दिल्ली ब्यूरो। बंगाल की खाड़ी क्षेत्र के सात देशों के गृह मंत्री आज पहली बार नई दिल्ली में एक टेबल पर बैठेंगे। भारत की मेजबानी में हो रहे BIMSTEC गृह मंत्रियों के इस ऐतिहासिक सम्मेलन की अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। बैठक में आतंकवाद, संगठित अपराध और नारकोटिक्स जैसे साझा सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए संयुक्त रणनीति पर चर्चा होगी।
शाह ने ‘X’ पर किया था ऐलान
अमित शाह ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर इस बैठक की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि यह बैठक सदस्य देशों को साझा सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में सहयोग मजबूत करने के लिए एक मंच पर लाएगी। शाह ने BIMSTEC देशों के गृह मंत्रियों और प्रतिनिधिमंडलों का स्वागत भी किया।

किन मुद्दों पर होगी चर्चा
बैठक के एजेंडे में आतंकवाद, अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध, मादक पदार्थों की तस्करी, कट्टरपंथ, मानव तस्करी, अवैध वित्तीय प्रवाह और साइबर खतरों जैसे विषय शामिल हैं। माना जा रहा है कि सातों देश इन चुनौतियों से निपटने के लिए निर्णायक समन्वय और सूचनाओं के आदान-प्रदान पर सहमति बनाएंगे।
सात सदस्य देश एक मंच पर
BIMSTEC यानी बंगाल की खाड़ी बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग पहल के सदस्य देश हैं — बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड। 1997 में स्थापित इस क्षेत्रीय समूह का यह पहला गृह मंत्रियों का सम्मेलन है, जो दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया के बीच सुरक्षा सहयोग को नई दिशा दे सकता है।
क्यों अहम है यह बैठक
यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब क्षेत्र में सीमा-पार अपराध, ड्रग तस्करी और साइबर फ्रॉड के नेटवर्क तेजी से फैल रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि गृह मंत्रियों के स्तर पर सीधा संवाद खुफिया जानकारी साझा करने और संयुक्त अभियानों की राह आसान करेगा। उल्लेखनीय है कि इसी सप्ताह दिल्ली में ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम का पहला भारत संस्करण भी हो रहा है, जिसमें प्रधानमंत्री समेत 500 से अधिक वैश्विक नेता हिस्सा ले रहे हैं — ऐसे में राजधानी इस हफ्ते वैश्विक कूटनीति का केंद्र बनी हुई है।
फोटो: Wikimedia Commons (CC BY-SA 4.0 / GODL-India)
