इंदौर ब्यूरो
मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर समिट-2026 का शुभारंभ आज शुक्रवार को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दो दिवसीय इस समिट का उद्घाटन करेंगे और ‘सेमीकंडक्टर हब के रूप में मध्यप्रदेश का विजन’ प्रस्तुत करेंगे। समिट में देश-विदेश की सेमीकंडक्टर कंपनियों के प्रतिनिधि, निवेशक, उद्योग विशेषज्ञ, शिक्षाविद और स्टार्टअप प्रतिनिधि शामिल होंगे।

उद्घाटन सत्र के बाद मुख्यमंत्री समिट में आयोजित प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे और सेमीकंडक्टर उद्योग से जुड़े निवेशकों एवं कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ वन-टू-वन बैठकें करेंगे। इन बैठकों में प्रदेश में निवेश, तकनीकी सहयोग और सेमीकंडक्टर उद्योग के विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा होगी।
पहले दिन: पैकेजिंग, फैबलेस इकोसिस्टम पर मंथन
समिट के पहले दिन उन्नत पैकेजिंग एवं टेस्टिंग हब के रूप में मध्यप्रदेश के विकास, फैबलेस इकोसिस्टम के निर्माण तथा सेमीकंडक्टर विनिर्माण एवं आपूर्ति शृंखला जैसे विषयों पर पैनल चर्चाएं होंगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) इंफ्रास्ट्रक्चर, फैबलेस उत्पाद और बौद्धिक संपदा से जुड़ी कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ राउंडटेबल बैठकें भी आयोजित की जाएंगी।
प्रमुख शिक्षण संस्थानों के निदेशकों और कुलपतियों के साथ भी चर्चा होगी, जिसका उद्देश्य उद्योग, शिक्षा और अनुसंधान संस्थानों के बीच सहयोग की संभावनाओं को बढ़ावा देना है। दो दिवसीय आयोजन में कुल आठ पैनल चर्चाएं, पांच राउंडटेबल बैठकें और चार मुख्य व्याख्यान होंगे।
दूसरे दिन: चिप टेक्नोलॉजी, AI और क्वांटम पर चर्चा
समिट के दूसरे दिन चिप प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद निर्माण, डिजाइन सेवाओं, अनुसंधान एवं विकास और प्रतिभा संवर्धन जैसे विषयों पर विचार-विमर्श होगा। इसके साथ ही फोटोनिक्स, क्वांटम प्रौद्योगिकी और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) से संबंधित बैठकें भी आयोजित की जाएंगी।
कार्यक्रम के समापन समारोह में ‘मध्यप्रदेश सेमीकॉन स्टार्टअप प्रतियोगिता’ के अंतिम चरण में चयनित विजेताओं को सम्मानित भी किया जाएगा, जो राज्य में चिप-आधारित स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में अहम कदम है।
प्रदर्शनी में 50 से अधिक कंपनियां
समिट के दौरान आयोजित प्रदर्शनी में 50 से अधिक कंपनियां अपनी तकनीकी क्षमताओं, उत्पादों और समाधानों का प्रदर्शन करेंगी। इनमें चिप डिजाइन, पैकेजिंग एवं टेस्टिंग, उपकरण, सामग्री, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और उभरती प्रौद्योगिकियों से जुड़े उत्पाद एवं समाधान प्रदर्शित किए जाएंगे।
यह प्रदर्शनी निवेशकों, उद्योग प्रतिनिधियों और तकनीकी विशेषज्ञों को कंपनियों के साथ सीधे संवाद करने तथा संभावित व्यावसायिक साझेदारियों के अवसर तलाशने का मंच उपलब्ध कराएगी।
सेमीकंडक्टर नीति-2025: निवेश को बढ़ावा
राज्य सरकार ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने और उद्योगों की स्थापना को प्रोत्साहित करने के लिए मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर नीति-2025 को स्वीकृति दी है। समिट का उद्देश्य प्रदेश में निवेश के नए अवसर विकसित करना, उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग बढ़ाना तथा कुशल मानव संसाधन तैयार करना है।
इससे मध्यप्रदेश को सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने के प्रयासों को गति मिलने की उम्मीद है। हालांकि, समिट के दौरान निवेश को लेकर कोई ठोस घोषणा अभी तक सामने नहीं आई है — ठोस प्रस्ताव और सहमतियां समिट के दौरान सामने आएंगी।
सेमीकंडक्टर क्यों हैं भविष्य की धुरी
सेमीकंडक्टर चिप आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का मस्तिष्क है। मोबाइल फोन से लेकर कंप्यूटर, ऑटोमोबाइल, रक्षा उपकरण और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक — हर क्षेत्र में इनकी मांग लगातार बढ़ रही है। वैश्विक स्तर पर चिप की बढ़ती मांग को देखते हुए अनेक देश अपने यहां सेमीकंडक्टर निर्माण क्षमता विकसित करने की दौड़ में हैं।
भारत भी इस दिशा में आगे बढ़ रहा है। केंद्र सरकार ने सेमीकंडक्टर निर्माण को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पहल की है, और अब राज्य सरकारें भी अपने-अपने यहां निवेश आकर्षित करने के लिए विशेष नीतियां बना रही हैं। इसी कड़ी में मध्यप्रदेश ने सेमीकंडक्टर नीति-2025 को स्वीकृति दी है।
इंदौर पहले से ही सूचना प्रौद्योगिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में प्रदेश का प्रमुख केंद्र है। यहां शैक्षणिक संस्थानों का मजबूत आधार और कुशल मानव संसाधन उपलब्ध है, जिसे सेमीकंडक्टर उद्योग की जरूरतों से जोड़ने का लक्ष्य इस समिट के माध्यम से रखा गया है। समिट में शिक्षण संस्थानों के निदेशकों और कुलपतियों के साथ हो रही राउंडटेबल बैठकें इसी दिशा में अहम हैं।
आगे क्या
दो दिवसीय समिट शनिवार को संपन्न होगा। समापन समारोह में स्टार्टअप प्रतियोगिता के विजेताओं के सम्मान के साथ समिट के निष्कर्षों की रूपरेखा सामने आएगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि वन-टू-वन बैठकों के बाद निवेश को लेकर कौन-सी ठोस घोषणाएं होती हैं।
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