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मुख्यमंत्री मोहन यादव का आज चार जिलों का दौरा: इंदौर पदयात्रा, डिंडौरी बलराम महोत्सव और नरसिंहपुर-जबलपुर कार्यक्रम

सांकेतिक चित्र: भोपाल का वल्लभ भवन सांकेतिक चित्र: भोपाल का वल्लभ भवन

भोपाल ब्यूरो

सार: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को चार जिलों के दौरे पर रहेंगे। दिन की शुरुआत उज्जैन से होगी, इसके बाद वे इंदौर में पदयात्रा में शामिल होंगे, जबलपुर से डिंडौरी के बलराम कृषि महोत्सव से वर्चुअल माध्यम से जुड़ेंगे, नरसिंहपुर के गोटेगांव में स्थानीय कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे और शाम को जबलपुर में बैठक तथा अभिनंदन समारोह में शामिल होकर रात को भोपाल लौटेंगे।

आज का पूरा कार्यक्रम एक नजर में

मुख्यमंत्री का शुक्रवार का कार्यक्रम सुबह से रात तक बंटा हुआ है। तय कार्यक्रम के अनुसार वे सुबह उज्जैन से इंदौर पहुंचेंगे और सुबह 11:15 बजे इंदौर में आयोजित पैदल मार्च में शामिल होंगे। इसके बाद दोपहर में वे इंदौर से जबलपुर जाएंगे। जबलपुर में रहते हुए वे दोपहर 2:25 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से डिंडौरी में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव से जुड़ेंगे। दोपहर 3:20 बजे वे जबलपुर से नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव पहुंचेंगे, जहां स्थानीय कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। शाम को वापस जबलपुर लौटकर शाम 6 बजे एक अहम बैठक में शामिल होंगे और शाम 7 बजे अभिनंदन समारोह में जाएंगे। रात 9:15 बजे वे जबलपुर से भोपाल के लिए रवाना होंगे।

इस दौरे में राजनीतिक कार्यक्रम, कृषि से जुड़ा संवाद और प्रशासनिक बैठक — तीनों तरह के काम शामिल हैं। यही कारण है कि आज का दिन मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों के लिहाज से सबसे व्यस्त दिनों में गिना जा रहा है।

इंदौर पदयात्रा: सुभाष नगर से पाटनीपुरा तक कदमताल

सांकेतिक चित्र: भोपाल का वल्लभ भवन
सांकेतिक चित्र: भोपाल का वल्लभ भवन

इंदौर में शुक्रवार सुबह 10 बजे से पदयात्रा निकाली जा रही है। यह यात्रा सुभाष नगर चौराहे से शुरू होकर पाटनीपुरा चौराहे तक जाएगी। यात्रा के समापन पर पाटनीपुरा में एक सभा भी आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सुबह 11:15 बजे इस पैदल मार्च में शामिल होंगे और करीब दो किलोमीटर लंबी पदयात्रा में हिस्सा लेंगे।

इस पदयात्रा में केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया मुख्य वक्ता के रूप में शामिल होंगे। इसके अलावा भाजपा के प्रदेश प्रभारी बिप्लब कुमार देब, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और मंत्री तुलसीराम सिलावट के भी शामिल होने की जानकारी दी गई है। भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा और अभियान के नगर संयोजक सुधीर कोल्हे ने यात्रा की तैयारियों की जानकारी दी है।

यह पदयात्रा ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत निकाली जा रही है। यह अभियान 22 अक्टूबर से 5 नवंबर तक चल रहा है। आयोजकों का कहना है कि इस यात्रा के माध्यम से लोगों को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर प्रक्रिया की वास्तविकता से अवगत कराया जाएगा। आयोजकों का दावा है कि यात्रा में करीब एक लाख लोग शामिल होंगे। यह दावा आयोजकों की ओर से किया गया है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी सामने नहीं आई है।

इस मुद्दे पर कांग्रेस की ओर से आज की इस पदयात्रा को लेकर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है। राजनीतिक कार्यक्रमों में एक पक्ष के दावों के साथ दूसरे पक्ष की स्थिति का उल्लेख करना जरूरी होता है, इसलिए इस खबर में यह बात स्पष्ट रूप से दर्ज की जा रही है कि विपक्ष की ताजा प्रतिक्रिया का इंतजार है।

पदयात्रा के मार्ग पर गुरुवार शाम से ही मंच लगाए गए थे, जिससे मुख्य मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ था। शुक्रवार को यात्रा के दौरान भी मार्ग पर विशेष यातायात व्यवस्था की गई है, ताकि आम लोगों को कम से कम परेशानी हो।

डिंडौरी के बलराम कृषि महोत्सव से वर्चुअल जुड़ाव

इंदौर कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री दोपहर करीब 2:10 बजे जबलपुर पहुंचेंगे। वहां से वे दोपहर 2:25 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए डिंडौरी में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव से जुड़ेंगे। इस महोत्सव में कृषि विभाग से जुड़े कार्यक्रम और किसानों से संवाद शामिल है।

बलराम कृषि महोत्सव का मकसद किसानों को आधुनिक खेती की जानकारी देना और परंपरागत खेती के साथ विविध खेती के फायदे समझाना है। इससे पहले भी इस श्रृंखला के तहत मुख्यमंत्री कई जिलों के कार्यक्रमों से जुड़ चुके हैं। इन कार्यक्रमों में किसानों को फसल विविधीकरण, उन्नत बीज, सिंचाई की नई तकनीक और बाजार से जुड़ाव जैसे विषयों पर जानकारी दी जाती है।

किसान कल्याण वर्ष के तहत प्रदेश में कृषि से जुड़े कार्यक्रमों पर विशेष जोर दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री का मानना रहा है कि अकेली फसल पर निर्भरता के बजाय विविध खेती से किसानों की कमाई बढ़ सकती है। डिंडौरी का कार्यक्रम भी इसी कड़ी का हिस्सा है, जिसमें स्थानीय किसानों की भागीदारी रहेगी।

