
भागीरथपुरा प्रभावित क्षेत्र में स्थिति तेजी से सामान्य होती जा रही है। आज भागीरथपुरा प्रभावित क्षेत्र में 50 दलों द्वारा सघन सर्वे किया गया। इसमें हेल्थ कार्ड डिस्ट्रीब्यूशन, प्रचार-प्रसार सामग्री का वितरण, पानी उबालकर पीने की सलाह, अच्छी तरह से पका हुआ भोजन करने तथा हाथ धोने के तरीकों के बारे में सर्वे दलों ने विस्तार से समझाया। स्वस्थ जीवन शैली का स्वास्थ्य पर प्रभाव के संबंध में भी सर्वे दलों ने भागीरथपुरा में निवासियों से चर्चा की।
आज भागीरथपुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर ओपीडी में 116 मरीज पहुंचे जिसमें से डायरिया के 06 मरीज थे। किसी को भी रेफर नहीं किया गया। अस्पतालों में अब तक कुल 445 मरीज भर्ती किए जा चुके हैं। जिसमें से 429 स्वस्थ होकर अपने घरों को लौट गए हैं। 10 अभी भी वार्ड में भर्ती हैं और 06 आईसीयू में उपचारत है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने बताया कि भागीरथपुरा प्रभावित क्षेत्र में गत 10 जनवरी से अभियान स्वास्थ्यवर्धन भी चलाया जा रहा है जिसमें की गैर संचारी रोगों की भी जांच लगातार की जा रही हैं। सर्वे, शिविर तथा ओपीडी में सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, नर्सिंग ऑफिसर तथा चिकित्सकों द्वारा लगातार परामर्श दिया जा रहा है।
कलेक्टर शिवम वर्मा निर्देशानुसार क्षेत्र में 02 एम्बुलेंस लगाई गई हैं। 24×7 चिकित्सकों की ड्यूटी क्षेत्र में लगाई गई है। मरीजों को एम.व्हाय, अस्पताल, अरविंदों अस्पताल तथा बच्चों को चाचा नेहरु अस्पताल में रेफर किया जा रहा है। जो मरीज निजी चिकित्सालयों में जा रहें हैं, वहाँ पर भी निःशुल्क उपचार, जॉच एवं औषधि हेतु मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव प्रसाद हासानी द्वारा निर्देशित किया गया है।
