लिए लालवाला इंडस्ट्रीज़ का ₹1,200 करोड़ और भोपाल के लिए उना इकोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड का ₹2,000 करोड़ का प्रस्ताव सबसे प्रमुख रहा। समिट का शुभारंभ भी शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने ही किया था।

पहले दिन की बैठकों में बियॉन्ड स्टूडियोज़ ने ₹110 करोड़ के निवेश के साथ AVGC-XR सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का प्रस्ताव रखा, जिससे करीब 6,000 युवाओं को रोजगार के अवसर मिलने की बात कही गई। वहीं अबूधाबी की कंपनी सीएमपी इन्वेस्ट की ओर से करीब ₹22,197 करोड़ के निवेश प्रस्ताव की चर्चा भी समिट में रही। समिट के तय कार्यक्रम के अनुसार दूसरे दिन यानी 24 अक्टूबर को चिप प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्टार्टअप से जुड़े सत्र होंगे।

लालवाला इंडस्ट्रीज़ का ₹1,200 करोड़ का प्रस्ताव, इंदौर में बनेगी अत्याधुनिक इकाई

पहले दिन की सबसे बड़ी घोषणाओं में लालवाला इंडस्ट्रीज़ का निवेश प्रस्ताव रहा। कंपनी के प्रतिनिधि सौरभ हरिवदन लालवाला और सिद्धार्थ लालवाला ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मुलाकात कर इंदौर में ₹1,200 करोड़ के निवेश का बड़ा प्रस्ताव रखा। कंपनी ने बताया कि प्रस्तावित योजना के तहत आगामी पांच वर्षों में इंदौर में चरणबद्ध तरीके से ₹1,200 करोड़ का निवेश कर एक अत्याधुनिक विनिर्माण इकाई स्थापित की जाएगी। इस परियोजना के जरिए प्रदेश में 300 कुशल और तकनीकी युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे।

बैठक में कंपनी ने इंदौर में माइक्रोवेव और रेडियो फ्रीक्वेंसी (आरएफ) जनरेटर तथा गैलियम नाइट्राइड (GaN) डिवाइस के निर्माण की विस्तृत कार्ययोजना भी साझा की। कंपनी का मानना है कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना से प्रदेश में उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षमता का तेजी से विस्तार होगा और सेमीकंडक्टर उद्योग की राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति शृंखला को भी मजबूती मिलेगी।

लालवाला इंडस्ट्रीज़ गुजरात के सूरत में स्थित सेमीकंडक्टर और ESDM क्षेत्र की अग्रणी कंपनी है। कंपनी 2450 मेगाहर्ट्ज (MHz) के हाई-पावर सॉलिड-स्टेट माइक्रोवेव जनरेटर बनाती है, जिनका उपयोग सेमीकंडक्टर चिप निर्माण में एचिंग और डिपॉजिशन उपकरणों में किया जाता है। इसके अलावा कंपनी सेमीकंडक्टर पैकेजिंग के लिए सिरेमिक और प्लास्टिक पैकेज, प्रोसेस गैस और केमिकल्स की आपूर्ति में भी सक्रिय है। मध्यप्रदेश में इस इकाई के जरिए कंपनी प्रदेश में अपना पहला कदम रखेगी।

भोपाल के EMC-2 में उना इकोसिस्टम्स का ₹2,000 करोड़ निवेश, 2,000 से अधिक रोजगार

पहले दिन मुख्यमंत्री ने उना इकोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ विशाल सिंह एवं हेड-ऑपरेशंस लोकेंद्र अग्रवाल से भी मुलाकात की और प्रदेश में कंपनी की प्रस्तावित निवेश योजनाओं की समीक्षा की। बैठक में कंपनी ने भोपाल के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर-2 (EMC-2) में ₹2,000 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव रखा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के माध्यम से प्रदेश में 2,000 से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होंगे, जिनमें 500 से अधिक प्रत्यक्ष और 1,500 से अधिक अप्रत्यक्ष रोजगार शामिल हैं।

