मध्यप्रदेश सरकार भंग कर राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग, गैरइरादतन हत्या के मुकदमे की भी मांग

इंदौर | 3 जनवरी 2026
मध्यप्रदेश सरकार की कथित लापरवाही के कारण सैकड़ों लोगों की मौत का आरोप लगाते हुए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी राहुल गांधी सद्भावना मंच ने महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ज्ञापन सौंपकर मध्यप्रदेश सरकार को भंग कर राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की है।



यह ज्ञापन राष्ट्रीय समन्वयक रानू मलेरिया (दीपक), प्रदेश अध्यक्ष अशोक नालिया एवं इंदौर शहर कांग्रेस के अमित यादव के नेतृत्व में सौंपा गया।
भागीरथपुरा हादसे सहित कई मामलों का हवाला
ज्ञापन में कहा गया कि इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में गंदे पानी की आपूर्ति और प्रशासनिक लापरवाही के कारण सैकड़ों लोगों की जान चली गई। आरोप लगाया गया कि इस पूरे मामले में प्रभारी मुख्यमंत्री मोहन यादव, क्षेत्रीय मंत्री एवं विधायक कैलाश विजयवर्गीय, इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव, क्षेत्रीय पार्षद कमल भागेला, नगर निगम कमिश्नर और जोनल अधिकारियों की गंभीर लापरवाही सामने आई है।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पिछले दो वर्षों से लगातार शिकायतें की जा रही थीं, लेकिन जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया। इसी लापरवाही के चलते बड़े पैमाने पर जनहानि हुई, इसलिए सभी दोषियों पर गैरइरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए।
पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि पूरे मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। कहीं दूषित खून चढ़ाने से मरीजों की मौत, कहीं इलाज के दौरान चूहे मरीजों को कुतर रहे हैं, कहीं बच्चों की ऑक्सीजन सप्लाई बंद, तो कहीं अस्पतालों में करंट फैलने से मौतें हो रही हैं।
नेताओं ने कहा कि मुफ्त इलाज की घोषणाएं सिर्फ कागजों तक सीमित हैं, जबकि अस्पतालों में मरीजों से हजारों से लेकर लाखों रुपये तक वसूले जा रहे हैं।
सरकार पर संवेदनहीनता का आरोप
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मंत्री खुलेआम मीडिया से अभद्र व्यवहार करते हैं और भाजपा कार्यकर्ता यह तक कहते हैं कि इंदौर में कोई बड़ा कांड नहीं हुआ। इस तरह के बयान सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाते हैं।
उन्होंने कहा कि जब जिम्मेदार लोग इस तरह की भाषा का प्रयोग करेंगे, तो आम नागरिकों के साथ व्यवहार का अंदाजा लगाया जा सकता है।
राष्ट्रपति से की हस्तक्षेप की मांग
ज्ञापन के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति से अपील की गई कि देश और प्रदेश की छवि को धूमिल होने से बचाने के लिए तत्काल मध्यप्रदेश सरकार को भंग कर राष्ट्रपति शासन लगाया जाए।
बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता रहे मौजूद
इस अवसर पर पार्षद राजू भदोरिया, शेखर पटेल, श्याम सुंदर यादव, मनीष पवार, हिमांशु मलेरिया, रमेश घाटे, आशीष यादव, पूनम सांवरिया, गोलू यादव, राजाराम बोरसी, जधयन सिंह चौहान, देवी सिंह सिंगर, विजयनाथ राठौर सहित अनेक कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
