भोपाल ब्यूरो। राजधानी भोपाल में 15 जनवरी, 2027 को आयोजित होने वाली भव्य ‘आर्मी डे परेड-2027’ की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय आयोजन की तैयारियों और अंतर-विभागीय समन्वय को लेकर प्रशासन लगातार बैठकें कर रहा है। सरकार के अनुसार, भोपाल के लिए इस राष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी करना अत्यंत गौरव का अवसर है। यह आयोजन ‘आपकी सेना आपके पास’ की अवधारणा को साकार करेगा और सैन्य व नागरिक तंत्र के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करेगा।
क्या है आर्मी डे परेड
आर्मी डे हर साल 15 जनवरी को मनाया जाता है। यह दिन भारतीय सेना के इतिहास में विशेष महत्व रखता है, क्योंकि 15 जनवरी 1949 को फील्ड मार्शल के. एम. करियप्पा ने भारतीय सेना के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ के रूप में कार्यभार संभाला था। इससे पहले यह पद ब्रिटिश अधिकारियों के पास था। आर्मी डे पर देशभर में सेना की वीरता, त्याग और समर्पण को याद किया जाता है।
परेड में सेना की विभिन्न रेजिमेंटों के जवान मार्च करते हैं, सैन्य उपकरणों का प्रदर्शन होता है और वीरता पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित किया जाता है। आमतौर पर आर्मी डे परेड दिल्ली में होती रही है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों से इसे अलग-अलग शहरों में आयोजित करने की परंपरा शुरू हुई है, ताकि देश के हर हिस्से के लोग सेना के करीब आ सकें। इसी क्रम में 2027 की परेड भोपाल को मिली है।
भोपाल में कहां-क्या होगा
रिपोर्टों के अनुसार, आयोजन की विस्तृत रूपरेखा इस प्रकार है। मुख्य ‘आर्मी डे परेड’ भेल स्थित कालीबाड़ी मार्ग पर आयोजित होगी। टीटी नगर स्टेडियम में देशभक्ति से ओत-प्रोत भव्य ‘शौर्य संध्या’ का आयोजन किया जाएगा। जंबूरी मैदान में भारतीय सेना के अत्याधुनिक सैन्य उपकरणों का ‘स्टेटिक एवं डायनेमिक डिस्प्ले’ प्रदर्शित होगा। वहीं, बड़ा तालाब स्थित वीआईपी बोट क्लब क्षेत्र में सेना के शौर्य, सामरिक क्षमता और रणनीतिक कौशल पर आधारित ‘इंटीग्रेटेड कॉम्बैट डिस्प्ले’ आयोजित किया जाएगा।
आयोजन में लगभग 50 हजार दर्शकों के शामिल होने की संभावना जताई गई है। इसके लिए सुरक्षा, यातायात, पार्किंग, पेयजल, चिकित्सा और अन्य व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि आयोजन की गरिमा के अनुरूप सभी व्यवस्थाएं निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार समय-सीमा में पूर्ण की जाएंगी।
कलेक्टर ने की तैयारियों की समीक्षा
तैयारियों की समीक्षा के लिए कलेक्टर श्री प्रियंक मिश्रा की अध्यक्षता में कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में बैठक आयोजित हुई। बैठक में भारतीय सेना के कर्नल सुब्रत मिश्रा, कर्नल सनी जुनेजा, अपर कलेक्टर श्री महेंद्र कवचे सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आयोजन की गरिमा के अनुरूप सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय-सीमा में पूर्ण की जाएं।
एक अन्य बैठक में सेना के सिविल इंजीनियर विशेषज्ञ ने परेड मैदान को सेना के टैंक के वजन के अनुरूप भारतीय रोड कांग्रेस के मानक अनुसार बनाने के लिए पीडब्ल्यूडी, नगर निगम एवं अन्य निर्माण एजेंसियों के साथ तकनीकी मानकों पर विस्तृत चर्चा की। सेना ने आयोजन को सफल बनाने के लिए मध्यप्रदेश शासन और भोपाल जिला प्रशासन से निरंतर सामंजस्य, समन्वय एवं सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की है।
सहयोग विभाग की भूमिका
इस राष्ट्रीय आयोजन की तैयारियों में सहयोग विभाग की भी अहम भूमिका है। सरकार के अनुसार, आयोजन से जुड़े समन्वय और व्यवस्थाओं में विभिन्न विभागों के साथ सहयोग विभाग भी सक्रिय है। जिला प्रशासन, नगर निगम, पुलिस, लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य विभाग और अन्य विभागों के बीच समन्वय से ही इतने बड़े आयोजन को सफल बनाया जा सकता है।
भोपाल के लिए क्या मायने
भोपाल के लिए आर्मी डे परेड की मेजबानी कई मायनों में खास है। पहला, यह शहर को राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़े आयोजन के नक्शे पर लाएगा। दूसरा, इससे पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलने की उम्मीद है। तीसरा, युवाओं में सेना के प्रति आकर्षण और राष्ट्रभक्ति की भावना मजबूत होगी। सेना के अत्याधुनिक उपकरणों और शौर्य प्रदर्शन को करीब से देखने का मौका आम लोगों को कम ही मिलता है।
शहर के लोगों के लिए यह आयोजन गर्व का विषय है। भोपाल पहले भी कई राष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी कर चुका है, लेकिन आर्मी डे परेड जैसा सैन्य आयोजन अपने आप में अलग है। प्रशासन का कहना है कि आयोजन की तैयारियों में किसी तरह की कमी नहीं छोड़ी जाएगी।
दर्शकों के लिए क्या रहेगा खास
आम लोगों के लिए इस आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण सेना को करीब से देखने का मौका होगा। परेड में विभिन्न रेजिमेंटों के जवानों का मार्च, सैन्य बैंड की धुनें और अनुशासन का प्रदर्शन लोगों को सेना की कार्यशैली से परिचित कराएगा। जंबूरी मैदान में होने वाले उपकरण प्रदर्शन में लोग सेना के वाहनों और उपकरणों को देख सकेंगे, जबकि शौर्य संध्या में देशभक्ति से जुड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
आयोजन के दिन शहर में यातायात व्यवस्था में बदलाव संभव है। प्रशासन की ओर से समय-समय पर यातायात और सुरक्षा से जुड़ी सलाह जारी की जाएगी। दर्शकों से अपील है कि वे प्रशासन की सलाह का पालन करें, समय से पहले आयोजन स्थल पर पहुंचें और सुरक्षा जांच में सहयोग करें। बच्चों और बुजुर्गों के साथ आने वाले लोग अपनी सुविधा के अनुसार स्थान चुनें।
आगे की तैयारियां
आयोजन में अभी करीब तीन महीने का समय है। इस दौरान परेड मार्ग का निर्माण और सुदृढ़ीकरण, स्टेडियम और मैदानों की तैयारी, सुरक्षा व्यवस्था का खाका और यातायात योजना पर काम होगा। सेना और जिला प्रशासन के बीच नियमित बैठकें जारी रहेंगी। सरकार के अनुसार, तैयारियों की समीक्षा समय-समय पर की जाती रहेगी, ताकि आयोजन के दिन कोई अव्यवस्था न हो।
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