छतरपुर ब्यूरो।
जिस प्रकार पानी के बिना नदी, प्रकाश के बिना सूर्य और गुरु के बिना शिष्य अधूरा है, उसी प्रकार भक्ति के बिना मनुष्य का जीवन भी अधूरा है।
— पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का यह सुविचार जीवन की सबसे सरल सच्चाई बताता है — मनुष्य के पास धन, पद और सफलता सब हो, लेकिन यदि जीवन में भक्ति और ईश्वर-स्मरण न हो, तो भीतर का खालीपन बना रहता है। भक्ति ही वह आधार है जो मन को स्थिर, विनम्र और संतुलित रखती है।
शास्त्री जी समझाते हैं कि हनुमान जी मंगलमूर्ति हैं — उनका स्मरण जीवन के अमंगल को दूर करता है। कथा, सत्संग और भक्ति मन को शुद्ध करने का माध्यम हैं; जब मन से नकारात्मक विचार निकलते हैं, तभी अच्छे विचारों को स्थान मिलता है। इसलिए हर दिन कुछ समय भक्ति और आत्मचिंतन के लिए निकालना जीवन को सार्थक बनाता है।
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सुविचार स्रोत: jeevanjali.com, 26 अगस्त 2026
