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चक्रवात अर्नब का असर जारी: शुक्रवार को भी पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट, भोपाल में बूंदाबांदी से बढ़ी ठंड, शनिवार से साफ होने की संभावना

सांकेतिक चित्र: बारिश के बादल सांकेतिक चित्र: बारिश के बादल

भोपाल ब्यूरो

सार: बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवात अर्नब भले ही कमजोर पड़ चुका है, लेकिन मध्य प्रदेश पर इसका असर शुक्रवार को भी बना रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी मध्य प्रदेश के नौ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। भोपाल में लगातार बूंदाबांदी से ठंड का अहसास बढ़ गया है, जबकि पूर्वी हिस्से में शनिवार तक मौसम साफ होने की संभावना जताई गई है।

मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। गुरुवार को प्रदेश के बड़े हिस्से में बादल छाए रहे और कई जगह बूंदाबांदी हुई। राजधानी भोपाल में भी दिनभर रुक-रुककर बूंदाबांदी का दौर चलता रहा। इसके साथ ही दिन के तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को ठंड का अहसास होने लगा है। मौसम विभाग का कहना है कि चक्रवात से जुड़ी मौसमी प्रणाली का असर शुक्रवार को भी बना रहेगा, इसलिए लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।

चक्रवात अर्नब अब अपने सबसे ताकतवर रूप में नहीं है। लगातार जमीन पर आगे बढ़ने के कारण यह कमजोर होता गया है। फिर भी इसके अवशेष और उससे जुड़ी नमी पूर्वी मध्य प्रदेश के मौसम को प्रभावित कर रही है। यही वजह है कि गुरुवार को पूर्वी जिलों में अच्छी बारिश हुई और शुक्रवार के लिए भी भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है।

कमजोर पड़ा अर्नब, लेकिन मध्य प्रदेश में प्रवेश नहीं करेगा

मौसम विभाग के भोपाल केंद्र के अनुसार चक्रवात अर्नब कमजोर होकर पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ के जगदलपुर के ऊपर पहुंच गया है। ताजा जानकारी के अनुसार यह प्रणाली छत्तीसगढ़ से आगे बढ़ते हुए बिहार की ओर जाएगी। राहत की बात यह है कि कमजोर हो चुका चक्रवात मध्य प्रदेश में प्रवेश नहीं करेगा। इसका सीधा असर प्रदेश के मालवा क्षेत्र पर विशेष रूप से पड़ने की संभावना भी नहीं है।

चक्रवात की रफ्तार में आई गिरावट से इसके कमजोर होने का अंदाजा लगाया जा सकता है। 27 अक्टूबर को जब यह विशाखापत्तनम पहुंचा था, तब यह एक भीषण चक्रवाती तूफान के रूप में था। इसके बाद 28 अक्टूबर की शाम साढ़े पांच बजे तक यह कमजोर पड़ गया और हवा की गति 85 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। उसी रात साढ़े 11 बजे हवा की गति घटकर 58 किलोमीटर प्रति घंटा रह गई। गुरुवार सुबह साढ़े पांच बजे यह और कमजोर हो गया और हवा की गति 45 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। मौसम विभाग का अनुमान है कि गुरुवार शाम तक यह प्रणाली स्पष्ट रूप से और कमजोर हो जाएगी।

बंगाल की खाड़ी के ऊपर विकसित हुआ यह चक्रवात आंध्र प्रदेश के तट से टकराने के बाद जमीन पर आगे बढ़ा और धीरे-धीरे अपनी ताकत खोता गया। अब इसके अवशेष से पूर्वी मध्य प्रदेश और आसपास के इलाकों में बारिश का दौर बना हुआ है। मौसम विभाग ने साफ किया है कि शुक्रवार को भी इस प्रणाली का असर बना रहेगा, लेकिन शनिवार तक पूर्वी मध्य प्रदेश में मौसम साफ होने की संभावना है।

पूर्वी मध्य प्रदेश के नौ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने पूर्वी मध्य प्रदेश के नौ जिलों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इन जिलों में सीधी, सिंगरौली, रीवा, मऊगंज, सतना, मैहर, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं। इन इलाकों में अगले कुछ घंटों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं भी चल सकती हैं।

इन जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की भी आशंका है। तेज हवाओं के दौरान पेड़ों की डालियां टूटने और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंचने की संभावना रहती है। इसलिए मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि तेज हवाओं और बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और अनावश्यक यात्रा से बचें। खासकर ग्रामीण इलाकों में खुले में काम करने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।

इन नौ जिलों के अलावा जबलपुर, मंडला, बालाघाट, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर और डिंडोरी समेत कई अन्य जिलों में भी मौसम बिगड़ा रहने की संभावना है। इन इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक का दौर चल सकता है। कुल मिलाकर पूर्वी और महाकौशल क्षेत्र में शुक्रवार को भी बादलों की आवाजाही और बारिश का सिलसिला बना रहेगा।

सांकेतिक चित्र: बारिश के बादल
सांकेतिक चित्र: बारिश के बादल

गुरुवार को कहां कितनी बारिश हुई

गुरुवार सुबह साढ़े आठ बजे तक के आंकड़ों के अनुसार पूर्वी मध्य प्रदेश के अमरकंटक में सर्वाधिक 59 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। छिंदवाड़ा जिले के चौरई में इसी अवधि के दौरान 28 मिलीमीटर बारिश हुई। इन आंकड़ों से साफ है कि पूर्वी हिस्से में बारिश का दौर गुरुवार को भी तेज रहा।

