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स्व-सहायता समूहों से महिलाएं बन रहीं आत्मनिर्भर, विकसित भारत में निभा रहीं महत्वपूर्ण भूमिका: मंत्री सिलावट

स्व-सहायता समूह को 32 लाख रुपए का डेमो चेक सौंपते अतिथि आठ आजीविका स्वयं सहायता समूह को 32 लाख रुपए का डेमो चेक। फोटो: जनसंपर्क मप्र

स्व-सहायता समूहों से महिलाएं बन रहीं आत्मनिर्भर, विकसित भारत में निभा रहीं महत्वपूर्ण भूमिका: मंत्री सिलावट

इंदौर ब्यूरो। ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गठित शक्ति संकुल स्तरीय संगठन की साधारण सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट मुख्य रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री विश्वजीत सिसोदिया, जिला पंचायत सदस्यगण, जनप्रतिनिधि, ग्रामीण आजीविका मिशन के अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में स्व-सहायता समूहों की महिला सदस्य उपस्थित रहीं।

महिला सशक्तिकरण विकास का आधार

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण को देश के विकास का महत्वपूर्ण आधार बनाया गया है। स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने, बैंकिंग एवं वित्तीय सेवाओं से जोड़ने, कौशल विकास, उद्यमिता और बाजार से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार भी ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से विभिन्न गतिविधियों को बढ़ावा दे रही है।

महिला शक्ति ही विकसित भारत की आधारशिला

मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में ग्रामीण महिलाओं और स्व-सहायता समूहों की महत्वपूर्ण भूमिका है। जब गांव की महिला आर्थिक रूप से सशक्त होती है, तो उसका सीधा प्रभाव परिवार की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और जीवन स्तर पर पड़ता है। आज स्व-सहायता समूहों की महिलाएं कृषि, पशुपालन, खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प, सिलाई-कढ़ाई, छोटे उद्योग और सेवा गतिविधियों सहित अनेक क्षेत्रों में कार्य कर रही हैं।

स्कूली बच्चों को साइकिल वितरण
स्कूली बच्चों को साइकिल वितरण। फोटो: जनसंपर्क मप्र

विधानसभा क्षेत्र में आजीविका मिशन की उपलब्धियां

कार्यक्रम में बताया गया कि विधानसभा क्षेत्र में कुल 08 संकुल स्तरीय संगठन और 1625 स्व-सहायता समूहों के 20 हजार सदस्य मिशन से जुड़े हैं। समूहों एवं सदस्यों को विभिन्न आजीविका गतिविधियों के लिए शासन से सहायता राशि उपलब्ध कराई गई है। मंत्री श्री सिलावट ने अधिक से अधिक महिलाओं को लखपति दीदी बनाने और समूहों को नए व्यवसाय एवं बाजार से जोड़ने पर जोर दिया।

कार्यक्रम के दौरान आठ आजीविका स्वयं सहायता समूह को 32 लाख रुपए का डेमो चेक भी सौंपा गया, वहीं स्कूली बच्चों को साइकिलों का वितरण किया गया।

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