लसूड़िया थाने ने बाजी मारी, सितंबर का बना No. 1 थाना।
इंदौर पुलिस कमिश्नरेट ने सितंबर 2026 माह के लिए अपने सभी थानों की रैंकिंग जारी कर दी है। इस मूल्यांकन में थाना लसूड़िया ने सबसे बेहतर प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान हासिल किया है। प्रभावी कार्रवाई और बेहतर पुलिसिंग के दम पर लसूड़िया थाना इंदौर के 32 थानों में अव्वल रहा। इसके बाद थाना खजराना दूसरे स्थान पर और थाना राजेंद्र नगर तीसरे स्थान पर रहे।
सितंबर रैंकिंग में टॉप-3 थाने
सितंबर माह के मूल्यांकन में इंदौर पुलिस कमिश्नरेट के सभी 32 थानों के कामकाज की समीक्षा की गई। रैंकिंग में पहले स्थान पर थाना लसूड़िया (जोन-02) रहा। दूसरे स्थान पर थाना खजराना (जोन-02) और तीसरे स्थान पर थाना राजेंद्र नगर (जोन-01) रहे। टॉप-3 में जोन-02 के दो थानों का होना इस जोन के बेहतर प्रदर्शन को दर्शाता है।

32 थानों की पूरी रैंकिंग
इंदौर पुलिस कमिश्नरेट के सभी 32 थानों की सितंबर 2026 की रैंकिंग इस प्रकार है:
| क्रम | जोन | थाना |
|---|---|---|
| 1 | जोन-2 | लसूड़िया |
| 2 | जोन-2 | खजराना |
| 3 | जोन-1 | राजेन्द्र नगर |
| 4 | जोन-2 | विजय नगर |
| 5 | जोन-3 | बाणगंगा |
| 6 | जोन-1 | राऊ |
| 7 | जोन-4 | भंवरकुआ |
| 8 | जोन-4 | चंदन नगर |
| 9 | जोन-1 | मल्हारगंज |
| 10 | जोन-1 | तेजाजी नगर |
| 11 | जोन-2 | एमआईजी |
| 12 | जोन-1 | आजाद नगर |
| 13 | जोन-3 | एम.जी. रोड |
| 14 | जोन-3 | तुकोगंज |
| 15 | जोन-1 | गांधी नगर |
| 16 | जोन-2 | कनाड़िया |
| 17 | जोन-1 | सदर बाजार |
| 18 | जोन-2 | परदेशीपुरा |
| 19 | जोन-1 | एरोड्रम |
| 20 | जोन-3 | संयोगितगंज |
| 21 | जोन-3 | हीरा नगर |
| 22 | जोन-2 | तिलक नगर |
| 23 | जोन-4 | जूनी इन्दौर |
| 24 | जोन-3 | पलासिया |
| 25 | जोन-4 | अन्नपूर्णा |
| 26 | जोन-3 | सेन्ट्रल कोतवाली |
| 27 | जोन-4 | छत्रीपुरा |
| 28 | जोन-4 | द्वारकापुरी |
| 29 | जोन-4 | रावजी बाजार |
| 30 | जोन-4 | पंढरीनाथ |
| 31 | जोन-3 | छोटी ग्वालटोली |
| 32 | जोन-4 | सराफा |
रैंकिंग कैसे तय होती है
इंदौर शहर में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण, बेहतर पुलिसिंग और पुलिस की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जनोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से पुलिस कमिश्नर इंदौर श्री संतोष कुमार सिंह के दिशा-निर्देशन में इंदौर पुलिस कमिश्नरेट ने थानों के कामों के मूल्यांकन की एक मानकीकृत प्रणाली लागू की है। इसके तहत हर माह तय मापदंडों के आधार पर सभी थानों के कामों की समीक्षा की जाती है।
सितंबर माह के मूल्यांकन में थानों के कार्य निष्पादन, अपराध नियंत्रण, जनसंतुष्टि और आमजन के हित में किए जा रहे नवाचारों सहित विभिन्न तय मापदंडों पर समीक्षा की गई। इन्हीं मापदंडों पर मिले प्रदर्शन के आधार पर रैंकिंग तैयार की गई।
सराफा थाना अंतिम स्थान पर
तय मापदंडों पर औसत प्रदर्शन के चलते थाना सराफा (जोन-04) इस बार की रैंकिंग में अंतिम, यानी 32वें स्थान पर रहा। रैंकिंग में नीचे रहने वाले थानों के लिए यह एक संकेत है कि उन्हें अपनी कार्यप्रणाली में सुधार की जरूरत है।
बेहतर प्रदर्शन को प्रोत्साहन, कमजोरियों में सुधार पर जोर
कमिश्नरेट की व्यवस्था के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले थानों के थाना प्रभारियों और पुलिसकर्मियों को प्रोत्साहित किया जाएगा। वहीं, अपेक्षाकृत कमजोर प्रदर्शन करने वाले थानों के थाना प्रभारी और स्टाफ को कार्यप्रणाली में सुधार के लिए जरूरी प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही, काम में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।

व्यवस्था का मकसद: जवाबदेही और जनविश्वास
इंदौर पुलिस कमिश्नरेट ने मासिक मूल्यांकन की इस व्यवस्था के जरिए पुलिसिंग में लगातार सुधार, जवाबदेही, पारदर्शिता और जनविश्वास को मजबूत करने के प्रयास जारी रखे हैं। हर माह की रैंकिंग से थानों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा भी बनती है और आमजन को बेहतर पुलिस सेवा मिलने की उम्मीद बढ़ती है।
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