नई दिल्ली ब्यूरो
सार: वाराणसी और नई दिल्ली के बीच देश की दूसरी स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस की नियमित सेवा सोमवार, 2 नवंबर 2026 से शुरू हो गई है। ट्रेन संख्या 27421 वाराणसी से रात 8:50 बजे चलकर अगली सुबह 6:10 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी, जबकि वापसी में ट्रेन संख्या 27422 नई दिल्ली से रात 9:40 बजे चलकर अगली सुबह 7:10 बजे वाराणसी पहुंचेगी। यह उत्तर प्रदेश की पहली स्लीपर वंदे भारत ट्रेन है और इसमें थर्ड एसी, सेकंड एसी तथा फर्स्ट एसी की सुविधा होगी।
आज से नियमित सेवा: क्या बदला है
वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस का नियमित वाणिज्यिक संचालन 2 नवंबर 2026 से शुरू हो गया है। इससे पहले 31 अक्टूबर 2026 को वाराणसी रेलवे स्टेशन से इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया था। उद्घाटन यात्रा के बाद अब यह ट्रेन अपने तय शेड्यूल के अनुसार सप्ताह में छह दिन चलेगी। रेलवे के अनुसार, इस सेवा का संचालन और रखरखाव उत्तरी रेलवे जोन के जिम्मे रहेगा।
इस ट्रेन के शुरू होने से वाराणसी और राष्ट्रीय राजधानी के बीच रात की यात्रा का एक नया विकल्प यात्रियों को मिला है। अब तक इस मार्ग पर रात में चलने वाली ट्रेनों में सीट और बर्थ की उपलब्धता त्योहारी मौसम में दबाव में रहती थी। स्लीपर वंदे भारत के आने से यात्रियों को तेज गति के साथ आरामदायक रात की यात्रा का विकल्प मिलेगा। खास बात यह है कि यह ट्रेन रात में चलकर सुबह गंतव्य तक पहुंचाती है, जिससे यात्रियों का दिन का समय बचता है।
समय-सारणी: दोनों दिशाओं का पूरा शेड्यूल
वाराणसी से नई दिल्ली जाने वाली ट्रेन संख्या 27421 सप्ताह में छह दिन चलेगी। यह ट्रेन शुक्रवार को नहीं चलेगी। वाराणसी जंक्शन से यह ट्रेन रात 8:50 बजे रवाना होगी और अगली सुबह 6:10 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। इस तरह वाराणसी से दिल्ली की यात्रा में करीब नौ घंटे बीस मिनट का समय लगेगा।
वापसी में नई दिल्ली से वाराणसी जाने वाली ट्रेन संख्या 27422 भी सप्ताह में छह दिन चलेगी। यह ट्रेन शनिवार को नहीं चलेगी। नई दिल्ली से यह ट्रेन रात 9:40 बजे रवाना होगी और अगली सुबह 7:10 बजे वाराणसी पहुंचेगी। वापसी यात्रा में करीब नौ घंटे तीस मिनट का समय लगेगा।
रात की समय-सारणी का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यात्री रात का सफर सोकर पूरा कर सकते हैं और सुबह काम के समय तक गंतव्य पर पहुंच जाते हैं। कारोबार, पढ़ाई, इलाज और पारिवारिक काम से यात्रा करने वालों के लिए यह समय-सारणी विशेष रूप से उपयोगी मानी जा रही है।

ठहराव: चार स्टेशनों पर रुकेगी ट्रेन
वाराणसी और नई दिल्ली के बीच यह स्लीपर वंदे भारत ट्रेन चार स्टेशनों पर रुकेगी। इनमें प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल, अलीगढ़ और गाजियाबाद शामिल हैं। सीमित ठहराव की वजह से यह ट्रेन इस मार्ग पर तेज और सुगम यात्रा का विकल्प बनेगी।
वाराणसी से चलने पर यह ट्रेन प्रयागराज जंक्शन पर रात 10:35 बजे पहुंचेगी और पांच मिनट के ठहराव के बाद रात 10:40 बजे नई दिल्ली के लिए रवाना होगी। वापसी में नई दिल्ली से चलकर यह ट्रेन सुबह 5:05 बजे प्रयागराज पहुंचेगी। प्रयागराज के यात्रियों के लिए भी यह ट्रेन रात की यात्रा का एक नया साधन बन गई है।
