Headlines

इंदौर में कल ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पैदल मार्च: सुभाष नगर से पाटनीपुरा तक कदमताल, मुख्यमंत्री मोहन यादव भी होंगे शामिल

सांकेतिक चित्र: लाल किले पर भारतीय ध्वज सांकेतिक चित्र: लाल किले पर भारतीय ध्वज

इंदौर ब्यूरो

सार: भारतीय जनता पार्टी के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ‘ अभियान के तहत 30 अक्टूबर को इंदौर में बड़ा पैदल मार्च निकलेगा। यह मार्च सुबह सुभाष नगर चौराहे से शुरू होकर पाटनीपुरा चौराहे तक जाएगा। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और पार्टी के वरिष्ठ नेता शामिल होंगे।

कल सुबह सुभाष नगर से शुरू होगा मार्च

इंदौर में भाजपा का पैदल मार्च 30 अक्टूबर, शुक्रवार की सुबह सुभाष नगर चौराहे से शुरू होगा। यह मार्च एलआईजी चौराहा मार्ग से होते हुए पाटनीपुरा चौराहे तक पहुंचेगा। पार्टी ने इस कार्यक्रम के लिए पंजीयन की व्यवस्था की है और कार्यकर्ताओं व समर्थकों से इसमें शामिल होने की अपील की गई है। नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी लोगों से मार्च में भाग लेने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा है कि देशभर में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ और ‘अराजकता हटाओ, लोकतंत्र बचाओ’ आंदोलन चल रहा है और इंदौर का मार्च उसी कड़ी का हिस्सा है।

विजयवर्गीय का बयान: ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे’ कोई कैसे कह सकता है?

पैदल मार्च से पहले जारी अपने संदेश में कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि देश की प्रगति कुछ लोगों को देखी नहीं जा रही है और देश में अराजकता फैलाने की कोशिश हो रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सवाल उठाया कि कोई यह कैसे कह सकता है कि भारत के टुकड़े होंगे। विजयवर्गीय ने कहा कि पूर्वजों ने देश की आजादी और अखंडता के लिए बलिदान दिया है और उसी विरासत की रक्षा के लिए समाज के सभी वर्गों, व्यापारियों और प्रबुद्ध जनों को एकजुट होना होगा। उन्होंने दुनिया के दूसरे देशों का जिक्र करते हुए कहा कि फ्रांस, इटली और अल्बानिया में भी अराजकता की स्थिति है और भारत ने अपने पड़ोसी देशों बांग्लादेश, श्रीलंका और नेपाल को बिखरते देखा है। उनका कहना था कि ऐसे हालात में भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था और राष्ट्रीय एकता को मजबूत रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है।

सांकेतिक चित्र: लाल किले पर भारतीय ध्वज
सांकेतिक चित्र: लाल किले पर भारतीय ध्वज

अभियान की पृष्ठभूमि: एसआईआर और चुनाव प्रक्रिया पर आरोपों का जवाब

भाजपा का कहना है कि यह अभियान विपक्षी दलों की ओर से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर और चुनाव प्रक्रिया को लेकर लगाए जा रहे आरोपों का तथ्यों के आधार पर जवाब देने के लिए चलाया जा रहा है। पार्टी के अनुसार, कार्यकर्ता बूथ स्तर पर घर-घर पहुंचकर लोगों को सही जानकारी देंगे और जिला व विधानसभा स्तर पर पदयात्राएं निकालेंगे। यह अभियान 5 नवंबर तक चलेगा और इसके तहत प्रदेश के सात शहरों में बड़े कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। ‘राष्ट्र चिंतन संवाद’ कार्यक्रम के तहत स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों से संवाद भी किया जा रहा है। 26 अक्टूबर को भोपाल में हुई भाजपा प्रदेश कोर ग्रुप की बैठक में आगामी कार्यक्रमों और तीन शहरों की रैलियों पर चर्चा हुई थी। उसी बैठक में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर की गई टिप्पणी पर निंदा प्रस्ताव भी पारित किया गया था। भाजपा ने इस टिप्पणी को अपने अभियान के कारणों में से एक बताया है।

तैयारियां पूरी, रूट का निरीक्षण हो चुका

इंदौर में पैदल मार्च की तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं। तैयारियों के तहत सोमवार को मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा, विधायक रमेश मेंदोला, विधायक गोलू शुक्ला और महापौर पुष्यमित्र भार्गव सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी तय रास्ते का निरीक्षण करने पहुंचे थे। इस दौरान रास्ते में होने वाली व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया और अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए। पार्टी के नगर अध्यक्ष के अनुसार, यह पैदल मार्च एक बड़े जनआक्रोश प्रदर्शन के रूप में दिखेगा, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी, व्यापारिक संगठनों के प्रमुख और हजारों की संख्या में जागरूक नागरिक शामिल होंगे।

