भोपाल ब्यूरो। मध्यप्रदेश की राजधानी में शनिवार को एक बड़े शैक्षणिक और तकनीकी केंद्र की नींव रखी गई। भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आईआईएसईआर) भोपाल के विस्तारित ‘एटीआरआई’ कैंपस का शिलान्यास केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मुख्य आतिथ्य और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुआ। राज्य सरकार ने इस कैंपस के लिए 52 एकड़ ज़मीन आवंटित की है।
AI, क्वांटम और ड्रोन — पांच क्षेत्रों पर फोकस
नए कैंपस में पांच प्रमुख क्षेत्रों पर काम होगा — क्वांटम और उन्नत सामग्री, ड्रोन प्रौद्योगिकी, सतत प्रणालियां, चिकित्सा उपकरण एवं निदान, और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस व रोबोटिक्स। इन क्षेत्रों में अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं और सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
कार्यक्रम में संस्थान परिसर के ‘एकात्म पार्क’ में स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा का अनावरण भी किया गया। इस अवसर पर नीति आयोग के सदस्य, स्थानीय विधायक और संस्थान के निदेशक सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
मध्यप्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि
शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में यह मध्यप्रदेश के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। आईआईएसईआर भोपाल पहले से ही देश के प्रतिष्ठित विज्ञान संस्थानों में गिना जाता है, और नए कैंपस के विस्तार से प्रदेश के युवाओं को क्वांटम कंप्यूटिंग, एआई और ड्रोन जैसी भविष्य की तकनीकों में शोध के अवसर मिलेंगे।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि यह कैंपस आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को मज़बूत करेगा और मध्यप्रदेश को विज्ञान-प्रौद्योगिकी के नक्शे पर और ऊंचा स्थान दिलाएगा।
फोटो: Captgs / Wikimedia Commons (CC BY-SA 4.0)
