देवास ब्यूरो
सार: दीपावली से पहले देवास नकली मावा कार्रवाई में खाद्य विभाग के विशेष दल ने दो दुकानों से 705 किलो नकली मावा और मिठाई जब्त की, जबकि कुल करीब 1050 किलो अमानक मिठाइयाँ और 30 लीटर दूध नष्ट किया गया। पकड़ी गई मिठाइयाँ प्रतिबंधित एनालॉग मावे से बनी थीं और मौके पर हुई जाँच में इनके नमूने फेल पाए गए।
दीपावली से ठीक पहले देवास में मिठाइयों की शुद्धता को लेकर प्रशासन ने बड़ा अभियान छेड़ा है। कलेक्टर नेहा मीना के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग और जिला प्रशासन के विशेष दल ने शहर की मिठाई दुकानों पर छापेमारी की। गुरुवार को हुई कार्रवाई में नयापुरा स्थित न्यू स्वदेशी स्वीट्स और राजस्थानी स्वीट्स पर एक साथ छापा मारा गया। जाँच दल ने दोनों दुकानों से कुल 705 किलो मावा और मिठाई जब्त की। इसके बाद जब्त सामग्री को ट्रेंचिंग ग्राउंड ले जाकर नष्ट कर दिया गया। प्रशासन के अनुसार कुल करीब 1050 किलो अमानक मिठाइयाँ और 30 लीटर दूध नष्ट किया गया है।
दो दुकानों पर छापा, 705 किलो मावा-मिठाई जब्त
कार्रवाई की शुरुआत नयापुरा स्थित न्यू स्वदेशी स्वीट्स से हुई। जाँच दल ने यहाँ से करीब 550 किलो मिलावटी और संदिग्ध मिठाइयाँ जब्त कीं। जाँच में सामने आया कि ये मिठाइयाँ प्रतिबंधित एनालॉग मावे से बनाई जा रही थीं। मौके पर ही मावे के नमूनों की त्वरित जाँच कराई गई, जिसमें नमूने फेल पाए गए। इसके बाद टीम ने दुकान का गोदाम सील कर दिया। दुकान पर रखे इलेक्ट्रॉनिक तराजू में भी अनियमितता मिली, जिस पर नापतौल विभाग ने अलग से कार्रवाई की।
दूसरी कार्रवाई राजस्थानी स्वीट्स पर हुई, जहाँ से करीब 155 किलो मावा, मिठाई और बर्फी मिली। टीम ने यह सामग्री फ्रिज में ही सील कर दी। दोनों दुकानों को मिलाकर कुल 705 किलो मावा और मिठाई जब्त की गई। तहसीलदार हरिओम ठाकुर ने बताया कि दोनों स्थानों पर मावे की मौके पर ही त्वरित नमूना जाँच कराई गई थी। जाँच में डिटर्जेंट और यूरिया की मात्रा वाला नमूना फेल पाया गया। जाँच में यह भी सामने आया कि यह मावा खाने योग्य नहीं था और गुणवत्ता की कसौटी पर खरा नहीं उतरता था।
देवास नकली मावा: एनालॉग मावा क्या है और क्यों है खतरनाक
एनालॉग मावा दूध से बना असली मावा नहीं होता। यह सस्ते विकल्पों से तैयार किया जाता है और इसी वजह से मध्यप्रदेश में इस पर रोक लगी हुई है। असली मावे की जगह एनालॉग मावे से बनी मिठाई खाने से सेहत को नुकसान पहुँच सकता है, क्योंकि इसमें वे पोषक तत्व नहीं होते जो दूध से बने मावे में होते हैं। त्योहारों के समय मिठाइयों की माँग अचानक बढ़ जाती है और इसी का फायदा उठाकर कुछ व्यापारी सस्ता एनालॉग मावा इस्तेमाल करके मिठाइयाँ तैयार करते हैं। देवास में पकड़ी गई मिठाइयों के नमूनों में डिटर्जेंट और यूरिया जैसी चीजों की मात्रा मिली, जो यह बताता है कि यह मावा न केवल मिलावटी था, बल्कि खाने के लायक भी नहीं था।

पहले भी पकड़ा जा चुका है यह प्रतिष्ठान
न्यू स्वदेशी स्वीट्स पर यह पहली कार्रवाई नहीं है। इसी प्रतिष्ठान पर रक्षाबंधन के समय भी बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित एनालॉग मावा पकड़ा गया था। उस समय भी प्रशासन ने यहाँ से करीब एक हजार किलो मावा और मिठाई जब्त करके नष्ट की थी और मामला दर्ज किया गया था। अगस्त के अंत में भी इस दुकान पर कार्रवाई हुई थी, जब करीब 200 किलो एनालॉग मावा जब्त करके गोदाम सील किया गया था। इसके बावजूद दुकान पर दोबारा वही गड़बड़ी पाई गई। यही वजह है कि इस बार प्रशासन ने दुकान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी की है। बार-बार एक ही प्रतिष्ठान पर मिलावट का मामला सामने आना प्रशासनिक निगरानी पर भी सवाल खड़े करता है, लेकिन साथ ही यह भी दिखाता है कि जाँच दल त्योहारों के समय लगातार सक्रिय है।
लाइसेंस निरस्त होगा, FIR की तैयारी
