नलखेड़ा ब्यूरो। शारदीय नवरात्रि महापर्व (11 अक्टूबर से 19 अक्टूबर 2026) के पावन अवसर पर मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध सर्व सिद्ध पीठ माँ बगलामुखी मंदिर, नलखेड़ा में विशेष अनुष्ठान का आयोजन किया जा रहा है। नवरात्रि के नौ दिनों तक माँ बगलामुखी का सवा लक्ष्य जाप अनुष्ठान श्रद्धा एवं विधि-विधान के साथ संपन्न होगा, जिसमें जाप, पूजन एवं हवन शामिल हैं।
शत्रु बाधा निवारण की अधिष्ठात्री हैं माँ बगलामुखी
माँ बगलामुखी दस महाविद्याओं में से एक हैं और इन्हें शत्रुओं की वाणी, गति और बुद्धि के स्तंभन की देवी माना जाता है। मान्यता है कि माँ बगलामुखी की आराधना से शत्रु बाधा, तंत्र बाधा, कोर्ट-कचहरी के मामलों और जीवन में आ रही विभिन्न बाधाओं से मुक्ति मिलती है। यही कारण है कि नवरात्रि में यहाँ विशेष हवन-पूजन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु संकल्प लेते हैं।
सवा लक्ष्य जाप अनुष्ठान का महत्व
नवरात्रि के दौरान माँ बगलामुखी का सवा लक्ष्य (एक लाख पच्चीस हजार) जाप अनुष्ठान विशेष फलदायी माना जाता है। मान्यता के अनुसार पूरे नौ दिनों तक अपने संकल्प और मनोकामनाओं के साथ यह अनुष्ठान करवाने से माँ का आशीर्वाद प्राप्त होता है। श्रद्धालु लक्ष्मी प्राप्ति एवं व्यापार में उन्नति, कर्ज मुक्ति, नौकरी-प्रमोशन, विवाह बाधा निवारण, संतान सुख, रोग बाधा से रक्षा और पारिवारिक सुख-शांति जैसी मनोकामनाओं के साथ अनुष्ठान में भाग लेते हैं।
प्रत्यक्ष और ऑनलाइन — दोनों सुविधा
इस बार श्रद्धालुओं के लिए मंदिर में प्रत्यक्ष उपस्थित होकर अनुष्ठान करवाने के साथ-साथ ऑनलाइन सुविधा भी उपलब्ध है। घर बैठे अपने नाम एवं गोत्र के माध्यम से वीडियो कॉलिंग द्वारा भी अनुष्ठान में शामिल हुआ जा सकता है, जिससे दूर-दराज के भक्त भी नवरात्रि के इस पावन पर्व पर माँ की आराधना का लाभ उठा सकें।
नवरात्रि के नौ दिन — आराधना के विशेष दिन
माँ भगवती की भक्ति, मंत्र-जाप और आराधना के इस महापर्व पर श्रद्धालु अपनी श्रद्धा एवं संकल्प के अनुसार पूरे नौ दिनों तक जाप अनुष्ठान करवा सकते हैं। नलखेड़ा का यह सिद्ध पीठ नवरात्रि में विशेष आकर्षण का केंद्र रहता है, जहाँ प्रतिवर्ष हजारों भक्त माँ बगलामुखी के दर्शन और अनुष्ठान के लिए पहुंचते हैं।
फोटो: नलखेड़ा स्थित माँ बगलामुखी मंदिर में विराजमान माँ की प्रतिमा। सौजन्य: ज़ी न्यूज़ हिंदी
