भोपाल ब्यूरो। राजधानी में फर्जी आईएएस अधिकारी बनकर ठगी के बहुचर्चित मामले में पुलिस जांच ने नया मोड़ ले लिया है। इस प्रकरण में शिकायत दर्ज कराने वाले व्यक्ति को ही पुलिस ने अब आरोपी बना दिया है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) की जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है।
सीडीआर जांच में बदली शिकायतकर्ता की भूमिका
पुलिस सूत्रों के अनुसार, शिकायतकर्ता और कथित फर्जी अधिकारी के मोबाइल फोन के कॉल डिटेल रिकॉर्ड की जांच में ऐसे तथ्य सामने आए, जिनके बाद शिकायतकर्ता की भूमिका भी संदिग्ध मानी गई। इन्हीं तथ्यों के आधार पर पुलिस ने शिकायतकर्ता को भी इस मामले में आरोपी बनाया है। पुलिस का कहना है कि पूरे घटनाक्रम में शिकायतकर्ता की भूमिका की गहन जांच जरूरी हो गई थी।
क्या है पूरा मामला
गौरतलब है कि इस मामले में एक व्यक्ति पर खुद को भारतीय प्रशासनिक सेवा का अधिकारी बताकर लोगों से ठगी करने का आरोप है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान पुलिस ने संबंधित पक्षों के मोबाइल फोन के कॉल डिटेल रिकॉर्ड निकलवाए थे, ताकि आपसी संपर्क और घटनाक्रम की कड़ियों को समझा जा सके।
उल्लेखनीय है कि शनिवार देर रात तक की जानकारी के अनुसार पुलिस ने शिकायतकर्ता को आरोपी नहीं बनाया था। ताजा जांच में सामने आए तथ्यों के बाद स्थिति बदल गई और अब शिकायतकर्ता भी आरोपी के रूप में जांच के दायरे में है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और जैसे-जैसे तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस की अपील
गौरतलब है कि राजधानी सहित प्रदेश के अन्य शहरों में फर्जी अधिकारी बनकर ठगी के मामले समय-समय पर सामने आते रहे हैं। पुलिस लोगों से अपील करती है कि किसी भी व्यक्ति के अधिकारी होने के दावे पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। किसी भी तरह के संदेह की स्थिति में तुरंत नजदीकी थाने या पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दें, ताकि समय रहते ठगी का शिकार होने से बचा जा सके।