नरसिंहपुर के गोटेगांव में स्थानीय कार्यक्रम

दोपहर 3:20 बजे मुख्यमंत्री जबलपुर से नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव पहुंचेंगे। वहां वे स्थानीय कार्यक्रमों में शामिल होंगे। गोटेगांव में आयोजित कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों से संवाद भी शामिल रहेगा।

नरसिंहपुर जिला कृषि और ग्रामीण विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे दौरों में स्थानीय समस्याओं और विकास कार्यों की सीधी जानकारी मिलती है, जो आगे की योजनाओं में काम आती है। मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान जिला प्रशासन की ओर से भी तैयारियां की गई हैं।

गोटेगांव कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री शाम करीब 5:05 बजे वापस जबलपुर लौटेंगे। इस तरह दोपहर का एक बड़ा हिस्सा नरसिंहपुर जिले के कार्यक्रमों को दिया गया है।

जबलपुर में बैठक और अभिनंदन समारोह

शाम 6 बजे मुख्यमंत्री जबलपुर सर्किट हाउस में एक अहम बैठक लेंगे। इस बैठक में प्रशासनिक और संगठनात्मक विषयों पर चर्चा होने की जानकारी है। बैठकों का यह दौर दिन भर के कार्यक्रमों की समीक्षा और आगे की तैयारियों के लिए अहम माना जाता है।

इसके बाद शाम 7 बजे मुख्यमंत्री तिलवारा रोड स्थित होटल में आयोजित अभिनंदन समारोह में शामिल होंगे। इस समारोह में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों की मौजूदगी रहेगी। अभिनंदन समारोह के बाद रात 9:15 बजे मुख्यमंत्री जबलपुर से भोपाल के लिए रवाना होंगे।

जबलपुर संभाग प्रदेश का महत्वपूर्ण प्रशासनिक और सांस्कृतिक केंद्र है। यहां की बैठकों और कार्यक्रमों में लिए गए फैसलों का असर पूरे महाकौशल क्षेत्र पर पड़ता है। यही वजह है कि मुख्यमंत्री के जबलपुर प्रवास को राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों लिहाज से अहम माना जा रहा है।

जन विश्वास अभियान की पृष्ठभूमि

शुक्रवार का दिन प्रदेश में जन विश्वास अभियान के तहत भी खास होता है। इस अभियान की शुरुआत 7 अगस्त को हुई थी। इसके तहत मुख्यमंत्री, मंत्री, मुख्य सचिव, विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, संभागायुक्त, कलेक्टर और जिला स्तर के अधिकारी प्रत्येक शुक्रवार जनता के बीच जाते हैं। इस दिन कोई बड़ी सरकारी बैठक नहीं रखी जाती, बल्कि अधिकारी मैदान में रहकर लोगों की मुश्किलें सुनते हैं और उनका समाधान करते हैं।

अभियान के चार स्तंभ बताए गए हैं — संवाद, समाधान, संवेदनशीलता और सादगी। इसके तहत सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों, जनसुनवाई के लंबित मामलों और लोक सेवा से जुड़े प्रकरणों के निपटारे पर जोर दिया जाता है। जिलों में लगने वाले शिविरों में ग्रामीण अपनी समस्याएं दर्ज करा सकते हैं और मौके पर ही कई मामलों का निराकरण भी किया जाता है।

आज के दौरे में भी यही भावना झलकती है — मुख्यमंत्री दिन भर अलग-अलग जिलों में लोगों के बीच रहेंगे, उनकी बात सुनेंगे और कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे।

क्यों अहम है आज का दौरा

आज के दौरे की अहमियत कई स्तरों पर है। पहला, यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब प्रदेश में स्थापना दिवस की तैयारियां चल रही हैं और 1 से 3 नवंबर तक भोपाल में राज्योत्सव आयोजित किया जाएगा। दूसरा, कृषि महोत्सवों की श्रृंखला के जरिए सरकार किसानों तक सीधे पहुंचने की कोशिश कर रही है। तीसरा, राजनीतिक अभियान के तहत हो रही पदयात्राएं आने वाले दिनों में भी जारी रहेंगी।

इंदौर प्रदेश का सबसे बड़ा व्यावसायिक शहर है और यहां होने वाली पदयात्रा में बड़ी संख्या में लोगों के जुटने का दावा किया गया है। जबलपुर और नरसिंहपुर के कार्यक्रमों से महाकौशल क्षेत्र में सरकार की मौजूदगी भी मजबूत होगी। इस तरह एक ही दिन में चार जिलों का दौरा प्रशासनिक सक्रियता का संदेश देता है।

आगे क्या

आज रात भोपाल लौटने के बाद मुख्यमंत्री के अगले कार्यक्रमों की ओर सबकी नजर रहेगी। आगामी दिनों में जबलपुर और भोपाल में भी इसी अभियान के तहत कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। इसके अलावा 1 नवंबर को प्रदेश के स्थापना दिवस के अवसर पर भोपाल में राज्योत्सव का शुभारंभ भी होना है, जिसमें मुख्यमंत्री शामिल होंगे।

आज के दौरे से जुड़ी तस्वीरें और कार्यक्रमों का ब्योरा सामने आने के बाद इस खबर को आगे भी अपडेट किया जा सकेगा। फिलहाल तय कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री का दिन सुबह उज्जैन से शुरू होकर रात भोपाल में समाप्त होगा।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध स्रोतों और सत्यापन के आधार पर तैयार की गई है। किसी तथ्य में त्रुटि होने पर सुधार प्रकाशित किया जाएगा।

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