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कल किसानों के खाते में आएंगे 2,000 रुपये: पीएम मोदी जारी करेंगे पीएम-किसान की 24वीं किस्त, 9.34 करोड़ परिवारों को 18,680 करोड़ का तोहफा

पीएम किसान 24वीं किस्त — सांकेतिक चित्र: खेत में बीज बोती महिला किसान सांकेतिक चित्र: खेत में बीज बोती महिला किसान (स्रोत: विकिमीडिया कॉमन्स / WELL Labs)

डेस्क रिपोर्ट

कल, 30 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुजरात के बनासकांठा से पीएम-किसान की 24वीं किस्त जारी करेंगे — देश के 9.34 करोड़ से अधिक किसान परिवारों के खातों में सीधे 18,680 करोड़ रुपये से अधिक की राशि पहुंचेगी और हर पात्र परिवार को 2,000 रुपये मिलेंगे।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम-किसान) की 24वीं किस्त का इंतजार कर रहे करोड़ों किसान परिवारों के लिए बड़ी खबर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 अक्टूबर को गुजरात के बनासकांठा जिले के भिलड़ी में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम से पीएम किसान 24वीं किस्त की राशि जारी करेंगे। इस किस्त के तहत देशभर के 9.34 करोड़ से अधिक किसान परिवारों को 18,680 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी। कार्यक्रम सुबह 10 बजे शुरू होगा और इसके बाद डीबीटी के माध्यम से राशि किसानों के खातों में पहुंचनी शुरू हो जाएगी।

गुजरात के कृषि मंत्री जीतू वघानी ने भिलड़ी में आयोजित होने वाले ‘पीएम किसान उत्सव दिवस’ कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा के बाद यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री 30 और 31 अक्टूबर को गुजरात के दौरे पर रहेंगे। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी वीडियो संदेश के माध्यम से जानकारी दी है कि इस बार 9.34 करोड़ किसानों के खातों में 2-2 हजार रुपये की किस्त आएगी।

कल क्या होगा: भिलड़ी से सीधे खातों में राशि

30 अक्टूबर को भिलड़ी में होने वाला कार्यक्रम राष्ट्रीय स्तर का होगा। प्रधानमंत्री इस मंच से एक बटन दबाकर देशभर के पात्र किसान परिवारों के खातों में राशि भेजेंगे। गुजरात में ही 52.33 लाख से अधिक किसान परिवारों को 1,051 करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय सहायता मिलेगी। राज्य में इस अवसर पर 34 जिला स्तरीय और 2,100 से अधिक क्लस्टर स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें मुख्य कार्यक्रम का सीधा प्रसारण दिखाया जाएगा।

पीएम-किसान योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को हर साल 6,000 रुपये की सहायता तीन समान किस्तों में दी जाती है। हर किस्त 2,000 रुपये की होती है और यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है। यही वजह है कि इस योजना को डीबीटी की सबसे बड़ी योजनाओं में गिना जाता है। दीपावली से पहले आ रही यह किस्त किसान परिवारों के लिए त्योहार और रबी सीजन की तैयारियों के लिहाज से भी अहम मानी जा रही है।

पीएम किसान 24वीं किस्त: किसे मिलेगा लाभ और किसे नहीं

इस किस्त का लाभ उन्हीं किसान परिवारों को मिलेगा जो योजना की पात्रता शर्तें पूरी करते हैं। सामान्य नियम के अनुसार, खेती योग्य जमीन अपने नाम रखने वाले किसान परिवार इस योजना के पात्र होते हैं। वहीं, संस्थागत जमीन धारक, आयकर देने वाले, कुछ श्रेणियों के सरकारी सेवक और निर्धारित शर्तों के दायरे में आने वाले पेशेवर इस योजना के दायरे से बाहर रखे गए हैं।

सबसे अहम शर्त ई-केवाईसी है। जिन किसानों ने ई-केवाईसी नहीं कराई है, उनकी किस्त अटक सकती है। इसके अलावा बैंक खाते का आधार से जुड़ा होना भी जरूरी है, ताकि डीबीटी के माध्यम से राशि बिना रुकावट पहुंच सके। किसान अपना स्टेटस आधिकारिक पोर्टल pmkisan.gov.in पर ‘Know Your Status’ विकल्प से देख सकते हैं। ई-केवाईसी ओटीपी के माध्यम से पोर्टल पर, मोबाइल ऐप से फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए या नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर पर कराई जा सकती है। किसी तरह की दिक्कत होने पर किसान हेल्पलाइन नंबर 155261 या 011-24300606 पर भी संपर्क कर सकते हैं।

ध्यान देने वाली बात यह है कि पिछली, यानी 23वीं किस्त देश के 9.44 करोड़ किसानों तक पहुंची थी, जबकि 24वीं किस्त 9.34 करोड़ किसान परिवारों को मिल रही है। इसका मतलब है कि जिन किसानों की पात्रता में बदलाव आया है या जिन्होंने ई-केवाईसी जैसी औपचारिकताएं पूरी नहीं की हैं, उन्हें इस बार राशि मिलने में दिक्कत आ सकती है। ऐसे में कार्यक्रम से पहले अपना स्टेटस जांच लेना समझदारी होगी।

