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“सनातन और हिंदुत्व शरीर-आत्मा जैसे, इन्हें बांटने का प्रयास न हो”: दिग्विजय पर BJP का हमला, महाकाल से माफी की मांग

प्रदेश प्रवक्ता राकेश सिंह यादव, भाजपा मध्यप्रदेश

इंदौर ब्यूरो

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राकेश सिंह यादव ने कहा है कि सनातन और हिंदुत्व एक-दूसरे के पूरक हैं और इनके नाम पर हिंदुओं को बांटने का प्रयास नहीं होना चाहिए। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर तुष्टिकरण की राजनीति के तहत दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया और मांग की कि सनातन स्वाभिमान यात्रा शुरू करने से पहले दिग्विजय सिंह बाबा महाकाल से माफी मांगें।

सनातन-हिंदुत्व पर क्या कहा भाजपा प्रवक्ता ने

प्रदेश प्रवक्ता राकेश सिंह यादव ने कहा कि सनातन धर्म हमारी आध्यात्मिक चेतना, धार्मिक परंपराओं और जीवन-मूल्यों का आधार है, जबकि हिंदुत्व हिंदू सभ्यता, सांस्कृतिक विरासत और सामूहिक पहचान की अभिव्यक्ति है। दोनों की परिभाषाएं अलग हो सकती हैं, लेकिन इनके बीच गहरा सांस्कृतिक संबंध है।

उन्होंने कहा, “जैसे शरीर और आत्मा अलग नहीं हो सकतीं, वैसे ही सनातन और हिंदुत्व कभी अलग नहीं हो सकते। इन्हें एक-दूसरे का विरोधी बताकर हिंदू समाज में भ्रम और विभाजन पैदा करना उचित नहीं है।”

दिग्विजय सिंह पर दोहरे मापदंड का आरोप

भाजपा प्रवक्ता ने मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा कि दिग्विजय सिंह ने ‘ॐ नमः शिवाय’ लिखे अंगवस्त्र को लेकर एक कम्युनिस्ट नेता से सवाल किया था कि कम्युनिस्ट का इससे क्या संबंध है। यादव का आरोप है कि मात्र एक मिनट में ‘ॐ नमः शिवाय’ लिखा अंगवस्त्र हटा दिया गया, जबकि अगर यह हरी टोपी होती तो दिग्विजय सिंह सारा दिन लगाए घूमते रहते।

यादव ने कहा कि धार्मिक प्रतीकों के प्रति सम्मान का मापदंड राजनीतिक सुविधा से तय नहीं होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि दिग्विजय सिंह तुष्टिकरण की राजनीति के चलते दोहरे मापदंड अपनाते हैं और सनातन-हिंदुत्व के नाम पर हिंदुओं में ‘फूट डालो राज करो’ की नीति पर काम कर रहे हैं।

दिग्विजय सिंह
दिग्विजय सिंह (फोटो: विशेष)

महाकाल से माफी की मांग

प्रदेश प्रवक्ता राकेश सिंह यादव ने कहा कि उज्जैन से अयोध्या तक प्रस्तावित ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ शुरू करने से पहले दिग्विजय सिंह को अपने बयान के संदर्भ स्पष्ट करने चाहिए। उन्होंने मांग की कि धार्मिक आस्था के प्रति सम्मान का संदेश देते हुए दिग्विजय सिंह सबसे पहले बाबा महाकाल से माफी मांगें।

यादव ने कहा, “उज्जैन भगवान महाकाल की नगरी और अयोध्या प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि के रूप में करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं। इन दोनों पवित्र स्थलों को जोड़ने वाली यात्रा का संदेश सांस्कृतिक एकता, सेवा और सामाजिक समरसता का होना चाहिए।”

गीता के श्लोक का उल्लेख

श्रीमद्भगवद्गीता के सोलहवें अध्याय के दूसरे श्लोक का उल्लेख करते हुए यादव ने कहा — “अहिंसा सत्यमक्रोधस्त्यागः शान्तिरपैशुनम्। दया भूतेष्वलोलुप्त्वं मार्दवं ह्रीरचापलम्॥” उन्होंने कहा कि सत्य, अहिंसा, करुणा और सदाचार सनातन परंपरा के महत्वपूर्ण मूल्य हैं, और धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्वाभिमान का उद्देश्य समाज को जोड़ना होना चाहिए, बांटना नहीं।

दूसरा पक्ष: अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं

इस बयान पर दिग्विजय सिंह या कांग्रेस पार्टी की ओर से अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। दिग्विजय सिंह की प्रस्तावित ‘सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा’ 20 अक्टूबर को उज्जैन से अयोध्या तक प्रस्तावित है।


फोटो: प्रदेश प्रवक्ता राकेश सिंह यादव (फोटो: विशेष) / दिग्विजय सिंह (फोटो: विशेष)

डिस्क्लेमर: यह खबर उपलब्ध स्रोतों और सत्यापन के आधार पर तैयार की गई है। किसी तथ्य में त्रुटि होने पर सुधार प्रकाशित किया जाएगा.

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