भोपाल ब्यूरो। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के उस बयान पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तीखा पलटवार किया है, जिसमें उन्होंने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शनों की तुलना भगवान शिव के ‘तांडव’ से की थी। मुख्यमंत्री ने सोमवार को भोपाल स्थित सीएम हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि शिव का तांडव अराजकता का प्रतीक नहीं, बल्कि पवित्र भावना का प्रतीक है और लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान किया जाना चाहिए।
बहन की ‘समझदार’ बात भी नहीं समझे राहुल
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने राहुल गांधी का एक वीडियो देखा है, जिसमें वे खुद बता रहे हैं कि उनकी बहन ने उन्हें सलाह दी थी कि विरोध प्रदर्शन किसी योजना के तहत होना चाहिए। मुख्यमंत्री के अनुसार, बहन एक समझदारी भरी बात कह रही थीं, लेकिन राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें यह समझ नहीं आया और ‘तांडव’ लगातार चलता रहेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा, “भगवान शिव का तांडव अराजकता नहीं होता, यह पवित्र भावना का प्रतीक है। उनकी बहन ने बहुत समझदारी भरी बात कही है।”
उन्होंने कहा कि इससे कांग्रेस के भीतर के अंदरूनी मतभेद भी सामने आ गए हैं — एक तरफ बहन सुझाव दे रही है और दूसरी तरफ भाई उसे मानने को तैयार नहीं है।

शिव सृष्टि और संहार, दोनों के देवता
मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान शिव सृष्टि और संहार, दोनों के देवता हैं। वे निराकार से साकार और साकार से निराकार की यात्रा के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि जब कोई देवी-देवताओं का स्मरण करता है तो उनके योगदान को भी याद रखना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा, “देवी-देवताओं का अपमान किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” उन्होंने कहा कि धार्मिक प्रतीकों और शब्दों के साथ सम्मान का भाव रखा जाना चाहिए और उनके महत्व को समझे बिना उनका उपयोग नहीं होना चाहिए।
लोकतंत्र में जीत-हार स्वीकार करना परंपरा
मुख्यमंत्री ने लोकतांत्रिक परंपराओं पर जोर देते हुए कहा कि चुनाव में हिस्सा लेना, जीतना-हारना और नतीजों को स्वीकार करना लोकतंत्र का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया में भागीदारी और उसके परिणाम को मानना ही लोकतंत्र की असली भावना है।
मोदी के 25 वर्ष के सार्वजनिक जीवन की सराहना
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्ष के सार्वजनिक जीवन की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि मोदी देश और दुनिया में ऐसे अकेले नेता हैं जो हर बार विधानसभा चुनाव लड़कर मुख्यमंत्री बने और हर बार लोकसभा चुनाव लड़कर प्रधानमंत्री बने।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री की नि:शुल्क राशन योजना का भी उल्लेख किया, जिसके तहत देश के 80 करोड़ गरीबों को मुफ्त राशन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह योजना प्रधानमंत्री की बड़ी उपलब्धियों में से एक है।
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