प्रशासन ने न्यू स्वदेशी स्वीट्स के संचालक का लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। साथ ही खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत संचालक के खिलाफ मामला दर्ज कराने की तैयारी भी चल रही है। अपर कलेक्टर की अदालत में नया मामला दर्ज कराया जाएगा। नायब तहसीलदार कपिल गुर्जर के अनुसार दुकान का लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। एक ही प्रतिष्ठान पर दूसरी बार कार्रवाई होने के बाद अब आगे की प्रशासनिक कार्रवाई पर सबकी नजर है। प्रशासन का कहना है कि त्योहारों के इस मौसम में जन-स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यापारी को छोड़ा नहीं जाएगा और आने वाले दिनों में भी जाँच का यह अभियान जारी रहेगा।
कलेक्टर ने त्योहारों के लिए बनाए विशेष दल
कलेक्टर नेहा मीना ने त्योहारों को देखते हुए जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और स्वास्थ्यकर परिस्थितियों को सुनिश्चित करने के लिए विशेष जाँच दलों का गठन किया है। अपर कलेक्टर संजीव कुमार जैन को इस अभियान का नोडल अधिकारी और जिला आपूर्ति अधिकारी दिनेश अहिरवार को सहायक नोडल अधिकारी बनाया गया है। ये दल शहर के साथ-साथ जिले के अन्य हिस्सों में भी मिठाई दुकानों, डेयरियों और खाद्य प्रतिष्ठानों की जाँच कर रहे हैं। जाँच के दौरान नमूने लेकर उन्हें प्रयोगशाला भेजा जा रहा है और मौके पर त्वरित जाँच भी कराई जा रही है। प्रशासन का कहना है कि त्योहारों के समय लोगों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना उसकी पहली प्राथमिकता है।
इंदौर में भी बड़ी कार्रवाई, प्रदेशभर में अभियान
देवास नकली मावा कार्रवाई अकेली नहीं है। दीपावली से पहले प्रदेशभर में खाद्य सुरक्षा विभाग मिलावटखोरों पर कार्रवाई कर रहा है। इंदौर में भी खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई हुई है, जहाँ दो प्रतिष्ठानों से 1.20 लाख रुपये का संदिग्ध मावा जब्त करके 11 नमूने लिए गए हैं। इससे पहले अहीरखेड़ी में नकली मावा बनाने वाली फैक्ट्री सील की गई थी, जहाँ से 341 किलो सामग्री जब्त हुई थी। देशभर में भी दीपावली से पहले हजारों किलो नकली सामान बरामद किया गया है। यह अभियान बताता है कि त्योहारों के समय मिलावट का कारोबार कितना फैला हुआ है और प्रशासन इसे रोकने के लिए कितना सक्रिय है।
मिठाई खरीदते समय क्या ध्यान रखें
त्योहारों के समय मिठाई खरीदते समय उपभोक्ताओं को भी सावधानी बरतनी चाहिए। मिठाई हमेशा विश्वसनीय और जानी-पहचानी दुकान से ही खरीदें। खरीदारी करते समय बिल जरूर लें, ताकि किसी गड़बड़ी की स्थिति में शिकायत की जा सके। दुकान पर खाद्य सुरक्षा लाइसेंस लगा होना चाहिए — यह देखकर ही खरीदारी करें। मावे की मिठाई खरीदते समय उसकी गंध और स्वाद पर ध्यान दें; अगर मिठाई में असामान्य गंध या स्वाद लगे तो उसे न खाएँ। बहुत सस्ती कीमत पर बिकने वाली मिठाई से भी सावधान रहें, क्योंकि असली मावे की मिठाई सस्ती नहीं होती। अगर किसी दुकान की मिठाई को लेकर संदेह हो तो इसकी जानकारी खाद्य सुरक्षा विभाग को दें। प्रशासन की जाँच के साथ-साथ उपभोक्ताओं की जागरूकता भी मिलावट रोकने में बड़ी भूमिका निभाती है।
आगे क्या होगा
देवास नकली मावा कार्रवाई के बाद जाँच का अभियान दीपावली तक जारी रहेगा। जाँच दल शहर की अन्य मिठाई दुकानों और डेयरियों पर भी छापेमारी करेंगे। मौके पर लिए गए नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद दोषी प्रतिष्ठानों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी। न्यू स्वदेशी स्वीट्स का लाइसेंस निरस्त करने और संचालक के खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ेगी। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि त्योहारों के इस मौसम में खाद्य पदार्थों की जाँच में कोई ढील नहीं दी जाएगी। उपभोक्ताओं से भी अपील है कि वे शुद्ध मिठाई ही खरीदें और किसी भी तरह की गड़बड़ी दिखने पर प्रशासन को जानकारी दें।
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