संडे डायरी — हर रविवार, एक अच्छी खबर। इस रविवार की कहानी आपके अपने प्रदेश की उस तस्वीर की है, जो अब दुनिया को अपनी तरफ़ खींच रही है।
इस हफ़्ते भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट का सातवां संस्करण संपन्न हुआ — और इस बार यह महज़ एक आयोजन नहीं, प्रदेश के पर्यटन की नई शुरुआत साबित हुआ। दुनिया भर के 34 देशों के 100 से अधिक विदेशी टूर ऑपरेटर, देश के 180 से ज़्यादा घरेलू ऑपरेटर और 600 से अधिक स्टेकहोल्डर एक ही मंच पर जुटे। पिछले साल 27 देशों के 90 विदेशी प्रतिनिधि आए थे — इस बार 7 नए देश भी जुड़ गए।
तीन हज़ार सात सौ उनतीस करोड़ का भरोसा
पर्यटन क्षेत्र में निजी क्षेत्र से लगभग 3,729 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं — लग्ज़री होटल, वेलनेस रिसॉर्ट, गोल्फ कोर्स, वॉटरफ्रंट रिट्रीट्स और वन्यजीव लॉज विकसित करने की योजनाएं। इन परियोजनाओं से न सिर्फ़ प्रदेश के प्रमुख पर्यटन केंद्रों की सुविधाएं विश्वस्तरीय होंगी, बल्कि दूर-दराज़ के इलाकों में भी आधुनिक अधोसंरचना पहुंचेगी और स्थानीय स्तर पर हज़ारों नए रोज़गार के अवसर पैदा होंगे।
इसी दौरान 1,100 करोड़ रुपये से ज़्यादा के निवेश प्रस्तावों और अनुबंधों को अंतिम रूप भी दे दिया गया। इनमें सबसे बड़ा है सीहोर जिले के रामगढ़ में 848.40 करोड़ रुपये का मेगा पर्यटन प्रोजेक्ट — अंतरराष्ट्रीय स्तर का गोल्फ कोर्स, गोल्फ विला, वेलनेस रिसॉर्ट और लग्ज़री होटल। इससे करीब 920 लोगों को सीधे रोज़गार मिलने का अनुमान है, और बड़ी संख्या में अप्रत्यक्ष रोज़गार के द्वार खुलेंगे।
10,263 बैठकें — पिछले साल से 14% ज़्यादा
व्यावसायिक संवाद की दृष्टि से यह आयोजन ऐतिहासिक रहा — कुल 10,263 बिज़नेस-टू-बिज़नेस बैठकें हुईं, जो पिछले साल के करीब 9,000 से 14 प्रतिशत ज़्यादा हैं। इन बैठकों ने प्रदेश के स्थानीय टूर प्रमोटर्स, होटल संचालकों और ग्रामीण होमस्टे वालों को सीधे अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से जोड़ा। यानी अब प्रदेश के किसी भी कोने का छोटा होमस्टे भी विदेशी मेहमानों तक पहुंच सकेगा।
संस्कृति भी, तकनीक भी
शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्य प्रदेश पर्यटन विकास निगम का बहुभाषी NiVU AI एक्सप्लोरर लॉन्च किया — अब पर्यटक क्यूआर कोड स्कैन कर कई भाषाओं में पर्यटन स्थलों की जानकारी पा सकेंगे। प्रदेश पर्यटन की आधिकारिक वेबसाइट अब हिंदी-अंग्रेज़ी के अलावा जर्मन, स्पैनिश, फ्रेंच और जापानी भाषाओं में भी उपलब्ध होगी।
और सांस्कृतिक प्रस्तुति ‘अमृतस्य मध्यप्रदेश’ ने तो विदेशी मेहमानों का दिल ही जीत लिया — 100 से अधिक कलाकारों ने भीमबेटका, सांची, खजुराहो, ग्वालियर, ओरछा की ऐतिहासिक विरासत के साथ महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर और मां नर्मदा की झलक एक ही मंच पर उतारी। कार्यक्रम का समापन मां नर्मदा की आरती और वर्ष 2028 के सिंहस्थ कुंभ की झलकियों से हुआ।
इस रविवार, अपने प्रदेश की इस कामयाबी पर गर्व कीजिए — जो धरती कभी पर्यटन नक्शे के किनारे थी, वह अब दुनिया के निवेशकों की पहली पसंद बन रही है।
संडे डायरी — हर रविवार, प्रदेश 24 न्यूज़ पर।
(फोटो: सौजन्य: जनसंपर्क, मध्यप्रदेश)
