नई दिल्ली ब्यूरो
सार: इंडिगो ने सऊदी अरब के चार शहरों — रियाद, जेद्दा, दम्मम और मदीना — के लिए उड़ानों का निलंबन 14 नवंबर 2026 तक बढ़ा दिया है। क्षेत्र में जारी हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों के बीच एयरलाइन ने यात्रियों से उड़ान की स्थिति जांचने और पुनः बुकिंग या धनवापसी के लिए संपर्क में रहने की अपील की है।
भारत और सऊदी अरब के बीच हवाई यात्रा पर लगा विराम अब और लंबा हो गया है। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने 28 अक्टूबर को जारी यात्रा सलाह में कहा है कि क्षेत्र में जारी हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों को देखते हुए सऊदी अरब के चार शहरों के लिए उड़ानें 14 नवंबर 2026 तक रद्द रहेंगी। इससे पहले इन शहरों के लिए उड़ानों पर अलग-अलग तारीखों तक रोक थी, जिसे अब एक साथ बढ़ाकर 14 नवंबर कर दिया गया है।
क्या घोषणा हुई
इंडिगो ने अपनी यात्रा सलाह में कहा है कि रियाद, जेद्दा, दम्मम और मदीना से आने-जाने वाली उड़ानें 14 नवंबर 2026 तक रद्द रहेंगी। एयरलाइन ने कहा है कि उसकी टीमें प्रभावित यात्रियों से सक्रिय रूप से संपर्क कर रही हैं और उन्हें ताजा जानकारी तथा सहायता दी जा रही है। यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए एयरलाइन ने कहा है कि वह हालात पर लगातार नजर रखे हुए है और जैसे ही स्थिति बदलेगी, यात्रियों को आगे की जानकारी दी जाएगी। एयरलाइन ने असुविधा के लिए यात्रियों से धैर्य रखने की अपील भी की है।
भारत में सऊदी अरब के जेद्दा स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने भी इसी समयसीमा की पुष्टि की है। दूतावास की ओर से कहा गया है कि इंडिगो की इन मार्गों पर सेवाएं 14 नवंबर तक निलंबित रहेंगी। दूतावास प्रभावित भारतीय नागरिकों की सहायता के लिए एयरलाइनों और सामुदायिक संगठनों के साथ समन्वय कर रहा है।
किन शहरों की उड़ानें और कब तक
निलंबन का दायरा सऊदी अरब के चार प्रमुख शहरों तक है। रियाद देश की राजधानी और सबसे बड़ा शहर है, जेद्दा लाल सागर तट पर स्थित प्रमुख वाणिज्यिक शहर और उमरा यात्रियों का प्रमुख प्रवेश द्वार है, दम्मम पूर्वी प्रांत का केंद्र है और मदीना इस्लाम का दूसरा पवित्र शहर है। इन चारों शहरों के लिए भारत से सीधी उड़ानें संचालित होती हैं, जिन पर अब 14 नवंबर तक रोक रहेगी।
इससे पहले इंडिगो ने रियाद के लिए उड़ानें 31 अक्टूबर तक और जेद्दा, दम्मम तथा मदीना के लिए 27 अक्टूबर तक रद्द की थीं। नई सलाह के साथ सभी चार शहरों के लिए एक समान समयसीमा तय कर दी गई है, जिससे यात्रियों के लिए स्थिति साफ हो गई है, लेकिन प्रतीक्षा भी लंबी हो गई है।

एयर इंडिया और अकासा का क्या रुख है
इंडिगो अकेली एयरलाइन नहीं है जिसने सऊदी मार्गों पर रोक बढ़ाई है। एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने भी कहा है कि रियाद और दम्मम के लिए उनकी उड़ानें 7 नवंबर तक निलंबित रहेंगी, जबकि जेद्दा के लिए सेवाएं 31 अक्टूबर तक रुकी रहेंगी। एयर इंडिया ने कहा है कि 24 अक्टूबर या उससे पहले जारी की गई कन्फर्म बुकिंग वाले यात्री लचीली पुनः बुकिंग का विकल्प चुन सकते हैं या उड़ान रद्द होने पर पूरा धन वापस ले सकते हैं।
अकासा एयर ने भी अपनी सेवाओं पर रोक बढ़ाई है। अकासा ने कहा है कि सऊदी अरब की मौजूदा सुरक्षा स्थिति और सुरक्षा माहौल के सावधानीपूर्वक आकलन के बाद जेद्दा के लिए उड़ानें 10 नवंबर तक और रियाद के लिए 30 नवंबर तक निलंबित रहेंगी। इस तरह तीनों भारतीय एयरलाइनों ने अलग-अलग समयसीमा के साथ सऊदी मार्गों पर रोक जारी रखी है।
क्यों बढ़ा निलंबन: हवाई क्षेत्र प्रतिबंध और सुरक्षा चिंता
उड़ानों के निलंबन की वजह पश्चिम एशिया में जारी हवाई क्षेत्र प्रतिबंध और सुरक्षा चिंताएं हैं। सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र और हवाई अड्डों पर सुरक्षा हालात बीते कुछ हफ्तों में तनावपूर्ण रहे हैं। अक्टूबर के दूसरे सप्ताह में रियाद हवाई अड्डे पर हुए हमले के बाद सुरक्षा चिंताएं और बढ़ गईं। इसके बाद एयरलाइनों ने अपने संचालन की समीक्षा की और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सेवाएं रोकने का फैसला किया।
