पन्ना ब्यूरो। मध्यप्रदेश के पन्ना जिले की धरती एक बार फिर सोने की तरह चमक उठी। यहां रत्नगर्भा खदान में खुदाई कर रही एक आदिवासी महिला श्रमिक को एक ही दिन में चार हीरे एक साथ मिले, जिनका कुल वजन 5.16 कैरेट है। खबर मिलते ही हीरा कार्यालय के अधिकारी खदान पहुंचे और नियमानुसार चारों हीरों को हीरा कार्यालय में जमा कर लिया गया। अनुमान है कि आगामी नीलामी में इन हीरों से महिला श्रमिक को लाखों रुपये मिल सकते हैं।
खुदाई के दौरान चमकी किस्मत
बताया जा रहा है कि महिला श्रमिक खदान में प्रतिदिन की तरह खनिज की खुदाई में जुटी थी, तभी उसकी नजर जमीन में चमकते हुए पत्थरों पर पड़ी। पहले उसे लगा कि ये आम पत्थर हैं, लेकिन ध्यान से देखने पर वे हीरे जैसे चमकीले निकले। सूचना मिलते ही हीरा कार्यालय की टीम मौके पर पहुंची और जांच के बाद चारों हीरों को अपने कब्जे में ले लिया।
हीरा कार्यालय में जमा, नीलामी में होगा फैसला
पन्ना जिले में हीरा मिलने पर उसे हीरा कार्यालय में जमा करना अनिवार्य है। वहां विशेषज्ञ हीरों की गुणवत्ता, वजन और रंग की जांच करते हैं। इसके बाद समय-समय पर इन हीरों की नीलामी आयोजित होती है। नीलामी से मिली राशि से शासकीय रायल्टी काटकर शेष पैसा उस खनिज पट्टाधारक या मजदूर को दिया जाता है, जिसे हीरा मिला था।
चारों हीरों का कुल वजन 5.16 कैरेट है, जिसे अच्छा खासा माना जा रहा है। हीरा व्यापार से जुड़े जानकारों का मानना है कि अगर हीरों की गुणवत्ता अच्छी निकली, तो नीलामी में ये लाखों रुपये तक जा सकते हैं। इससे महिला श्रमिक के परिवार की आर्थिक स्थिति पूरी तरह बदल सकती है।
पन्ना: हीरों की धरती
मध्यप्रदेश का पन्ना जिला अपने हीरों के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है। यहां निजी खदानों और शासकीय पट्टों पर हजारों श्रमिक खुदाई का काम करते हैं। पहले भी कई गरीब श्रमिकों को यहां हीरे मिल चुके हैं, जिनकी नीलामी में उन्हें मोटी रकम मिली है। यही कारण है कि पन्ना को हीरों की धरती कहा जाता है।
हीरा कार्यालय के अधिकारियों के अनुसार, चारों हीरों को सुरक्षित रूप से जमा कर लिया गया है और अगली नीलामी में इन्हें रखा जाएगा। नीलामी की तारीख की घोषणा जल्द ही की जाएगी।