पीएम किसान 24वीं किस्त — सांकेतिक चित्र: खेत में बीज बोती महिला किसान
सांकेतिक चित्र: खेत में बीज बोती महिला किसान (स्रोत: विकिमीडिया कॉमन्स / WELL Labs)

अब तक का सफर: 23 किस्तों में 4.47 लाख करोड़ से अधिक

पीएम-किसान योजना फरवरी 2019 में शुरू हुई थी। इसका मकसद किसान परिवारों को खेती और घरेलू खर्चों के लिए नियमित आर्थिक मदद देना है। पिछली 23 किस्तों के माध्यम से देशभर में 4.47 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी है। अकेले गुजरात के लाभार्थियों को अब तक 24,137 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी गई है।

मध्य प्रदेश सहित सभी राज्यों के पात्र किसान परिवार इस किस्त के दायरे में आते हैं, क्योंकि यह राशि राष्ट्रीय स्तर पर जारी की जा रही है और सीधे खातों में पहुंचेगी। यही इस योजना की सबसे बड़ी खासियत है — इसमें बिचौलियों की कोई भूमिका नहीं होती और पैसा सीधे लाभार्थी तक पहुंचता है। यही वजह है कि हर किस्त जारी होने से पहले और बाद में किसान अपने खाते और स्टेटस को लेकर खासे सतर्क रहते हैं।

उसी मंच से बनास डेयरी को भी बड़ी सौगात

30 अक्टूबर के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री केवल किस्त ही जारी नहीं करेंगे, बल्कि बनास डेयरी से जुड़ी कई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी करेंगे। इनमें भिलड़ी में भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर का उद्घाटन शामिल है। इसके साथ ही बनास डेयरी की आलू प्रसंस्करण क्षमता विस्तार परियोजना और उसके यूएचटी संयंत्र की स्वचालित भंडारण एवं पुनर्प्राप्ति प्रणाली का भी उद्घाटन होगा।

प्रधानमंत्री थराद और राधनपुर में बनास डेयरी के दो नए बायो-सीएनजी संयंत्रों की आधारशिला भी रखेंगे। थराद संयंत्र में प्रतिदिन 75 टन गोबर का प्रसंस्करण होगा, जबकि राधनपुर संयंत्र की क्षमता प्रतिदिन 100 टन होगी। इन दोनों संयंत्रों के जुड़ने से बनास मॉडल के तहत बायो-सीएनजी संयंत्रों की संख्या छह हो जाएगी और इनकी कुल गोबर प्रसंस्करण क्षमता 515 टन प्रतिदिन हो जाएगी। गोबर से उत्पादित बायो-सीएनजी रियायती दरों पर बेची जाती है और बनासकांठा डेयरी फिलहाल प्रतिदिन लगभग 6,100 किलोग्राम बायो-सीएनजी की आपूर्ति कर रही है। इन छह संयंत्रों से हर साल 33,400 से 34,600 टन कार्बन उत्सर्जन कम होने का अनुमान है।

अगले दिन एकता नगर में राष्ट्रीय एकता दिवस

गुजरात दौरे के दूसरे दिन, 31 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नर्मदा जिले के एकता नगर में राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में शामिल होंगे। यह कार्यक्रम देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर आयोजित किया जाएगा। इस तरह प्रधानमंत्री का यह दो दिवसीय गुजरात दौरा किसानों, डेयरी क्षेत्र और राष्ट्रीय एकता के संदेश से जुड़े कई कार्यक्रमों को एक साथ समेटे हुए है।

आगे क्या: पैसा न आए तो क्या करें

जिन किसानों के खाते में 30 अक्टूबर के बाद राशि नहीं पहुंचती है, उन्हें सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल पर अपना स्टेटस जांचना चाहिए। अगर ई-केवाईसी अधूरी है तो उसे तुरंत पूरा कराएं। बैंक खाता आधार से जुड़ा है या नहीं, यह भी जांच लें। कई बार गलत बैंक विवरण या अधूरी जानकारी की वजह से भी किस्त अटक जाती है। ऐसी स्थिति में नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर या हेल्पलाइन से मदद ली जा सकती है।

किसानों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि अपात्र पाए जाने पर पिछली राशि की वसूली भी हो सकती है, इसलिए जो किसान पात्रता की शर्तें पूरी नहीं करते हैं, वे योजना का लाभ स्वेच्छा से सरेंडर भी कर सकते हैं। इसके लिए पोर्टल पर ‘Voluntary Surrender of PM Kisan’ का विकल्प मौजूद है। कुल मिलाकर, पीएम किसान 24वीं किस्त से पहले अपनी पात्रता और दस्तावेज दुरुस्त रखना ही सबसे सुरक्षित तरीका है।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध स्रोतों और सत्यापन के आधार पर तैयार की गई है। किसी तथ्य में त्रुटि होने पर सुधार प्रकाशित किया जाएगा।

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