अहमदाबाद स्थित उना इकोसिस्टम्स इलेक्ट्रिक वाहनों, सौर ऊर्जा, औद्योगिक उपकरणों और ओईएम उपयोग के लिए सुरक्षित एवं फास्ट-चार्जिंग लिथियम-आयन सेल और बैटरी समाधान तैयार करती है। कंपनी की परियोजना की शुरुआत जापान से हुई थी। वर्तमान में कंपनी की मध्यप्रदेश में उपस्थिति नहीं है, और भोपाल के EMC-2 में कंपनी 'हाई-एलएमओ' तकनीक पर आधारित नेक्स्ट-जनरेशन लिथियम-आयन सेल विनिर्माण की ग्रीनफील्ड इकाई स्थापित करने की योजना बना रही है। मुख्यमंत्री ने कंपनी के प्रतिनिधियों को जनवरी 2027 में आयोजित होने वाले 'ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट' (GIS-2027) में भाग लेने के लिए भी आमंत्रित किया।

बियॉन्ड स्टूडियोज़ का ₹110 करोड़ का AVGC-XR केंद्र, 6,000 युवाओं को मौके

समिट के पहले दिन मुख्यमंत्री से बियॉन्ड स्टूडियोज़ के संस्थापक एवं सीईओ भारत भूषण (सेबेस्टियन नोआ अकोस्टा जूनियर) ने भी वन-टू-वन भेंट की। बैठक में कंपनी ने मध्यप्रदेश में ₹110 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव रखा, जिससे प्रदेश के लगभग 6,000 युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होने की बात कही गई।

भारत भूषण ने बताया कि बियॉन्ड स्टूडियोज़ मध्यप्रदेश में एक अत्याधुनिक एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स एवं एक्सटेंडेड रियलिटी (AVGC-XR) स्टूडियो अथवा 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस' स्थापित करने की इच्छुक है। इसके माध्यम से स्थानीय कलाकारों और तकनीकी प्रतिभाओं को वैश्विक स्तर का प्रशिक्षण देकर उन्हें उद्योग के अनुकूल तैयार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने उन्हें भी जनवरी 2027 में आयोजित होने वाले 'ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट' में भाग लेने हेतु आमंत्रित किया।

अबूधाबी की कंपनी का ₹22,197 करोड़ प्रस्ताव, 21 कंपनियों से वन-टू-वन चर्चा

समिट में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर व डेटा सेंटर तैयार करने वाली अबूधाबी की कंपनी सीएमपी इन्वेस्ट के करीब ₹22,197 करोड़ के निवेश प्रस्ताव की भी चर्चा रही। नईदुनिया की रिपोर्ट के अनुसार कंपनी के प्रतिनिधि मुख्यमंत्री से व्यक्तिगत रूप से मिलकर अपने निवेश प्रस्ताव रखने वाले थे। इसके अलावा साइटेक आरई, सिफी टेक्नोलॉजीज, एनार ग्रुप एवं जेएलएल के साथ डेटा सेंटर एवं अवसंरचना पर चर्चा का कार्यक्रम तय था।

रिपोर्ट के अनुसार सेमीकंडक्टर, ESDM, डेटा सेंटर, AVGC-XR, क्वांटम एवं डिजिटल हेल्थ क्षेत्र की कुल 21 कंपनियों के प्रतिनिधियों की मुख्यमंत्री व मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम लिमिटेड के प्रतिनिधियों के साथ वन-टू-वन बैठकें तय की गई थीं। इनमें सेमीकंडक्टर क्षेत्र में स्पिंट्रानिक्स AI, डिजिकाम सेमीकंडक्टर एवं यूएसटी ग्लोबल के निवेश प्रस्ताव, चिप डिज़ाइन पर इंडसिलिका, स्प्राम्स, नैनोड्राइट्स एवं वायुलिंक के साथ चर्चा, ESDM में केंस टेक्नोलॉजी के निवेश प्रस्ताव तथा स्पर्श CCTV के साथ सुरक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स पर विचार-विमर्श शामिल था। अन्य प्रौद्योगिकियों में क्वांटिनुअम (क्वांटम कंप्यूटिंग), धनुष हेल्थकेयर (डिजिटल हेल्थ), निरजी सेमीकंडक्टर्स (सेमीकंडक्टर कौशल विकास) तथा IICT एवं बियॉन्ड स्टूडियोज़ (AVGC-XR) के संबंध में बैठकें तय थीं।