कानपुर सेंट्रल, अलीगढ़ और गाजियाबाद जैसे बड़े स्टेशनों पर ठहराव होने से उत्तर प्रदेश के कई शहरों के यात्रियों को इस ट्रेन का लाभ मिलेगा। गाजियाबाद में ठहराव से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के यात्रियों के लिए भी यह ट्रेन सुविधाजनक रहेगी।
किराया: तीनों क्लास का पूरा चार्ट
वाराणसी से नई दिल्ली के बीच इस ट्रेन का किराया तीनों क्लास के लिए तय किया गया है। थर्ड एसी का किराया 1,915 रुपये, सेकंड एसी का किराया 2,470 रुपये और फर्स्ट एसी का किराया 3,030 रुपये रखा गया है। यह किराया वाराणसी से नई दिल्ली तक की पूरी यात्रा के लिए है।
प्रयागराज से नई दिल्ली के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए किराया अलग रखा गया है। प्रयागराज से नई दिल्ली तक थर्ड एसी का किराया 1,600 रुपये, सेकंड एसी का किराया 2,065 रुपये और फर्स्ट एसी का किराया 2,530 रुपये तय किया गया है। इस तरह अलग-अलग स्टेशनों से यात्रा करने वाले यात्रियों को दूरी के अनुसार किराया देना होगा।
किराए की तुलना को लेकर चर्चा भी हो रही है। कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि इसी मार्ग पर चलने वाली अन्य प्रीमियम ट्रेनों की तुलना में स्लीपर वंदे भारत का किराया यात्रियों के लिए प्रतिस्पर्धी है। हालांकि, अंतिम फैसला यात्री अपनी सुविधा, समय और बजट के अनुसार करेंगे। त्योहारी मौसम में मांग बढ़ने पर टिकटों की उपलब्धता पर भी नजर रहेगी।
कोच और सुविधाएं: 16 कोच का संयोजन
इस स्लीपर वंदे भारत ट्रेन में कुल 16 कोच होंगे। इनमें 11 थर्ड एसी कोच, 4 सेकंड एसी कोच और 1 फर्स्ट एसी कोच शामिल है। स्लीपर सुविधा होने से यात्री रात की यात्रा में बर्थ पर आराम से सो सकेंगे। आधुनिक कोच, बेहतर सस्पेंशन और तेज गति इस ट्रेन की पहचान मानी जा रही है।
वंदे भारत ट्रेनों की खासियत उनका आधुनिक डिजाइन, स्वचालित दरवाजे, बेहतर रोशनी और यात्री सुविधाओं पर ध्यान देना है। स्लीपर संस्करण में यह सुविधा रात की यात्रा के हिसाब से तैयार की गई है। लंबी दूरी की रात की यात्रा में यात्रियों को आराम, सुरक्षा और समय की पाबंदी तीनों का लाभ मिलने की उम्मीद है।
रेलवे के अधिकारियों के अनुसार, इस ट्रेन के नियमित संचालन की जिम्मेदारी उत्तरी रेलवे जोन निभाएगा। उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी ने भी पुष्टि की है कि 2 नवंबर से इस ट्रेन का नियमित परिचालन शुरू हो जाएगा। इससे यात्रियों को भरोसा मिला है कि यह सेवा केवल उद्घाटन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि नियमित रूप से चलेगी।
उद्घाटन और बुकिंग: पहले ही दिन फुल
31 अक्टूबर 2026 को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने वाराणसी रेलवे स्टेशन से इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। उद्घाटन के साथ ही इस ट्रेन को लेकर यात्रियों में उत्सुकता देखी गई। बुकिंग शुरू होते ही टिकटों की मांग तेज हो गई।
