डेस्क रिपोर्ट
दिवाली का त्योहार नजदीक आ रहा है — इस बार धनतेरस 6 नवंबर और दिवाली 8 नवंबर को मनाई जाएगी। त्योहार से पहले हर घर में साफ-सफाई और सजावट की तैयारियां जोरों पर होती हैं। लेकिन सजावट का मतलब हमेशा महंगा सामान खरीदना नहीं होता। थोड़ी सूझबूझ, घर में मौजूद चीजों का दोबारा इस्तेमाल और पारंपरिक सजावट के तरीकों से कम बजट में भी घर को बेहद खूबसूरत बनाया जा सकता है। यहां हम बता रहे हैं 10 ऐसे आसान आइडिया, जिनसे आपकी दिवाली रोशन और यादगार बनेगी।
1. सबसे पहले बजट तय करें
सजावट शुरू करने से पहले एक छोटा-सा बजट तय कर लें। तय करें कि दीयों, फूलों, लाइट्स और रंगोली के रंगों पर कितना खर्च करना है। बजट तय होने से बेवजह की खरीदारी नहीं होती और पैसा सही जगह लगता है। बाजार जाने से पहले घर में मौजूद सामान देख लें — पुराने दीये, बचे हुए रंग, खाली जार, रिबन और सजावटी कपड़े अक्सर काम आ जाते हैं।
2. मिट्टी के दीये — सबसे सस्ती और सबसे सुंदर रोशनी
दिवाली की असली पहचान मिट्टी के दीये हैं। बाजार में दर्जन के हिसाब से सस्ते दीये मिल जाते हैं। इन्हें घर के प्रवेश द्वार, खिड़कियों, बालकनी और आंगन में कतार में लगाएं। दीयों में सरसों का तेल या घी डालें और बाती थोड़ी मोटी रखें, ताकि दीया लंबे समय तक जले। चाहें तो दीयों को हल्दी या कुमकुम से सजाकर और आकर्षक बना सकते हैं।
3. रंगोली — प्रवेश द्वार की शान
मुख्य दरवाजे के सामने बनाई गई रंगोली मेहमानों का स्वागत करती है। रंगोली के लिए महंगे रंग खरीदने की जरूरत नहीं — चावल का आटा, हल्दी, कुमकुम, गुलाल और फूलों की पंखुड़ियों से भी सुंदर रंगोली बनती है। अगर हाथ से डिजाइन बनाने में दिक्कत हो, तो छलनी या कटोरी से आउटलाइन बनाकर उसमें रंग भरें। फूलों की रंगोली सबसे आसान और ताजी लगती है।
4. गेंदे के फूल और तोरण
दिवाली की सजावट में गेंदे के पीले-नारंगी फूल सबसे शुभ और सस्ते माने जाते हैं। मुख्य द्वार पर गेंदे के फूलों और आम के पत्तों का तोरण लगाएं — धार्मिक मान्यता में इसे बहुत पवित्र माना जाता है। फूलों की मालाएं दरवाजों, खिड़कियों और पूजा स्थल पर लगाएं। ताजे फूलों की खुशबू पूरे घर में त्योहारी माहौल बना देती है।
5. LED लाइट्स का समझदारी से इस्तेमाल
बिजली की झालरें घर को जगमग बनाती हैं, लेकिन इन्हें हर जगह लगाने के बजाय कुछ चुनिंदा जगहों पर लगाएं — जैसे बालकनी की रेलिंग, मुख्य द्वार के आसपास और आंगन के पेड़। सौर ऊर्जा से चलने वाली लाइट्स भी अब सस्ती मिलती हैं, जिनसे बिजली का बिल नहीं बढ़ता। पुरानी काम कर रही लाइट्स को फेंकने के बजाय इस साल भी इस्तेमाल करें।
6. पुराने सामान से DIY सजावट
कबाड़ से जुगाड़ दिवाली की सजावट का सबसे मजेदार हिस्सा है। पुराने कांच के जारों में दीये रखकर लालटेन बनाएं, पुरानी चूड़ियों से दीया स्टैंड बनाएं, गत्ते से झरोखे काटकर दीवार पर लगाएं। बच्चों के साथ बैठकर कागज के फूल और झालरें बनाना न सिर्फ सस्ता है, बल्कि पूरे परिवार के लिए यादगार पल भी बनाता है।
7. बालकनी और आंगन पर खास ध्यान
अक्सर लोग सिर्फ अंदर के कमरे सजाते हैं, लेकिन दिवाली की रौनक बाहर से दिखती है। बालकनी में गमले सजाएं, रेलिंग पर लाइट्स लगाएं और एक कोने में दीयों की कतार रखें। आंगन में तुलसी के पौधे के पास दीये जलाना पारंपरिक और शुभ माना जाता है। पानी से भरे चौड़े बर्तन में तैरते दीये और फूलों की पंखुड़ियां बहुत सुंदर लगती हैं।
8. सुरक्षा सबसे पहले
सजावट के साथ सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है। दीयों को पर्दों, कागज या सूखे फूलों से दूर रखें। बच्चों और पालतू जानवरों की पहुंच से दीये दूर रखें। बिजली की लाइट्स के तार कटे-फटे न हों, इसका ध्यान रखें। हवा वाली जगहों पर दीयों को कांच के जार या लालटेन के अंदर जलाएं, ताकि वे बुझें नहीं और आग का खतरा भी न रहे।
9. इको-फ्रेंडली दिवाली अपनाएं
प्लास्टिक की एक बार इस्तेमाल होने वाली सजावट के बजाय दोबारा इस्तेमाल होने वाले विकल्प चुनें। मिट्टी के दीये, प्राकृतिक फूल, कपड़े के तोरण और कागज की सजावट पर्यावरण के लिए बेहतर है। केमिकल वाले रंगों के बजाय प्राकृतिक रंगों से रंगोली बनाएं। ऐसी दिवाली न सिर्फ सुंदर होती है, बल्कि प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी भी दिखाती है।
10. पूजा स्थल को दें सबसे ज्यादा महत्व
दिवाली की सजावट का केंद्र पूजा स्थल होता है। इसे साफ करके फूलों, दीयों और नई चुनरी से सजाएं। मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की मूर्तियों के आसपास गेंदे के फूलों की माला लगाएं। पूजा स्थल के सामने छोटी रंगोली बनाएं और दो बड़े दीये दोनों ओर रखें। मान्यता है कि साफ-सुथरा और रोशन पूजा स्थल घर में सुख-समृद्धि लाता है।
आगे क्या
दिवाली की सजावट में सबसे जरूरी है उत्साह और परिवार का साथ। महंगे सामान से ज्यादा मायने रखता है घर का साफ-सुथरा होना, दीयों की रोशनी और अपनों का साथ। ऊपर दिए गए आइडिया में से अपनी पसंद और बजट के हिसाब से चुनें, और इस दिवाली अपने घर को रोशनी से जगमग कर दें। सजावट करते समय सुरक्षा और पर्यावरण — दोनों का ध्यान रखें, ताकि त्योहार खुशियों के साथ-साथ जिम्मेदारी भरा भी हो।
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