बारिश और बादलों के कारण दिन के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। सागर में अधिकतम तापमान 8.9 डिग्री की गिरावट के साथ 23.9 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। सीधी में दिन का पारा 9.0 डिग्री गिरकर 22.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भोपाल में दिन के तापमान में 5.6 डिग्री की गिरावट रही और यह 26.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। प्रदेश में हिल स्टेशन पचमढ़ी 22.8 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे ठंडा रहा, वहीं खरगोन में अधिकतम तापमान 32.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

तापमान में आई इस गिरावट ने प्रदेश में ठंड की दस्तक का अहसास करा दिया है। सुबह और शाम के समय अब ठंडी हवा महसूस होने लगी है। मौसम विभाग का कहना है कि बारिश का दौर थमने के बाद रात के तापमान में भी गिरावट आ सकती है, जिससे ठंड और बढ़ेगी।

शुक्रवार को भोपाल-इंदौर समेत कई जिलों में बूंदाबांदी के आसार

शुक्रवार 30 अक्टूबर को भोपाल-इंदौर समेत प्रदेश के कई जिलों में बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग के जिला-वार पूर्वानुमान के अनुसार भोपाल में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की चेतावनी है। भोपाल में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है।

विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, देवास, शाजापुर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना और श्योपुर समेत कई जिलों में भी गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। इंदौर और उज्जैन संभाग के जिलों में भी बादलों की आवाजाही के बीच बौछारें पड़ सकती हैं। हालांकि मालवा क्षेत्र पर इस प्रणाली का विशेष प्रभाव पड़ने की संभावना नहीं है, फिर भी हल्की बारिश और तेज हवाओं का दौर यहां भी देखने को मिल सकता है।

कुल मिलाकर शुक्रवार को प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और कई जगह बूंदाबांदी होगी। दिन के तापमान में भी सामान्य से कम रहने की संभावना है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखें और बारिश के दौरान बिजली के खंभों और पुराने पेड़ों से दूरी बनाकर रखें।

शनिवार से साफ होने की संभावना, बढ़ेगी ठंड

मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी मध्य प्रदेश में मौसम शनिवार तक साफ होने की संभावना है। इसका मतलब है कि शुक्रवार के बाद बारिश का दौर धीरे-धीरे थम जाएगा और आसमान साफ होने लगेगा। इसके साथ ही ठंड का अहसास और बढ़ सकता है।

बारिश के बाद आसमान साफ होने पर रात का तापमान गिरता है। यही वजह है कि आने वाले दिनों में सुबह के समय ठंडक बढ़ने की उम्मीद है। किसानों के लिए भी यह जानकारी अहम है, क्योंकि बारिश के बाद खेतों में नमी बढ़ जाती है और साफ मौसम में फसलों की देखभाल का काम आसान हो जाता है। हालांकि जिन इलाकों में भारी बारिश हुई है, वहां जलभराव और फसलों को नुकसान की आशंका पर भी नजर रखनी होगी।

किसानों और यात्रियों के लिए सावधानी जरूरी

तेज हवाओं और भारी बारिश के दौरान किसानों को खेतों में खुले में काम करने से बचना चाहिए। बिजली गिरने की आशंका के समय पेड़ों के नीचे खड़ा होना खतरनाक हो सकता है। इसी तरह यात्रियों को भी भारी बारिश वाले इलाकों में यात्रा से पहले मौसम की जानकारी ले लेनी चाहिए। पूर्वी जिलों में सड़कों पर पानी भरने और दृश्यता कम होने की संभावना रहती है, इसलिए वाहन धीमी गति से चलाना सुरक्षित रहेगा।

प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान दें और अफवाहों से बचें। तेज हवाओं के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहना, बिजली के खंभों और पुराने पेड़ों से दूरी बनाना और बच्चों को बारिश में बाहर न भेजना जैसी छोटी सावधानियां बड़े नुकसान से बचा सकती हैं।

अर्नब का सफर: बंगाल की खाड़ी से छत्तीसगढ़ तक

चक्रवात अर्नब की कहानी बंगाल की खाड़ी से शुरू हुई, जहां यह एक ताकतवर मौसमी प्रणाली के रूप में विकसित हुआ। आंध्र प्रदेश के तट से टकराने के बाद यह जमीन पर आगे बढ़ा और धीरे-धीरे कमजोर होता गया। 27 अक्टूबर को विशाखापत्तनम पहुंचने के समय यह भीषण चक्रवाती तूफान था, लेकिन जमीन पर आगे बढ़ते हुए इसकी हवा की गति लगातार घटती गई।

मध्य प्रदेश के लिए इस चक्रवात का सीधा खतरा कभी नहीं रहा, लेकिन इसके अवशेषों से पूर्वी हिस्से में भारी बारिश का दौर जरूर बना। पहले भी इस चक्रवात के कारण प्रदेश के कई जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया था। अब इसके कमजोर होकर छत्तीसगढ़ के ऊपर पहुंचने के बाद प्रदेश में इसका असर धीरे-धीरे खत्म होने की ओर है। फिर भी शुक्रवार को पूर्वी जिलों में भारी बारिश की चेतावनी को हल्के में नहीं लेना चाहिए।

मौसम विभाग की ताजा चेतावनी के अनुसार लोगों को शुक्रवार को भी सतर्क रहने की जरूरत है। शनिवार से मौसम साफ होने के साथ ही प्रदेश में ठंड की शुरुआत और स्पष्ट रूप से महसूस होने लगेगी। दीपावली से पहले मौसम का यह बदलाव लोगों के लिए ठंडक भरी सुबह और साफ आसमान लेकर आ सकता है।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध स्रोतों और सत्यापन के आधार पर तैयार की गई है। किसी तथ्य में त्रुटि होने पर सुधार प्रकाशित किया जाएगा।

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