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17 अक्टूबर को सूर्य का तुला प्रवेश: बनेगा दुर्लभ त्रिग्रही योग, इन 3 राशियों को मिल सकते हैं धन-करियर के शुभ योग

त्रिग्रही योग — तुला राशि में सूर्य, बुध और शुक्र

भोपाल ब्यूरो। अक्टूबर के मध्य में ग्रहों की चाल में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। वैदिक पंचांग के अनुसार शुक्रवार, 17 अक्टूबर 2026 को शाम 7 बजकर 50 मिनट पर ग्रहों के राजा सूर्य कन्या राशि से निकलकर तुला राशि में प्रवेश करेंगे। इस राशि में पहले से ही बुध और शुक्र की मौजूदगी है, इसलिए सूर्य के प्रवेश के साथ ही तुला राशि में तीन ग्रह एक साथ आ जाएंगे — ज्योतिष शास्त्र में इसी संयोग को त्रिग्रही योग कहा जाता है। करीब एक महीने तक — 16 नवंबर तक — सूर्य तुला में रहेंगे, उसके बाद वृश्चिक राशि में चले जाएंगे।

क्यों खास है यह त्रिग्रही योग

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार तुला राशि में बुध और शुक्र की युति से पहले से ही लक्ष्मी राजयोग बना हुआ है। अब सूर्य के इस राशि में पहुंचने से बुध के साथ बुधादित्य योग और शुक्र के साथ शुक्रादित्य योग बनने की स्थिति बनेगी। ज्योतिष में सूर्य को आत्मविश्वास, पद, प्रतिष्ठा और नेतृत्व क्षमता का कारक ग्रह माना जाता है, इसलिए इस संयोग को आर्थिक, करियर और प्रतिष्ठा से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मान्यता है कि तुला राशि में सूर्य नीच अवस्था में रहता है, लेकिन तीनों ग्रहों के एक साथ होने और इन राजयोगों के कारण ज्योतिषीय गणना कुछ राशियों के लिए विशेष रूप से अनुकूल फल की ओर इशारा कर रही है।

सिंह, तुला और मकर को लाभ के संकेत

ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस त्रिग्रही योग का सबसे अधिक सकारात्मक प्रभाव सिंह, तुला और मकर राशि के जातकों पर दिख सकता है। सिंह राशि वालों के लिए कारोबार में मुनाफे की संभावना बन सकती है, नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारी और प्रतिष्ठा में वृद्धि के योग दिख रहे हैं, और लंबे समय से अटका धन वापस मिलने की संभावना मानी जा रही है। तुला राशि में ही गोचर होने के कारण इस राशि के जातकों पर विशेष प्रभाव पड़ सकता है — आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ व्यापार में बड़ी सफलता और पारिवारिक जीवन में सुख-शांति की संभावना बन सकती है। मकर राशि वालों के लिए भी यह संयोग करियर और आर्थिक लिहाज से लाभकारी साबित हो सकता है — पैतृक संपत्ति से लाभ, वरिष्ठों का सहयोग और नया कारोबार शुरू करने के लिए अनुकूल समय माना जा रहा है। बाकी राशियों के लिए यह समय धैर्य, योजनाबद्ध काम और अनुशासन के लिए अच्छा माना गया है।

सूर्य को मजबूत करने के उपाय

परंपरागत मान्यता के अनुसार सूर्य के तुला में गोचर की अवधि में सुबह सूर्योदय के समय तांबे के लोटे से सूर्य को जल अर्पित करना शुभ माना गया है। रविवार को गेहूं, गुड़ या तांबे का दान सूर्य को प्रसन्न करने वाला उपाय माना जाता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस अवधि में सूर्य से जुड़ी साधना और सूर्य नमस्कार के अभ्यास से आत्मविश्वास और ऊर्जा बढ़ने में मदद मिल सकती है। पिता और वरिष्ठों का सम्मान करने से भी इस गोचर के दौरान अनुकूल फल की संभावना मानी गई है।

ग्रहों के गोचर का प्रभाव सामान्य ज्योतिषीय गणना पर आधारित है; यह जानकारी संभावना की भाषा में दी गई है, किसी निश्चित फल की गारंटी नहीं।

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