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बालाजी के दर्शन और संन्यासी बाबा का आशीर्वाद लेकर बुंदेलखंड की रथयात्रा पर निकले बागेश्वर महाराज

छतरपुर से रिक्की सिंह की रिपोर्ट

बागेश्वर धाम बुंदेलखंड रथयात्रा

बागेश्वर महाराज

छतरपुर। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री बालाजी के दर्शन और संन्यासी बाबा का आशीर्वाद लेकर बुंदेलखंड की पांच दिवसीय रथयात्रा पर रवाना हुए। यात्रा का शुभारंभ राष्ट्रध्वज फहराकर किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रगान और हनुमान चालीसा का पाठ हुआ। धार्मिक आस्था, राष्ट्र सम्मान और सनातन समाज की एकजुटता के संदेश के साथ शुरू हुई इस यात्रा में बालाजी का रथ प्रमुख आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यात्रा के दौरान महाराज श्री विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों से संवाद कर रहे हैं और समाज में शांति, सद्भाव तथा एकता बनाए रखने का संदेश दे रहे हैं।

बागेश्वर महाराज की यात्राओं की श्रृंखला में यह तीसरी यात्रा बताई जा रही है। इस बार उन्होंने पैदल यात्रा के बजाय रथयात्रा के माध्यम से लोगों तक पहुंचने का मार्ग चुना है। पांच दिवसीय इस यात्रा का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में जनसंपर्क के साथ धार्मिक और सामाजिक संदेश को व्यापक स्तर तक पहुंचाना है। यात्रा के शुभारंभ के दौरान राष्ट्रध्वज फहराकर देश के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया। इसके बाद राष्ट्रगान और हनुमान चालीसा के पाठ के साथ यात्रा आगे बढ़ी।

‘देश में अराजकता नहीं, शांति का माहौल होना चाहिए’

यात्रा के दौरान बागेश्वर महाराज ने देश में शांति और सौहार्द बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश में अराजकता के बजाय शांति का वातावरण होना चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन देश के सम्मान और गौरव से किसी भी परिस्थिति में समझौता नहीं किया जाना चाहिए। उनके इस संदेश को यात्रा के प्रमुख उद्देश्यों में से एक माना जा रहा है। महाराज श्री लगातार सनातन समाज को एक सूत्र में जोड़ने और लोगों के बीच आपसी एकता की भावना मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं।

बागेश्वर धाम से आगे बढ़ा काफिला, जगह-जगह हुआ स्वागत

बागेश्वर धाम से रथयात्रा के रवाना होते ही श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में उत्साह देखने को मिला। टावर तिराहा, गंज, खैरी, घूरा और बमीठा सहित विभिन्न स्थानों पर लोगों ने यात्रा का स्वागत किया। बमीठा में राजनगर विधायक अरविंद पटेरिया ने भी बागेश्वर महाराज की यात्रा का स्वागत किया।

इसके बाद चंद्रनगर, टोरिया टेक, मंडला और अजयगढ़ होते हुए पन्ना की ओर बढ़ने के दौरान भी जगह-जगह स्वागत कार्यक्रम आयोजित किए गए। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर रथयात्रा का अभिनंदन किया। कुछ स्थानों पर बुलडोजर से पुष्पवर्षा के माध्यम से स्वागत किया गया, जबकि लोगों ने ऊंचे स्थानों पर खड़े होकर भी रथयात्रा पर फूल बरसाए। मार्ग में उमड़े श्रद्धालुओं के उत्साह ने यात्रा को धार्मिक और सामाजिक आयोजन का स्वरूप प्रदान किया।

यात्रा में सबसे आगे चल रहा बालाजी का रथ श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। भक्तों ने दर्शन कर आशीर्वाद लिया और महाराज श्री के संदेश को सुनने के लिए उत्सुकता दिखाई। यात्रा के विभिन्न पड़ावों पर लोगों की भागीदारी से आयोजन को व्यापक जनसमर्थन मिलता नजर आया।

कई प्रमुख संतों ने दर्ज कराई उपस्थिति, सनातन समाज की एकजुटता पर दिया जोर

बागेश्वर महाराज की रथयात्रा में शामिल होने के लिए कई प्रमुख संत और धर्मगुरु भी पहुंचे। इनमें प्रख्यात कथावाचक इंद्रेश महाराज, अयोध्या की हनुमानगढ़ी से राजू दास महाराज, मलूकपीठ के गंगा दास महाराज, हरिद्वार के मोनी महाराज, चित्रकूट धाम के राधेश्याम महाराज और देवी चित्रलेखा के नाम शामिल हैं।

संतों ने सनातन समाज से एकजुट होने की अपील की। उनका कहना था कि समाज में जागरूकता लाना और लोगों को सकारात्मक दिशा देना संतों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। वर्तमान परिस्थितियों में सनातन समाज के लोगों को आपसी मतभेदों से ऊपर उठकर एकता और सद्भाव के साथ आगे बढ़ने की आवश्यकता है। संतों के अनुसार, सामूहिक जागरूकता और वैचारिक एकजुटता से समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा मजबूत हो सकती है।

पांच जिलों तक पहुंचेगा यात्रा का संदेश

बुंदेलखंड की पांच दिवसीय रथयात्रा के माध्यम से बागेश्वर महाराज धार्मिक आस्था, राष्ट्र के सम्मान, सामाजिक सद्भाव और सनातन समाज की एकता का संदेश लोगों तक पहुंचा रहे हैं। यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर स्वागत और संतों की उपस्थिति ने आयोजन को विशेष पहचान दी है। बालाजी के रथ के साथ आगे बढ़ रही इस यात्रा पर श्रद्धालुओं की निगाहें टिकी हैं। आने वाले पड़ावों में भी जनसंपर्क और धार्मिक आयोजनों के माध्यम से इस संदेश को आगे बढ़ाने की अपेक्षा है।

फोटो: प्रदेश 24 न्यूज़

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