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MP TET: ’11 अक्टूबर’ तक बढ़ी आवेदन की डेडलाइन, तीसरी बार मिली मोहलत — फिर भी शिक्षक बोले ‘फॉर्म नहीं भरेंगे’

एमपी टीईटी आवेदन की डेडलाइन 11 अक्टूबर तक बढ़ी — शिक्षक प्रशिक्षण (सांकेतिक तस्वीर) फोटो: विकिमीडिया कॉमन्स / डॉ. बालकृष्ण (CC BY-SA 4.0), सांकेतिक तस्वीर

भोपाल ब्यूरो। मध्यप्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के आवेदन की अंतिम तारीख एक बार फिर बढ़ा दी गई है। अब शिक्षक 11 अक्टूबर तक आवेदन कर सकेंगे। यह तीसरी बार है जब आवेदन की डेडलाइन आगे खिसकाई गई है — पहले 18 सितंबर, फिर 5 अक्टूबर और अब 11 अक्टूबर अंतिम तिथि तय की गई है। अमर उजाला के अनुसार, आवेदन के बाद 12 अक्टूबर तक फॉर्म में संशोधन भी किया जा सकेगा।

सिर्फ 23 हजार आवेदन, विभाग बढ़ा रहा दबाव

डेडलाइन बढ़ाने के बावजूद अब तक सिर्फ 23 हजार से ज्यादा शिक्षकों ने ही आवेदन किया है। स्वदेश न्यूज़ के अनुसार, आवेदन कम आने के बाद स्कूल शिक्षा विभाग ने जिला शिक्षा अधिकारियों और संकुल प्राचार्यों के जरिए शिक्षकों से व्यक्तिगत संपर्क कर आवेदन पूरा कराने के निर्देश दिए हैं। शिक्षक संगठनों का आरोप है कि इस तरह अधिकारियों के माध्यम से शिक्षकों पर परीक्षा में शामिल होने का दबाव बनाया जा रहा है, जबकि सरकार को उनकी आपत्तियों पर बातचीत करनी चाहिए।

कक्षा में पढ़ते विद्यार्थी और शिक्षक (सांकेतिक तस्वीर)
फोटो: विकिमीडिया कॉमन्स (CC BY-SA 2.0), सांकेतिक तस्वीर

नीलम पार्क में धरने के आठवें दिन भूख हड़ताल

राजधानी भोपाल के नीलम पार्क में 27 सितंबर से शिक्षकों का अनिश्चितकालीन धरना चल रहा है। धरने के आठवें दिन शिक्षकों ने क्रमिक भूख हड़ताल शुरू कर दी — पहले दिन दमोह, जबलपुर और मंडला के शिक्षक भूख हड़ताल पर बैठे। शिक्षकों ने कहा है कि टीईटी की अनिवार्यता समाप्त करने समेत उनकी लंबित मांगों पर सरकार जब तक ठोस निर्णय नहीं लेती, आंदोलन जारी रहेगा।

‘किस पद के लिए दें परीक्षा?’ — शिक्षकों का सवाल

आंदोलनरत शिक्षकों का कहना है कि वे वर्षों से सरकारी सेवा में हैं — कई ने 1998 में शिक्षाकर्मी के रूप में सेवा शुरू की, 2011 में अध्यापक बने और 2024 में उन्हें उच्च माध्यमिक शिक्षक का प्रभार मिला। ऐसे में उनका सवाल है कि अब उन्हें आखिर किस पद के लिए पात्रता परीक्षा देनी होगी। शिक्षक संगठन परीक्षा शुल्क का भी विरोध कर रहे हैं — उनका कहना है कि वर्षों से सेवारत शिक्षकों से पात्रता जांच के नाम पर शुल्क लेना उचित नहीं है।

मंत्री की अपील — ‘फॉर्म भरें, आंदोलन खत्म करें’

द सूत्र के अनुसार, स्कूल शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों से फॉर्म भरने और आंदोलन खत्म करने की अपील की है। वहीं अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा का दावा है कि आंदोलन स्थल से शिक्षकों से आवेदन न करने की अपील की जा रही है, इसलिए बड़ी संख्या में शिक्षकों ने अब तक फॉर्म नहीं भरा है। मोर्चा की मांग है कि तमिलनाडु और जम्मू-कश्मीर की तर्ज पर लंबे समय से सेवारत शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से राहत देने का प्रस्ताव पारित किया जाए।

पृष्ठभूमि: ऑफलाइन होगी परीक्षा, एमपी बोर्ड कराएगा

यह पात्रता परीक्षा उन सेवारत शिक्षकों के लिए है, जिन्होंने शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत आयोजित टीईटी अब तक उत्तीर्ण नहीं की है। लोक शिक्षण संचालनालय के आदेश के अनुसार परीक्षा अब ऑफलाइन (पेन-पेपर) मोड में माध्यमिक शिक्षा मंडल, भोपाल द्वारा आयोजित की जाएगी, जबकि आवेदन कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) के पोर्टल से ही भरे जाएंगे। परीक्षा केंद्र शिक्षकों के अपने कार्यरत जिले के मुख्यालय पर होगा और सीटीईटी उत्तीर्ण शिक्षकों को छूट दी गई है।

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