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बड़वानी में शिव पंथ के नशा मुक्ति कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव — ‘नशा नाश की जड़ है, इस बुराई को समाज से दूर करना हम सबका संकल्प’

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

बड़वानी ब्यूरो।

शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर बड़वानी जिले के ग्राम अजगरिया में शिव पंथ समुदाय की ओर से आयोजित नशा मुक्ति कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शामिल हुए और विशाल जनसमुदाय को संबोधित किया। सुदूर पहाड़ी क्षेत्र में आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों की संख्या में ग्रामीणजन पहुंचे। महिलाओं, पुरुषों, बुजुर्गों और बच्चों की बड़ी उपस्थिति ने इस आयोजन को जनआंदोलन का रूप दे दिया। मुख्यमंत्री ने शिव पंथ के संस्थापक परम पूज्य गुरुवर्य वनसिंह महाराज को प्रणाम किया और उनके बताए मार्ग पर चल रहे शिव पंथ के कालूसिंह महाराज तथा सुमली माताजी को भी नमन किया।

नशा नाश की जड़ है, समाज से इस बुराई को दूर करेंगे

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि नशा नाश की जड़ है। नशा अपने साथ बुराई और विकृति लाता है। उन्होंने कहा कि हम सभी को अपने जीवन में यह संकल्प लेना चाहिए कि इस बुराई को अपने समाज से दूर कर देंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा मुक्ति के क्षेत्र में शिव पंथ की ओर से जो कार्य किया जा रहा है, वह अत्यंत सराहनीय है। उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन एक बार मिलता है। हमें अपने जीवन को नशे की प्रवृत्ति में नहीं लगाना चाहिए, बल्कि जीवन में ऐसा कोई कार्य करना चाहिए जिससे मनुष्य जीवन की सार्थकता सिद्ध हो सके। शिव पंथ समुदाय इसी प्रकार का सराहनीय और सार्थक कार्य कर रहा है।

वर्ष 2029 तक नशामुक्ति का संकल्प

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का भी यही संकल्प है कि वर्ष 2029 तक देश और मध्यप्रदेश से नशावृत्ति की बुराई जड़ से खत्म हो जाए। उन्होंने कहा कि यह सब तभी संभव होगा जब हम सब मिलकर नशे की प्रवृत्ति को छोड़कर नशा मुक्ति के पथ पर चलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान शंकर के नाम पर स्थापित यह शिव पंथ लोगों के जीवन में उसी प्रकार बदलाव लाता है, जिस प्रकार भगवान शंकर अलख निरंजन होकर मनुष्य का जीवन बदलते हैं। उन्होंने कहा कि शरद पूर्णिमा की रात्रि में चंद्र देव पूर्ण आकार के साथ 16 कलाओं से अपना प्रकाश फैलाते हैं। कहते हैं कि शरद पूर्णिमा की रात्रि में जब खीर बनाई जाती है तो उसमें चंद्र देव अमृत की वर्षा करते हैं और शिव पंथी भी खीर खिलाकर ही नशा मुक्ति का पावन कार्य करते हैं।

किसान कल्याण वर्ष और दूध उत्पादन को बढ़ावा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार इस वर्ष किसान कल्याण वर्ष मना रही है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र के किसान भाइयों से कहा कि वे दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में भी अपने कदम आगे बढ़ाएं। दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने और गौशाला का संचालन करने के लिए प्रदेश सरकार उन्हें अनुदान देगी। घर में अगर गौधन है तो उसका दूध समिति के माध्यम से बेचा जा सकता है। दूध के विक्रय से जहां आय होगी, वहीं सरकार दुग्ध उत्पादन के लिए बोनस भी देगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि दूध की ताकत को अपनाएं और नशे की प्रवृत्ति को छोड़ें। उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे, क्योंकि एकता में बहुत शक्ति होती है। हर कार्य जनसहयोग और जनभागीदारी से जनआंदोलन बन सकता है। सरकार और समाज अगर हाथ मिला लें तो ऐसा कोई कार्य नहीं जो असंभव हो और बड़े से बड़ा लक्ष्य भी सफलतापूर्वक प्राप्त किया जा सकता है।

