डेस्क रिपोर्ट
आज शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 को आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि है। शारदीय नवरात्रि का सातवां दिन है और आज मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की पूजा का दिन है। सूर्योदय के समय सप्तमी तिथि प्राप्त हो रही है, इसलिए सप्तमी का व्रत और मां कालरात्रि की पूजा आज ही मान्य है।
आज के पंचांग की मुख्य जानकारी
वार: शनिवार
तिथि: शुक्ल पक्ष की षष्ठी सुबह 5:54 बजे तक, इसके बाद सप्तमी
नक्षत्र: मूल सुबह 9:46 बजे तक, इसके बाद पूर्वाषाढ़ा
योग: अतिगंड रात 10:59 बजे तक, इसके बाद सुकर्मा
करण: तैतिल सुबह 5:54 बजे तक, गर शाम 7:12 बजे तक
पक्ष: शुक्ल पक्ष
विक्रम संवत्: 2083
शक संवत्: 1948
चंद्र राशि: धनु
ऋतु: शरद
सूर्योदय, सूर्यास्त, चंद्रोदय, चंद्रास्त (भोपाल)
सूर्योदय: सुबह 6:17 बजे
सूर्यास्त: शाम 5:53 बजे
चंद्रोदय: दोपहर 12:07 बजे
चंद्रास्त: रात 10:48 बजे
शुभ मुहूर्त (भोपाल)
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:41 बजे से 5:29 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:42 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 12:05 बजे से 12:28 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:53 बजे से 6:17 बजे तक
अशुभ काल (भोपाल)
राहुकाल: सुबह 9:11 बजे से 10:38 बजे तक
गुलिक काल: सुबह 6:17 बजे से 7:44 बजे तक
यमगंड: दोपहर 1:32 बजे से 2:59 बजे तक
दुर्मुहूर्त: सुबह 10:56 बजे से 11:44 बजे तक
नवरात्रि का सातवां दिन — मां कालरात्रि
आज नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा होती है। मां कालरात्रि का स्वरूप उग्र माना जाता है, लेकिन भक्तों के लिए वे शुभंकरी हैं — भय दूर करने वाली और रक्षा करने वाली। आज के दिन गुड़ का भोग, संध्या दीपक और “ॐ देवी कालरात्र्यै नमः” मंत्र के जाप की परंपरा है।
नोट: पंचांग की गणनाएं परंपरागत ज्योतिषीय पद्धति पर आधारित हैं और स्थान के अनुसार कुछ मिनट का अंतर संभव है। यह जानकारी श्रद्धा और परंपरा के अनुसार दी गई है, किसी भी कार्य के लिए अपने पुरोहित या पंचांग से पुष्टि कर लें।
डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध स्रोतों और सत्यापन के आधार पर तैयार की गई है। किसी तथ्य में त्रुटि होने पर सुधार प्रकाशित किया जाएगा।