पांच संस्थानों से MoU, IT Park-4 में सात कंपनियों को LOI

समिट में कौशल विकास और इकोसिस्टम निर्माण को लेकर भी बड़े कदम उठाए गए। रिपोर्ट के अनुसार समिट में पांच प्रमुख संस्थानों के साथ एमओयू का कार्यक्रम तय था। इनमें इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर स्किल्स काउंसिल ऑफ इंडिया (ESSCI) के साथ इलेक्ट्रॉनिक्स, ESDM एवं सेमीकंडक्टर क्षेत्र में उद्योग-आधारित प्रशिक्षण, प्रशिक्षकों का प्रशिक्षण, आकलन एवं प्रमाणन; सेमी इंडिया के साथ निवेश प्रोत्साहन एवं सुविधा, वैश्विक उद्योग से जुड़ाव, इकोसिस्टम एवं औद्योगिक पार्क विकास; सेमी-कंडक्टर लेबोरेटरी (SCL), मोहाली के साथ चिप डिज़ाइन एवं डिज़ाइन सेवाएं, SCL फैब में चिप निर्माण एवं पैकेजिंग सहयोग तथा प्रदेश के अभियांत्रिकी संस्थानों हेतु प्रशिक्षण; और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज़ (IICT), मुंबई के साथ मध्यप्रदेश में AVGC-XR सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, संयुक्त पाठ्यक्रम, फैकल्टी विकास, छात्र इंटर्नशिप एवं स्टार्टअप इन्क्यूबेशन पर सहयोग शामिल है।

वहीं मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम (MPSEDC) द्वारा परदेशीपुरा स्थित IT Park-4 में सात कंपनियों को 44,816 वर्ग फुट कार्यालय स्थान हेतु आशय-पत्र (LOI) देने का कार्यक्रम भी तय था। इनमें सेमीकंडक्टर डिज़ाइन एवं अनुसंधान हेतु एडीटी सेमीकंडक्टर्स (मेवेन सिलिकॉन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस सहित), स्पिंट्रानिक्स AI सेमीकंडक्टर्स, ट्रूचिप सॉल्यूशंस, एच-सेमी प्रोडक्ट्स (सिंगापुर) एवं किष्किंधा इंटरनेशनल; AVGC-XR हेतु इक्ष्वाकुमीडिया; तथा IT/ITES हेतु SFA टेक्नोलॉजीज़ शामिल हैं।

दूसरे दिन का एजेंडा: चिप तकनीक, AI और स्टार्टअप पर मंथन

समिट के तय कार्यक्रम के अनुसार दूसरे दिन यानी 24 अक्टूबर को चिप प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद निर्माण, डिजाइन सेवाओं, अनुसंधान एवं विकास तथा प्रतिभा संवर्धन जैसे विषयों पर चर्चा होगी। फोटोनिक्स एवं क्वांटम प्रौद्योगिकी और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) से संबंधित बैठकें भी आयोजित होंगी। समिट के समापन समारोह में 'मध्यप्रदेश सेमिकॉन स्टार्टअप प्रतियोगिता' के अंतिम चरण में चयनित विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा।

सेमीकंडक्टर नीति-2025 और आगे की राह

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए 'मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर नीति-2025' को मंजूरी दी है। इस नीति के माध्यम से प्रदेश में सेमीकंडक्टर उद्योग की स्थापना, निवेश और तकनीकी गतिविधियों को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है। समिट के पहले दिन आए निवेश प्रस्तावों और दूसरे दिन होने वाली चर्चाओं के बाद प्रदेश को सेमीकंडक्टर हब के रूप में विकसित करने की दिशा में ठोस कदम आगे बढ़ने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री द्वारा कई कंपनियों को जनवरी 2027 में होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में आमंत्रित किया जाना भी इसी दिशा में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध स्रोतों और सत्यापन के आधार पर तैयार की गई है। किसी तथ्य में त्रुटि होने पर सुधार प्रकाशित किया जाएगा।

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