रिपोर्टों के अनुसार, 1 नवंबर की रात करीब 12:30 बजे इस ट्रेन की बुकिंग शुरू हुई थी। बुकिंग खुलते ही वाराणसी से चलने वाली ट्रेन की फर्स्ट एसी की सीटें रविवार को ही भर गईं। वहीं, नई दिल्ली से वाराणसी जाने वाली ट्रेन में दीपावली यानी 8 नवंबर तक थर्ड एसी से लेकर फर्स्ट एसी तक किसी भी क्लास में सीट उपलब्ध नहीं बताई गई है। इससे साफ है कि त्योहारी मौसम में इस ट्रेन की मांग बहुत अधिक है।
टिकटों की बुकिंग आईआरसीटीसी की वेबसाइट के साथ-साथ रेल कनेक्ट और रेलवन ऐप के जरिए भी की जा सकती है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले टिकट की उपलब्धता जांच लें और त्योहारी दिनों में पहले से बुकिंग करा लें, ताकि आखिरी समय में परेशानी न हो।
यात्रियों के लिए क्या मायने रखता है
वाराणसी-नई दिल्ली मार्ग पर हर दिन बड़ी संख्या में यात्री सफर करते हैं। इनमें कारोबारी, छात्र, तीर्थयात्री, इलाज के लिए आने वाले मरीज और उनके परिजन, तथा नौकरीपेशा लोग शामिल हैं। रात की नई स्लीपर सेवा से इन सभी को एक तेज और आरामदायक विकल्प मिलेगा। सुबह जल्दी गंतव्य पहुंचने से यात्री उसी दिन अपना काम निपटा सकेंगे।
दीपावली से ठीक पहले इस सेवा का शुरू होना भी महत्वपूर्ण है। 8 नवंबर को दीपावली है और इस दौरान वाराणसी-दिल्ली मार्ग पर यात्रियों की भीड़ बढ़ जाती है। ऐसे में एक नई रात की ट्रेन से दबाव कुछ कम होने की उम्मीद है। हालांकि, बुकिंग की शुरुआती तस्वीर बताती है कि मांग अभी भी आपूर्ति से अधिक है, इसलिए यात्रियों को पहले से योजना बनानी होगी।
इससे पहले बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की नियमित सेवा भी शुरू हुई है। देश में स्लीपर वंदे भारत सेवाओं का विस्तार रेलवे की उस योजना का हिस्सा है, जिसके तहत लंबी दूरी की रात की यात्रा को तेज और आधुनिक बनाया जा रहा है। हवाई अड्डों पर डिजी यात्रा जैसी सुविधाओं के साथ रेलवे की नई सेवाएं भी यात्रियों के सफर को आसान बनाने की दिशा में एक कदम मानी जा रही हैं।
आगे क्या: मांग और विस्तार पर नजर
अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि नियमित सेवा के पहले सप्ताह में यह ट्रेन कितनी समयबद्ध रहती है और यात्रियों की प्रतिक्रिया कैसी रहती है। त्योहारी मौसम में मांग का दबाव, टिकटों की उपलब्धता और स्टेशनों पर सुविधाएं इस सेवा की सफलता तय करेंगी। रेलवे की ओर से आने वाले दिनों में इस सेवा से जुड़ी और जानकारी भी सामने आ सकती है।
यात्रियों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि वे यात्रा से पहले समय-सारणी, ठहराव और किराए की पुष्टि कर लें। शुक्रवार को वाराणसी से और शनिवार को नई दिल्ली से यह ट्रेन नहीं चलेगी, इसलिए सप्ताह के इन दिनों में यात्रा की योजना बनाते समय इस बात का ध्यान रखना होगा। सही योजना और पहले से बुकिंग से यात्री इस नई सेवा का पूरा लाभ उठा सकेंगे।
वाराणसी-नई दिल्ली स्लीपर वंदे भारत का शुरू होना उत्तर प्रदेश की रेल सुविधाओं के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। यह सेवा न केवल दो शहरों को जोड़ती है, बल्कि प्रयागराज, कानपुर, अलीगढ़ और गाजियाबाद जैसे शहरों को भी रात की तेज यात्रा से जोड़ती है। आने वाले दिनों में इस ट्रेन की मांग और यात्रियों की प्रतिक्रिया ही बताएगी कि यह सेवा कितनी लोकप्रिय होती है।
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