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गोदाम में मिलीं गर्भपात की 9,360 किट! औषधि विभाग का छापा, ₹40 लाख का स्टॉक जब्त

गोदाम में जब्त दवाओं की पेटियों की जांच करते औषधि विभाग के अधिकारी

इंदौर ब्यूरो। इंदौर में दवाओं के अवैध भंडारण और सप्लाई नेटवर्क पर औषधि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। शनिवार को लसूड़िया मोरी स्थित एक फर्म के गोदाम का निरीक्षण करने पहुंची विभाग की टीम को वहां ‘सेफ-टी’ किट के 9,360 पैक मिले, जिनकी बाजार कीमत करीब 40 लाख रुपये बताई जा रही है। पूरा स्टॉक मौके पर ही जब्त कर लिया गया है। विभाग का कहना है कि इतनी बड़ी मात्रा में किट गोदाम तक कैसे पहुंचीं और इन्हें कहां भेजा जाना था, इसकी जांच की जा रही है।

जानकारी के मुताबिक औषधि विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि लसूड़िया मोरी के एक गोदाम में बड़ी मात्रा में गर्भपात में इस्तेमाल होने वाली दवाओं की किट रखी गई हैं। सूचना के आधार पर टीम मौके पर पहुंची और गोदाम की तलाशी ली। जांच में हजारों की संख्या में ‘सेफ-टी’ किट के पैक मिलने के बाद अधिकारियों ने पूरा स्टॉक जब्त कर लिया। इसके साथ ही गोदाम में मौजूद स्टॉक रजिस्टर, खरीद-बिक्री से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की भी जांच शुरू कर दी गई। अधिकारियों के मुताबिक दस्तावेजों की पूरी पड़ताल के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

रिकॉर्ड में 1.75 लाख किट की खरीद-बिक्री का खुलासा

कार्रवाई के दौरान फर्म की ओर से खरीद-बिक्री से जुड़े कुछ ही रिकॉर्ड प्रस्तुत किए गए। विभागीय टीम ने उपलब्ध दस्तावेजों की जांच की तो एक बड़ा आंकड़ा सामने आया — रिकॉर्ड के मुताबिक फर्म द्वारा करीब 1 लाख 75 हजार ‘सेफ-टी’ किट की खरीद और बिक्री की गई है। अब विभाग इन किटों के क्रय-विक्रय से जुड़े दस्तावेजों और बिलों का सत्यापन कर रहा है। साथ ही यह भी जांचा जा रहा है कि ये किट किन जिलों और किन प्रतिष्ठानों तक पहुंचीं।

धार कोठी की कार्रवाई से मिला था सुराग

विभागीय सूत्रों के मुताबिक धार कोठी स्थित एक गोदाम पर पहले की गई कार्रवाई के दौरान मिले रिकॉर्ड और सुरागों के आधार पर जांच लसूड़िया मोरी स्थित इस फर्म तक पहुंची। इसके बाद फर्म के क्रय-विक्रय रिकॉर्ड की गहन पड़ताल की गई। जांच में मध्यप्रदेश के अलग-अलग जिलों से संबंधित बिल और अन्य रिकॉर्ड भी सामने आए हैं।

प्रदेशभर में जांच के आदेश

मामले को गंभीरता से लेते हुए इन दस्तावेजों की जानकारी औषधि विभाग के भोपाल स्थित मुख्यालय को भेज दी गई है। इसके बाद औषधि नियंत्रक के निर्देश पर प्रदेश के अन्य जिलों में भी इस मामले से जुड़े रिकॉर्ड और संबंधित फर्मों की जांच की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अधिकारियों के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इतनी बड़ी मात्रा में किट किस उद्देश्य से रखी गई थीं और क्या इनकी बिक्री में नियमों का उल्लंघन हुआ है। विभाग संबंधित पक्ष से खरीद, भंडारण और सप्लाई से जुड़े सभी रिकॉर्ड मांग रहा है।

जब्त की गई दवाओं के पैक और पेटियां — प्रतीकात्मक तस्वीर
प्रतीकात्मक फोटो। फोटो: आईएनएच न्यूज़

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