इंदौर के ब्रजेश्वरी एनेक्स में भीषण अग्निकांड: पुगलिया परिवार के आठ सदस्यों की दर्दनाक मौत, खुशियों का घर चंद घंटों में राख में तब्दील, गर्भवती बहू सहित कई जानें गईं, पूरे शहर में शोक की लहर, मुख्यमंत्री और विपक्षी नेताओं ने जताई संवेदना, घटना की जांच जारी


मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी और “मिनी मुंबई” कहे जाने वाले इंदौर के बंगाली चौराहा क्षेत्र स्थित ब्रजेश्वरी एनेक्स कॉलोनी में एक भीषण अग्निकांड ने पूरे शहर को गहरे सदमे में डाल दिया। जो घर कुछ घंटों पहले तक खुशियों, तैयारियों और आने वाले नन्हे मेहमान के स्वागत में सजा हुआ था, वही देखते ही देखते राख के ढेर में तब्दील हो गया।
कारोबारी मनोज पुगलिया के तीन मंजिला मकान में उस रात उत्सव का माहौल था। उनकी बड़ी बहू सिमरन आठ माह की गर्भवती थीं और परिवार दादा-दादी बनने की खुशी में भविष्य के सुनहरे सपने बुन रहा था। घर में एक पारिवारिक कार्यक्रम के चलते मेहमान भी मौजूद थे, जिससे वातावरण और भी उल्लासपूर्ण था।
लेकिन तड़के लगभग साढ़े तीन बजे अचानक घर में आग की पहली चिंगारी भड़की। कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरा मकान लपटों में घिर गया। करीब 45 मिनट बाद फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आग ने सब कुछ अपनी चपेट में ले लिया था।
इस हृदयविदारक हादसे में परिवार के कई सदस्यों की दर्दनाक मौत हो गई। एक ही परिवार के आठ लोगों की एक साथ चिता जलने का दृश्य इतना मार्मिक था कि पूरे शहर की आंखें नम हो गईं। श्मशान घाट पर पसरा सन्नाटा इस त्रासदी की भयावहता को बयां कर रहा था।
घटना के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी भी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने इस दुख की घड़ी में हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।


मुख्यमंत्री ने कहा कि “यह घटना अत्यंत दुखद और हृदयविदारक है। पुगलिया परिवार पर जो विपत्ति आई है, उसमें पूरा प्रदेश उनके साथ खड़ा है।” वहीं, जीतू पटवारी ने भी इस त्रासदी को अत्यंत पीड़ादायक बताते हुए कहा कि एक साथ आठ लोगों की मृत्यु ने पूरे समाज को झकझोर दिया है।
प्रशासन ने घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रारंभिक स्तर पर आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है, वहीं भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए विशेषज्ञों से सलाह लेकर आवश्यक सुरक्षा उपाय लागू करने की बात कही जा रही है।
घटना के बाद पूरे इंदौर में शोक की लहर है। स्थानीय नागरिकों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न वर्गों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए दिवंगतों को श्रद्धांजलि अर्पित की है। यह हादसा न केवल एक परिवार की अपूरणीय क्षति है, बल्कि पूरे शहर के लिए एक गहरी पीड़ा और चेतावनी बनकर सामने आया है।