बड़वानी जिले को कई विकास कार्यों की सौगात

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बड़वानी जिले के लिए कई विकास कार्यों की घोषणा की। ग्राम में खुपजदेव धाम बनाने और वहां तक सड़क बनाने की घोषणा की गई। ग्राम अजगरिया में बालक और बालिकाओं के लिए 100-100 सीटर छात्रावास बनाए जाएंगे। ग्राम पांजरिया (ध) में 50 लाख रुपये की लागत से सर्व सुविधायुक्त शेड बनेगा। ग्राम धवली में पुलिस चौकी स्थापित की जाएगी। बारेली भाषा के संरक्षण और विकास के लिए दस्तावेज का संरक्षण और शोधिकरण किया जाएगा। सिकल सेल बीमारी को रोकने के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं, जांच, परामर्श और उपचार की व्यवस्था की जाएगी। वन औषधियों के संरक्षण के लिए बड़वानी में वन औषधि शोध संस्थान बनेगा। वन अधिकार के पट्टे जिन जनजाति वर्ग के ग्रामीणों के शेष हैं, उन्हें पट्टे दिए जाएंगे और जिन्हें पट्टे मिल चुके हैं, उन्हें उनके पट्टों की रजिस्ट्री सरकार कराकर देगी।

क्या है शिव पंथ संगठन

शिव पंथ सत्संग संगठन वर्षों से ग्रामीण क्षेत्रों में नशा मुक्ति की अलख जगा रहा है और यह महाकुंभ इसी दिशा में एक बड़ा कदम है। संगठन का मानना है कि आध्यात्मिकता और सत्संग के माध्यम से व्यक्ति को आंतरिक शांति मिलती है, जिससे वह स्वतः ही नशे जैसी बुराइयों से दूर हो जाता है। शिव पंथ में गुरु-शिष्य परंपरा के अंतर्गत कठोर संकल्प के बाद ही दीक्षा दी जाती है और संकल्प का पालन करने पर ही शिष्य बनाया जाता है। इसमें सवा माह, लगभग 38 दिवस, ब्रह्मचारी रहना होता है और सफल होने पर ही गुरुपद दिया जाता है। महिलाओं को भी दीक्षा दी जाती है।

अजगरिया में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचा जनसमुदाय
अजगरिया में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचा जनसमुदाय

रातभर भजन, दूध प्रसादी और खिचड़ी का वितरण

ग्राम अजगरिया में आयोजित कार्यक्रम के दौरान भगवान शिव का स्मरण कर रातभर विभिन्न धार्मिक भजनों की प्रस्तुतियां हुईं। कार्यक्रम के दौरान दूध प्रसादी और चावल की खिचड़ी का वितरण भी किया गया। बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणजनों ने भजनों और सत्संग के माध्यम से नशा मुक्ति का संकल्प दोहराया। आयोजकों के अनुसार, सत्संग और आध्यात्मिकता के रास्ते व्यक्ति के जीवन में ठहराव और शांति आती है और यही शांति उसे नशे से दूर रखती है।

आगे क्या

मुख्यमंत्री के संबोधन के बाद अब बड़वानी जिले में घोषित विकास कार्यों पर अमल की निगाहें टिकी हैं। वन औषधि शोध संस्थान, छात्रावास, सड़क और पुलिस चौकी जैसे कार्यों के साथ-साथ वन अधिकार पट्टों की रजिस्ट्री का काम भी आगे बढ़ेगा। नशा मुक्ति के मोर्चे पर शिव पंथ संगठन का सत्संग और दीक्षा का क्रम ग्रामीण क्षेत्रों में जारी रहेगा और वर्ष 2029 तक नशावृत्ति को जड़ से खत्म करने के संकल्प को जनभागीदारी से आगे बढ़ाया जाएगा।

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध स्रोतों और सत्यापन के आधार पर तैयार की गई है। किसी तथ्य में त्रुटि होने पर सुधार प्रकाशित किया जाएगा।

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