भोपाल ब्यूरो। मध्यप्रदेश में मेडिकल की पढ़ाई का सपना देखने वाले विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर आई है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए जारी सीट मैट्रिक्स के अनुसार प्रदेश में एमबीबीएस की 520 सीटें बढ़ा दी गई हैं। इसके साथ ही प्रदेश में एमबीबीएस की कुल सीटों की संख्या बढ़कर 6,120 हो गई है। बढ़ी हुई सीटें नीट यूजी 2026 की काउंसलिंग में शामिल होंगी, जिससे प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को पहले से अधिक विकल्प मिलेंगे।

सरकारी कॉलेजों में 120, निजी कॉलेजों में 400 सीटें बढ़ीं
जारी सीट मैट्रिक्स के अनुसार प्रदेश के 34 मेडिकल कॉलेजों में सीटों का विस्तार हुआ है। इनमें 20 सरकारी और 14 निजी मेडिकल कॉलेज शामिल हैं। सरकारी कॉलेजों में पहले से एमबीबीएस की 2,900 सीटें थीं, जिनमें 120 सीटें बढ़ाकर 3,020 कर दी गई हैं। वहीं निजी कॉलेजों में सीटों की संख्या 2,700 से बढ़ाकर 3,100 कर दी गई है। यानी बढ़ी हुई 520 सीटों में करीब 77 प्रतिशत हिस्सेदारी निजी कॉलेजों की और करीब 23 प्रतिशत हिस्सेदारी सरकारी कॉलेजों की है।
नीट यूजी काउंसलिंग में मिलेगा सीधा फायदा
सीटों में हुई बढ़ोतरी का सीधा फायदा नीट यूजी के जरिए एमबीबीएस में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को मिलेगा। हालांकि विभाग ने स्पष्ट किया है कि कॉलेजवार सीटों की संख्या, श्रेणीवार आरक्षण और प्रवेश की वास्तविक उपलब्धता काउंसलिंग की अंतिम सीट मैट्रिक्स के अनुसार ही तय होगी। विद्यार्थियों को सलाह दी गई है कि वे काउंसलिंग के समय आधिकारिक सीट मैट्रिक्स से ही पुष्टि करें।
सीटों के साथ गुणवत्ता पर भी जोर की जरूरत
मेडिकल शिक्षा से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि सीटों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ शिक्षा की गुणवत्ता पर भी समान रूप से ध्यान देना जरूरी है। केवल सीटें बढ़ाने से चिकित्सा शिक्षा का उद्देश्य पूरा नहीं होगा। मेडिकल कॉलेजों में पर्याप्त और गुणवत्तापूर्ण क्लासरूम, छात्रावास, प्रयोगशालाएं, लाइब्रेरी और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध होना जरूरी है, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और प्रशिक्षण मिल सके।
