भोपाल ब्यूरो
बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात अर्नब का असर गुरुवार को मध्य प्रदेश में और गहरा गया है। मौसम विभाग ने पूर्वी मध्य प्रदेश के तीन जिलों मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जबकि नौ अन्य जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इन इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने और बिजली गिरने का भी खतरा जताया गया है। आज करवा चौथ का दिन होने के कारण पूर्वी जिलों में बादलों के चलते शाम को चांद के दीदार में भी देरी हो सकती है।
किन तीन जिलों में है ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार गुरुवार, 29 अक्टूबर को मऊगंज, सीधी और सिंगरौली जिलों में अति भारी बारिश हो सकती है। इन जिलों में अगले 24 घंटों के दौरान 115.6 मिलीमीटर से लेकर 204.4 मिलीमीटर तक बारिश दर्ज की जा सकती है। ऑरेंज अलर्ट वाले इलाकों में बारिश की रफ्तार 5 से 15 मिलीमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है।
इन जिलों में बादलों से जमीन पर बिजली गिरने की आशंका 30 से 60 प्रतिशत तक जताई गई है। मौसम विभाग ने इन जिलों के लोगों से अपील की है कि आंधी-बारिश के दौरान वे घरों के भीतर रहें और खुले मैदान, पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण लेने से बचें। निचले इलाकों में पानी भरने की आशंका को देखते हुए भी सतर्कता बरतने को कहा गया है।
नौ जिलों में भारी बारिश की चेतावनी
ऑरेंज अलर्ट वाले तीन जिलों के अलावा रीवा, सतना, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडोरी, मंडला और बालाघाट जिलों में भी भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इन जिलों में अगले 24 घंटों के दौरान चार इंच या उससे अधिक बारिश हो सकती है।
इन जिलों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी फसलों और खुले में रखे अनाज की सुरक्षा का ध्यान रखें, क्योंकि तेज बारिश और हवाओं से फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। ग्रामीण इलाकों में कच्चे मकानों और अस्थायी ढांचों को लेकर भी सावधानी बरतने की जरूरत बताई गई है।

गरज-चमक और तेज हवाओं वाले जिले
पूर्वी मध्य प्रदेश के एक और बड़े हिस्से में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी है। इस दायरे में कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी और पांढुर्णा जिले आते हैं।
इन जिलों में झंझावात और वज्रपात के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है। मौसम विभाग का कहना है कि गरज-चमक के दौरान बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं, इसलिए लोग बिजली के उपकरणों और धातु की वस्तुओं से दूरी बनाए रखें। यात्रा कर रहे लोगों को भी आंधी के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
मध्य और पश्चिमी मध्य प्रदेश का हाल
मध्य और पश्चिमी मध्य प्रदेश में गुरुवार को मौसम अपेक्षाकृत नरम रहने का अनुमान है। भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड और श्योपुर जिलों में बादलों की आवाजाही के साथ हल्की बारिश हो सकती है।
भोपाल में आज अधिकतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। इंदौर और उज्जैन सहित पश्चिमी जिलों में भी बादल छाए रह सकते हैं और कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर में मौसम साफ रहने की संभावना अधिक है। यानी भारी बारिश का बड़ा अलर्ट फिलहाल पूर्वी मध्य प्रदेश तक ही सीमित है।
करवा चौथ की शाम पर बादलों का साया
गुरुवार को करवा चौथ का व्रत है, और पूर्वी मध्य प्रदेश में बादलों और बारिश के चलते शाम को चांद के दीदार में देरी हो सकती है। जिन जिलों में ऑरेंज अलर्ट है, वहां घने बादलों के कारण चांद देर से दिख सकता है। व्रत रखने वाली महिलाओं को सलाह दी जाती है कि वे अपने स्थानीय पंचांग और मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखें।
मौसम विभाग की चेतावनी के मद्देनजर शाम को छतों या खुले स्थानों पर जाते समय भी सावधानी बरतना जरूरी है, खासकर उन इलाकों में जहां गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। किसी भी तरह की अफवाह के बजाय आधिकारिक पूर्वानुमान पर भरोसा करना ही सुरक्षित रहेगा।
चक्रवात अर्नब अब तक का सफर
चक्रवात अर्नब ने बुधवार सुबह आंध्र प्रदेश के तट पर दस्तक दी थी। लैंडफॉल के समय इसकी हवाओं की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे के बीच थी, और झोंके 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच रहे थे। तट से टकराने के बाद यह प्रणाली धीरे-धीरे कमजोर हुई और उत्तर की ओर बढ़ते हुए सुस्पष्ट निम्न दबाव के क्षेत्र में बदलने की ओर बढ़ रही है।
इसी कमजोर प्रणाली की नमी और हवाओं का असर अब मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से पर दिख रहा है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि मानसून की वापसी के बाद भी बंगाल की खाड़ी में बनी प्रणालियों के कारण अक्टूबर के आखिरी दिनों में भी बारिश का दौर जारी है। अक्टूबर में अक्सर इस तरह की मौसमी विविधता देखने को मिलती है, लेकिन इस बार चक्रवात के कारण इसका असर ज्यादा व्यापक है।
मौसम विभाग की सुरक्षा सलाह
मौसम विभाग ने बारिश और आंधी के दौरान लोगों से कई सावधानियां बरतने की अपील की है। गरज-चमक के समय पेड़ों के नीचे, बिजली के खंभों के पास या खुले मैदान में खड़े होने से बचें। निचले इलाकों में रहने वाले लोग पानी भरने की स्थिति पर नजर रखें और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।
किसानों को सलाह दी गई है कि वे कटाई के बाद खुले में रखी फसल को ढककर रखें। वाहन चालकों को तेज बारिश और कम दृश्यता के दौरान गति धीमी रखने और अनावश्यक यात्रा से बचने को कहा गया है। मौसम विभाग अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर लगातार ताजा अपडेट साझा कर रहा है, इसलिए यात्रा या बाहरी कार्यक्रम से पहले ताजा पूर्वानुमान जरूर देख लें।
आगे क्या: 30 अक्टूबर से बारिश में कमी के आसार
पूर्वानुमान के अनुसार 30 और 31 अक्टूबर से मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। हालांकि तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी की स्थिति 1 नवंबर तक बनी रह सकती है। 30 अक्टूबर को भी कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश का येलो अलर्ट जारी रहने की संभावना है।
पूर्वी जिलों में रहने वाले लोगों को अगले दो दिनों तक भी मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने की सलाह दी गई है। जैसे-जैसे चक्रवात की अवशिष्ट प्रणाली आगे बढ़ेगी और कमजोर होगी, वैसे-वैसे प्रदेश में मौसम साफ होने लगेगा। तब तक सतर्कता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।
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