इंदौर ब्यूरो। आगामी नवरात्रि पर्व के दृष्टिगत शहर में शांति, कानून-व्यवस्था एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने को लेकर गुरुवार को पुलिस आयुक्त नगरीय इंदौर श्री संतोष कुमार सिंह द्वारा पुलिस अधिकारियों की बड़ी बैठक ली गई। बैठक में तय किया गया कि त्योहारों के दौरान शांति, सुरक्षा एवं सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने और सुगम यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए व्यापक बंदोबस्त किए जाएंगे। गरबा आयोजनों में नियमों के पालन, CCTV से लेकर आपातकालीन सुविधाओं तक की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। महिला सुरक्षा पर विशेष फोकस रहेगा — शक्ति मोबाइल की सतत पेट्रोलिंग होगी और मनचलों पर तत्काल कार्रवाई होगी। असामाजिक तत्वों व बदमाशों पर कड़ी निगरानी के लिए फेस रिकग्नाइज कैमरों का भी उपयोग होगा।
इंदौर, 09 अक्टूबर 2026। बैठक में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (अपराध एवं मुख्यालय) श्री आर.के. सिंह, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था) श्री मयंक अवस्थी सहित सभी पुलिस उपायुक्त, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, सहायक पुलिस आयुक्त एवं थाना प्रभारी उपस्थित रहे।
बैठक में पुलिस आयुक्त श्री संतोष कुमार सिंह ने आगामी त्योहारों के दौरान शहर में शांति एवं सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने, अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण रखने तथा नागरिक हर्षोल्लास से त्योहार मनाएं, इसके के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में दिए गए प्रमुख दिशा-निर्देश
1. नवरात्रि पर्व के दौरान सुरक्षा व्यवस्था
- सभी प्रमुख मंदिरों, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों एवं संवेदनशील स्थानों पर भीड़ की स्थिति का आकलन कर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाए तथा लगातार निगरानी रखी जाए।
- श्रद्धालुओं की आवाजाही सुगम बनाए रखने, भीड़ नियंत्रण हेतु प्रभावी यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
- त्योहारों के दौरान सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जाए तथा किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल मुस्तैद रखा जाए।
- प्रत्येक गरबा आयोजन की विधिवत अनुमति ली है और सुरक्षा हेतु सभी निर्धारित शर्तों के पालन किया जा रहा है, सुनिश्चित किया जाए।
- सभी आयोजन स्थलों पर पर्याप्त वॉलंटियर्स तैनात हों, जो भीड़ प्रबंधन तथा यातायात व पार्किंग आदि की व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।
- आयोजन स्थल के प्रवेश एवं निकास द्वारों पर समुचित व्यवस्था रखी जाए तथा संदिग्ध गतिविधियों की रोकथाम के लिए प्रवेश करने वाले व्यक्तियों की सतर्कतापूर्वक जांच की जाए।
- प्रत्येक आयोजन स्थल पर CCTV कैमरे क्रियाशील रहें तथा आवश्यकतानुसार अग्निशमन उपकरण, मेडिकल सहायता एवं आपातकालीन निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
- नशे की हालत में आने वाले व्यक्तियों की पहचान के लिए आयोजक आवश्यकतानुसार ब्रेथ एनालाइजर से भी जांच करें तथा किसी भी अप्रिय घटना की आशंका पर तत्काल पुलिस को सूचित करें।
- आयोजनों में ऐसी किसी गतिविधि की अनुमति न दी जाए, जिससे किसी की धार्मिक भावनाएं आहत हों अथवा शांति एवं सौहार्द प्रभावित हो।
- महिला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस की शक्ति मोबाइल टीम द्वारा गरबा स्थलों, प्रमुख मंदिरों, बाजारों एवं अन्य भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में लगातार पेट्रोलिंग की जाए तथा असामाजिक तत्वों की कड़ी निगरानी की जाए।
- महिलाओं से छेड़छाड़ करने वाले मनचलों एवं अन्य असामाजिक तत्वों को चिह्नित कर उनके विरुद्ध तत्काल प्रभावी वैधानिक कार्रवाई की जाए।
- सभी थाना प्रभारी व अन्य अधिकारीगण अपने-अपने क्षेत्रों में शांति समिति एवं मोहल्ला समितियों की बैठकें आयोजित कर आयोजकों एवं गणमान्य नागरिकों के साथ समन्वय स्थापित करें तथा स्थानीय स्तर पर सामने आने वाली समस्याओं का समय रहते निराकरण करें।
- सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने, अफवाह फैलाने अथवा तनाव उत्पन्न करने वाली गतिविधियों पर सतत निगरानी रखी जाए।
- सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली भ्रामक, आपत्तिजनक एवं भड़काऊ सामग्री की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा नियमानुसार त्वरित वैधानिक कार्रवाई की जाए।
साथ ही पुलिस कमिश्नर श्री संतोष कुमार सिंह ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्थाओं की स्वयं समीक्षा करें तथा दिए गए निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें। त्योहारों के दौरान नागरिकों की सुरक्षा, महिला सुरक्षा, सांप्रदायिक सौहार्द एवं सुगम यातायात व्यवस्था के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो। पुलिस अधिकारी सतत निगरानी, बेहतर समन्वय एवं सक्रिय मैदानी पुलिसिंग के माध्यम से यह सुनिश्चित करें कि सभी आयोजन शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित वातावरण में संपन्न हों।
फोटो: प्रदेश 24 न्यूज़ (मालिक द्वारा उपलब्ध)
