इंदौर ब्यूरो। बेंगलुरु से इंदौर आ रही इंडिगो एयरलाइंस की फ्लाइट 6E-959 में सोमवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब उड़ान के दौरान एक यात्री की अचानक तबीयत बिगड़ गई। यात्री की हालत देखते हुए पायलट ने विमान को इंदौर ले जाने के बजाय हैदराबाद डायवर्ट करने का फैसला लिया। विमान सुबह 8:41 बजे हैदराबाद एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतरा। बीमार यात्री को वहां उतारकर उपचार के लिए भेजा गया, जिसके बाद फ्लाइट इंदौर के लिए रवाना हुई और निर्धारित समय से करीब 86 मिनट की देरी से सुबह 10:51 बजे देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट पहुंची।
हवा में बिगड़ी यात्री की तबीयत
विमानतल से मिली जानकारी के मुताबिक, इंडिगो की फ्लाइट 6E-959 रोजाना बेंगलुरु से इंदौर आती है। निर्धारित समय के अनुसार यह विमान सुबह 7:30 बजे बेंगलुरु से रवाना होकर 9:25 बजे इंदौर पहुंचता है। सोमवार को विमान सुबह 7:38 बजे बेंगलुरु से इंदौर के लिए रवाना हुआ। विमान में 100 से अधिक यात्री सवार थे। उड़ान के दौरान सुबह करीब 8:10 बजे एक यात्री की अचानक तबीयत बिगड़ने लगी। उस समय विमान तेलंगाना के ज़हिराबाद क्षेत्र के आसपास उड़ रहा था। यात्री की बिगड़ती हालत देखकर केबिन क्रू ने तुरंत पायलट को सूचना दी।
पायलट ने लिया डायवर्जन का फैसला
यात्री की स्थिति को देखते हुए विमान में मेडिकल इमरजेंसी घोषित की गई। ऐसी स्थिति में यात्री को जल्द से जल्द चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना ही पहली प्राथमिकता होती है। विमान की स्थिति और नजदीकी एयरपोर्ट को ध्यान में रखते हुए पायलट ने विमान को हैदराबाद ले जाने का निर्णय लिया। डायवर्जन की जानकारी तुरंत हैदराबाद के एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को दी गई, जिसके बाद विमान को हैदराबाद एयरपोर्ट पर उतारने की प्रक्रिया पूरीकी गई और सुबह 8:41 बजे विमान की सुरक्षित लैंडिंग हुई। हैदराबाद में बीमार यात्री को विमान से उतारकर उपचार के लिए भेजा गया। हालांकि, यात्री की बीमारी की प्रकृति और उसकी वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आ सकी है।

86 मिनट देरी से इंदौर पहुंची फ्लाइट
हैदराबाद में यात्री को उतारने के बाद फ्लाइट इंदौर के लिए रवाना हुई और सुबह 10:51 बजे इंदौर एयरपोर्ट पर उतरी। निर्धारित समय 9:25 बजे के मुकाबले विमान करीब 1 घंटा 26 मिनट यानी 86 मिनट देरी से पहुंचा। एयरपोर्ट पर इंतजार कर रहे परिजनों और यात्रियों को इस देरी के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा। गौरतलब है कि डायवर्जन जैसी स्थितियों में एयरलाइंस की पहली प्राथमिकता यात्री की जान बचाना होती है, इसलिए समय की देरी को यात्री सुरक्षा के सामने गौण माना जाता है।
चंडीगढ़ उड़ान पर भी पड़ा असर
इस घटना का असर केवल बेंगलुरु-इंदौर उड़ान तक सीमित नहीं रहा। यही विमान इंदौर पहुंचने के बाद सुबह 10 बजे इंदौर से चंडीगढ़ के लिए रवाना होने वाला था। पहली उड़ान के देरी से आने के कारण चंडीगढ़ जाने वाली अगली उड़ान का संचालन भी प्रभावित हुआ और उसमें भी देरी हुई। विमानतल सूत्रों के अनुसार, ऐसी स्थिति में एयरलाइन यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था और अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराती है।
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