भोपाल ब्यूरो। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को भोपाल के भेल दशहरा मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय गोपालक सम्मेलन में बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि 31 दिसंबर 2029 के बाद मध्य प्रदेश में युवाओं के लिए नशे की कोई जगह नहीं रहेगी। 11 जिलों से आए करीब 35 हजार गोपालकों की मौजूदगी में उन्होंने दूध उत्पादन के आंकड़े गिनाते हुए कांग्रेस पर सीधा निशाना साधा।
कांग्रेस पर सीधा हमला, गिनाए दूध उत्पादन के आंकड़े
विपक्ष पर निशाना साधते हुए गृह मंत्री ने कहा कि कांग्रेस के नेता उनसे हिसाब मांगते हैं, इसलिए वे काम का हिसाब देने आए हैं। उन्होंने बताया कि कांग्रेस के 75 वर्षों के शासन में देश का दूध उत्पादन 14.07 करोड़ टन तक पहुंचा था, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केवल 10 वर्षों में इसे बढ़ाकर 25 करोड़ टन कर दिया गया। प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता भी 2014-15 के 307 ग्राम से 58 प्रतिशत बढ़कर अब 485 ग्राम पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि दुनिया में भारत सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है और शीर्ष 5 राज्य भाजपा शासित हैं।
गोशालाओं को 101 करोड़, उज्जैन में 255 करोड़ का डेयरी प्लांट
सम्मेलन के दौरान प्रदेश की गोशालाओं को 101 करोड़ रुपये की अनुदान राशि वितरित की गई। गृह मंत्री ने उज्जैन में 255 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले अत्याधुनिक डेयरी प्लांट का वर्चुअल भूमिपूजन किया, जिसमें प्रतिदिन 3 लाख लीटर दूध प्रसंस्करण की क्षमता होगी। इसके अलावा भोपाल में 40 हजार लीटर दैनिक क्षमता वाले फर्मेंटेड प्रोडक्ट डेयरी प्लांट और सहकारी क्षेत्र की पहली अत्याधुनिक राज्य स्तरीय डेयरी परीक्षण प्रयोगशाला का शुभारंभ भी किया गया।
सेक्स-सॉर्टेड सीमन प्रयोगशाला, लखपति दीदियों का सम्मान
भोपाल में 12 करोड़ रुपये की लागत से बनी केंद्रीय प्रयोगशाला का जिक्र करते हुए गृह मंत्री ने बताया कि शिवपुरी में मिनी डेयरी प्लांट और 50 एकड़ भूमि पर नस्ल सुधार केंद्र स्थापित होगा। यहां ऐसी तकनीक विकसित की जाएगी, जिससे बछड़ों की जगह बछिया के जन्म की संभावना बढ़ेगी। सम्मेलन में भोपाल की लखपति गौपालक दीदियों को सम्मानित किया गया और डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के स्वीकृति पत्र सौंपे गए।
नए कानूनों पर भी बोले शाह
नए आपराधिक कानूनों पर आयोजित राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि अंग्रेजों के बनाए कानून औपनिवेशिक शासन बचाने के लिए थे, जबकि नए कानून नागरिकों के सम्मान और सुरक्षा के लिए बने हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अब एफआईआर के बाद सुप्रीम कोर्ट तक की पूरी कानूनी प्रक्रिया 3 साल के भीतर पूरी होकर दोषी को सजा दिलाने की व्यवस्था की गई है।
फोटो: प्रदेश 24 न्यूज़ (फाइल फोटो)