तीन शहरों में कार्यक्रम, इंदौर से शुरुआत

भाजपा का यह अभियान केवल इंदौर तक सीमित नहीं है। पार्टी की ओर से घोषित कार्यक्रम के अनुसार, इंदौर के बाद आने वाले दिनों में जबलपुर और भोपाल में भी इसी अभियान के तहत बड़े कार्यक्रम होंगे। भोपाल में प्रस्तावित रैली के लिए बारकोड के माध्यम से पंजीयन की प्रक्रिया गुरुवार से शुरू हो गई है और पार्टी ने उस रैली में एक लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य रखा है। इंदौर की पदयात्रा के लिए पंजीयन भी गुरुवार से शुरू हो गया है, जबकि भोपाल और जबलपुर की यात्रा के लिए शुक्रवार से पंजीयन होंगे। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने इन रैलियों की घोषणा की है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव व पीयूष गोयल भी इन कार्यक्रमों में शामिल हो सकते हैं। जबलपुर और भोपाल की रैलियों की अंतिम तारीखों को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में अलग-अलग तारीखें सामने आई हैं, इसलिए इस खबर में केवल इंदौर के कार्यक्रम की पुष्टि की गई तारीख दी जा रही है।

दूसरे पक्ष का रुख

इंदौर में होने वाले पैदल मार्च को लेकर विपक्षी दल कांग्रेस की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि कुछ रिपोर्टों में यह चर्चा है कि कांग्रेस के पदाधिकारी उन्हीं जिलों में प्रेसवार्ता आयोजित कर सरकार के कामकाज पर सवाल उठाने की तैयारी कर रहे हैं। यह जानकारी अभी रिपोर्टों के स्तर पर है और कांग्रेस की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। भाजपा का कहना है कि उसका अभियान शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से चलाया जा रहा है, जबकि विपक्ष इसे राजनीतिक कार्यक्रम बता रहा है। दोनों पक्षों के रुख के बीच यह अभियान प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बना हुआ है।

मार्च के बाद क्या होगा

इंदौर के पैदल मार्च के बाद भी यह अभियान जारी रहेगा। पार्टी के कार्यक्रम के अनुसार, 5 नवंबर तक प्रदेश के सात शहरों में आयोजन होंगे और कार्यकर्ता घर-घर संपर्क के जरिये लोगों तक पहुंचेंगे। अभियान के तहत जिला और विधानसभा स्तर पर भी पदयात्राएं निकाली जाएंगी। इंदौर का मार्च इस अभियान का पहला बड़ा शहरी आयोजन माना जा रहा है, क्योंकि इसमें मुख्यमंत्री और केंद्रीय नेताओं की मौजूदगी की चर्चा है। मार्च के बाद पार्टी की ओर से आगे के कार्यक्रमों की रूपरेखा भी सामने आएगी।

इंदौर के लिए क्यों अहम है यह मार्च

इंदौर प्रदेश का सबसे बड़ा व्यावसायिक शहर है और यहां होने वाले राजनीतिक आयोजनों पर पूरे प्रदेश की नजर रहती है। सुभाष नगर से पाटनीपुरा तक का मार्ग शहर के घनी आबादी वाले इलाकों से गुजरता है, इसलिए इस मार्च में बड़ी संख्या में लोगों के जुड़ने की उम्मीद जताई जा रही है। पार्टी का मानना है कि इस मार्च के जरिये वह सामाजिक एकजुटता और राष्ट्रीय अखंडता का संदेश देगी। दूसरी ओर, इस आयोजन की तैयारियों और इसमें शामिल होने वाले नेताओं की सूची से यह भी साफ है कि पार्टी इसे केवल एक स्थानीय कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रदेशव्यापी अभियान की शुरुआत के रूप में देख रही है। कल सुबह होने वाले इस मार्च पर राजनीतिक हलकों के साथ-साथ आम लोगों की भी नजर रहेगी।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध स्रोतों और सत्यापन के आधार पर तैयार की गई है। किसी तथ्य में त्रुटि होने पर सुधार प्रकाशित किया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

दैनिक संपूर्ण प्रदेश — आपका अपना अख़बार