भोपाल ब्यूरो
सार: केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की मां काशीबाई का शुक्रवार सुबह भोपाल के एम्स में निधन हो गया। करीब 76 वर्ष की काशीबाई पिछले करीब एक सप्ताह से गंभीर रूप से अस्वस्थ थीं और उनका इलाज चल रहा था। उनका अंतिम संस्कार शुक्रवार दोपहर 3 बजे सीहोर जिले के गृह ग्राम जैत में किया जाएगा।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान के परिवार पर शुक्रवार सुबह दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। उनकी मां काशीबाई का भोपाल के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में उपचार के दौरान निधन हो गया। लंबे समय से अस्वस्थ चल रहीं काशीबाई को सांस संबंधी परेशानी बढ़ने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। करीब एक सप्ताह से उनका इलाज चल रहा था और हालत बिगड़ने पर उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। शुक्रवार सुबह तमाम प्रयासों के बावजूद उन्होंने अंतिम सांस ली।
मां के निधन की खबर मिलते ही शिवराज सिंह चौहान अस्पताल पहुंचे। परिवार के सदस्य भी भोपाल एम्स पहुंच गए। भोपाल के साकेत नगर स्थित आवास पर अंतिम दर्शन की व्यवस्था की गई। इसके बाद पार्थिव शरीर को पैतृक गांव ले जाने की तैयारी की गई। प्रदेश भर से शोक संदेश आने का सिलसिला शुरू हो गया।
शुक्रवार सुबह एम्स में अंतिम सांस
काशीबाई पिछले कई दिनों से अस्वस्थ थीं। सांस संबंधी परेशानी बढ़ने के बाद उन्हें भोपाल एम्स में भर्ती कराया गया था। करीब एक सप्ताह तक उनका इलाज चला। इस दौरान उनकी हालत गंभीर बनी रही और हालत बिगड़ने पर उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया। शुक्रवार सुबह उन्होंने अस्पताल में ही अंतिम सांस ली।
निधन की खबर फैलते ही परिवार में शोक छा गया। शिवराज सिंह चौहान ने अपने सभी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम निरस्त कर दिए। शुक्रवार को उनका रायसेन में आयोजित किसान सम्मेलन में शामिल होने का कार्यक्रम था, जिसमें अब वे शामिल नहीं होंगे। परिवार के अनुसार, शुक्रवार का पूरा दिन अंतिम संस्कार की तैयारियों और परिवार के साथ बिताया जाएगा।
अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार का कार्यक्रम
जारी जानकारी के अनुसार, काशीबाई का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए भोपाल के साकेत नगर स्थित आवास 9-बी में सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक रखा गया। इस दौरान परिवार के सदस्य, परिचित और शुभचिंतक अंतिम दर्शन कर सके।
इसके बाद पार्थिव शरीर को सीहोर जिले के गृह ग्राम जैत ले जाया जाएगा। शुक्रवार दोपहर 3 बजे जैत में ही उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। शिवराज सिंह चौहान ने स्वयं यह जानकारी साझा की है कि पूज्य माताजी का अंतिम संस्कार दोपहर 3 बजे गृह ग्राम जैत, जिला सीहोर में होगा। अंतिम यात्रा में परिवार के सदस्य और गांव के लोग शामिल होंगे।

दूसरी मां काशीबाई और परिवार की कहानी
काशीबाई शिवराज सिंह चौहान की दूसरी मां थीं। शिवराज सिंह चौहान ने बचपन में ही अपनी जैविक मां सुंदरबाई को खो दिया था। इसके बाद उनके पिता प्रेम सिंह चौहान ने काशीबाई से विवाह किया। काशीबाई ने ही बच्चों का पालन-पोषण किया और परिवार को संभाला।
परिवार से जुड़े लोगों के अनुसार, काशीबाई का जीवन सादगी और परिवार के प्रति समर्पण से भरा रहा। वे भोपाल के साकेत नगर स्थित आवास में निवासरत थीं। शिवराज सिंह चौहान के सार्वजनिक जीवन के लंबे सफर में परिवार की यह भूमिका हमेशा पृष्ठभूमि में रही, लेकिन उनके लिए मां का स्थान सबसे ऊपर रहा। शुक्रवार का दिन उनके लिए अत्यंत पीड़ा का दिन बन गया।
सभी कार्यक्रम निरस्त, रायसेन सम्मेलन में नहीं जाएंगे
मां के निधन के बाद शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार के सभी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम निरस्त कर दिए हैं। रायसेन में आयोजित किसान सम्मेलन में उनकी भागीदारी तय थी, लेकिन अब वे उसमें शामिल नहीं होंगे। केंद्रीय कृषि मंत्री के रूप में उनके शुक्रवार के अन्य कार्यक्रम भी टाल दिए गए हैं।
परिवार के अनुसार, अंतिम संस्कार के बाद ही आगे के कार्यक्रमों पर निर्णय होगा। इस दौरान परिवार ने शोक की इस घड़ी में निजता बनाए रखने की अपेक्षा भी जताई है। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से लोग जैत पहुंचकर अंतिम संस्कार में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं।
शोक की लहर, मंत्री का संदेश
काशीबाई के निधन की खबर मिलते ही शोक संदेशों का सिलसिला शुरू हो गया। शिवराज सिंह चौहान ने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा करते हुए लिखा कि आज उनके पूरे परिवार के लिए अत्यंत दुख और पीड़ा का दिन है। उन्होंने मां के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की और उनके लिए शांति की प्रार्थना की।
राजनीतिक और सामाजिक जीवन से जुड़े लोगों ने भी इस दुख की घड़ी में परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है। मध्य प्रदेश के राजनीतिक हलकों में यह खबर तेजी से फैली और लोगों ने परिवार के साथ खड़े होने का संदेश दिया। भोपाल से लेकर सीहोर तक शोक का माहौल है।
शिवराज सिंह चौहान का सार्वजनिक जीवन
शिवराज सिंह चौहान मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री हैं और वर्तमान में केंद्र सरकार में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री के रूप में काम कर रहे हैं। इसके साथ ही वे ग्रामीण विकास मंत्रालय का दायित्व भी संभाल रहे हैं। मध्य प्रदेश की राजनीति में उनका लंबा अनुभव रहा है और किसान कल्याण से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष पहचान है।
केंद्रीय मंत्री के रूप में वे देश भर में किसानों से जुड़े कार्यक्रमों में सक्रिय रहते हैं। पीएम-किसान जैसी योजनाओं के क्रियान्वयन में भी उनकी भूमिका रही है। शुक्रवार को रायसेन में किसान सम्मेलन में उनकी मौजूदगी तय थी, लेकिन मां के निधन के कारण यह कार्यक्रम अब उनके बिना होगा।
जैत गांव से जुड़ाव और आगे क्या
जैत शिवराज सिंह चौहान का गृह ग्राम है। यहीं उनका बचपन बीता और यहीं से उनके सार्वजनिक जीवन की नींव पड़ी। परिवार की परंपरा के अनुसार अंतिम संस्कार पैतृक गांव में ही किया जा रहा है। गांव में अंतिम संस्कार की तैयारियां की जा रही हैं।
शुक्रवार दोपहर 3 बजे अंतिम संस्कार के बाद परिवार के सदस्य भोपाल लौटेंगे। इस बीच प्रदेश भर से आए शोक संदेशों के बीच परिवार शोक में डूबा हुआ है। काशीबाई के निधन से शिवराज सिंह चौहान के परिवार ने एक ऐसी शख्सियत को खो दिया है, जिसने बचपन से ही परिवार को संभाला था।
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