हवाई क्षेत्र प्रतिबंध का मतलब है कि कुछ हवाई मार्गों पर उड़ान भरना सुरक्षित नहीं माना जा रहा है। ऐसे में एयरलाइनें या तो मार्ग बदलती हैं या सेवाएं रोक देती हैं। इंडिगो ने कहा है कि वह हालात पर लगातार नजर रखे हुए है और स्थिति के अनुसार आगे का फैसला लिया जाएगा। इसका मतलब यह भी है कि 14 नवंबर की तारीख अंतिम नहीं है — अगर हालात नहीं सुधरे तो रोक और बढ़ सकती है, और अगर हालात सुधरते हैं तो सेवाएं पहले भी बहाल हो सकती हैं।
उमरा यात्रियों और भारतीय यात्रियों पर असर
इस रोक का सबसे ज्यादा असर उन भारतीय यात्रियों पर पड़ा है जो उमरा के लिए सऊदी अरब गए थे या जाने की तैयारी में थे। मक्का और मदीना की यात्रा के लिए हर साल बड़ी संख्या में भारतीय यात्री सऊदी अरब जाते हैं। उड़ानें रद्द होने से कई यात्री वहीं फंस गए हैं और उन्हें खाने, ठहरने तथा वापसी की वैकल्पिक व्यवस्था के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के हवाले से आई जानकारी के अनुसार पिछले सप्ताह तक करीब 3,000 यात्रियों की वापसी में मदद की गई थी और बाकी बचे यात्रियों की सहायता के लिए रियाद स्थित भारतीय दूतावास तथा जेद्दा स्थित वाणिज्य दूतावास एयरलाइनों और टूर संचालकों के साथ समन्वय कर रहे हैं। दूतावास की ओर से प्रभावित यात्रियों को जरूरी सामान उपलब्ध कराने और वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था तलाशने में मदद की जा रही है।
राजनीतिक अपील और आधिकारिक मदद
22 अक्टूबर को हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार से अपील की थी कि सऊदी अरब में फंसे भारतीय यात्रियों की वापसी के लिए विशेष उड़ानों की व्यवस्था की जाए। उन्होंने कहा था कि उनके अनुसार हजारों भारतीय यात्री मक्का और मदीना में फंसे हुए हैं और उनकी वापसी की यात्रा उड़ान रद्द होने से प्रभावित हुई है। उन्होंने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय से बड़े विमान तैनात करने या विशेष उड़ानों की अनुमति देने का आग्रह किया था।
दूसरी ओर, आधिकारिक स्तर पर दूतावास और वाणिज्य दूतावास की मदद जारी है। भारतीय मिशन ने यात्रियों से स्थानीय सुरक्षा निर्देशों का पालन करने और एयरलाइन तथा दूतावास की सलाह पर नजर रखने की अपील की है। इस तरह एक ओर जनप्रतिनिधियों की ओर से विशेष उड़ानों की मांग उठी है, तो दूसरी ओर आधिकारिक तंत्र के जरिए यात्रियों की वापसी और सहायता का काम चल रहा है।
यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
अगर आपकी सऊदी अरब की उड़ान आने वाले दिनों में है, तो हवाई अड्डे जाने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति जरूर जांच लें। एयरलाइन की वेबसाइट, मोबाइल ऐप या ग्राहक सेवा केंद्र से ताजा स्थिति की पुष्टि करें। अगर उड़ान रद्द हुई है, तो एयरलाइन या अपने ट्रैवल एजेंट से पुनः बुकिंग या धनवापसी के विकल्पों के बारे में बात करें। एयर इंडिया ने 24 अक्टूबर या उससे पहले की बुकिंग पर लचीली पुनः बुकिंग या पूरा रिफंड का विकल्प दिया है, जबकि अन्य एयरलाइनें भी अपने नियमों के अनुसार सहायता दे रही हैं।
यात्रा से जुड़े सभी दस्तावेज — टिकट, पासपोर्ट, वीजा और बुकिंग की पुष्टि — संभालकर रखें। अगर आप सऊदी अरब में हैं और वापसी में दिक्कत आ रही है, तो भारतीय दूतावास या वाणिज्य दूतावास से संपर्क करें। सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करें और केवल एयरलाइन या आधिकारिक स्रोतों से आई जानकारी को ही अंतिम मानें।
आगे क्या होगा
फिलहाल इंडिगो की रोक 14 नवंबर तक है, एयर इंडिया की रोक 7 नवंबर तक और अकासा की रोक 30 नवंबर तक है। आगे की स्थिति पश्चिम एशिया के सुरक्षा हालात और हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों पर निर्भर करेगी। एयरलाइनों ने कहा है कि वे हालात पर नजर रखे हुए हैं और बदलाव होने पर यात्रियों को सूचित किया जाएगा।
उमरा यात्रा की योजना बना रहे यात्रियों के लिए सलाह है कि वे बुकिंग से पहले एयरलाइन की ताजा सलाह जरूर देख लें और लचीली बुकिंग विकल्पों को प्राथमिकता दें। सऊदी अरब में मौजूद भारतीय यात्रियों के लिए दूतावास की सहायता जारी रहेगी। आने वाले दिनों में जैसे-जैसे नई जानकारी आएगी, इस खबर को अपडेट किया जाएगा।
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