भोपाल ब्यूरो
सार: भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (आईएसबीटी) में यात्रियों के आवागमन वाले कॉरिडोर में सामान फैलाना एक चार्टर्ड बस बुकिंग कार्यालय को महंगा पड़ा। नगर निगम आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार के रविवार सुबह के निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य विभाग के अमले ने मौके पर ही 5,000 रुपये का जुर्माना वसूला और कॉरिडोर में रखा सामान हटवाया। आयुक्त ने परिसर से गैर-संचालित बसें हटाने, संचालित बसों का ठहराव तय समय तक सीमित रखने और अतिक्रमण साफ करने के सख्त निर्देश दिए।
सुबह छह बजे निरीक्षण में क्या मिला
नगर निगम की कमान संभालने के बाद से आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार शहर में उतरकर सफाई व्यवस्था, अतिक्रमण और नागरिक सुविधाओं का जायजा ले रहे हैं। इसी क्रम में रविवार, 1 नवंबर 2026 को सुबह करीब छह बजे वे आईएसबीटी पहुंचे। उनके साथ अपर आयुक्त अमन मिश्रा और उपायुक्त भुवन गुप्ता तथा चंचलेश गिरहारे भी मौजूद थे।
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि बस संचालकों और दुकानदारों ने कॉरिडोर में सामान फैला रखा था। इससे यात्रियों के आने-जाने में परेशानी हो रही थी। कुछ बसें लंबे समय से परिसर में खड़ी थीं, जबकि टर्मिनल का उद्देश्य यात्रियों को उतारना और बैठाना है, न कि बसों को खड़ा रखना या गैरेज की तरह इस्तेमाल करना। आयुक्त ने मौके पर ही अधिकारियों को व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश दिए।
5,000 रुपये का जुर्माना और सामान हटाया गया
कॉरिडोर में सामान रखने पर नगर निगम के स्वास्थ्य शाखा के अमले ने एक चार्टर्ड बस के बुकिंग कार्यालय के संचालक पर मौके पर ही 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माना वसूलने के साथ ही कॉरिडोर में रखा सामान भी हटवा दिया गया, ताकि यात्रियों का रास्ता पूरी तरह साफ हो सके।
आयुक्त ने निर्देश दिए कि सार्वजनिक आवागमन में बाधा डालने या गंदगी फैलाने वाले बस संचालकों और प्रतिष्ठानों पर मौके पर ही जुर्माना लगाया जाए। यह कार्रवाई संदेश के रूप में भी देखी जा रही है कि टर्मिनल परिसर में नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई होगी।

गैर-संचालित बसों और अतिक्रमण पर सख्त निर्देश
निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने परिसर में खड़ी गैर-संचालित बसों को बाहर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संचालित बसें भी परिसर में केवल तय समय तक ही रुकेंगी। यात्रियों को उतारने और बैठाने के बाद बसों को परिसर खाली करना होगा।
इसके साथ ही आईएसबीटी परिसर और आसपास के क्षेत्रों से अतिक्रमण हटाने, सफाई व्यवस्था बेहतर करने और स्मार्ट सिटी के तहत उपलब्ध साइकिलों को व्यवस्थित ढंग से रखने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों को यह भी कहा गया कि टर्मिनल परिसर को पार्किंग स्थल या गैरेज नहीं बनने दिया जा सकता।
न्यू मार्केट और पटाखा बाजार का निरीक्षण
आईएसबीटी के बाद आयुक्त ने न्यू मार्केट क्षेत्र का भी निरीक्षण किया। दीपावली से पहले बाजारों में भीड़ बढ़ जाती है, इसलिए उन्होंने दुकानों की सीमा तय करने के लिए चल रही पीली लाइन मार्किंग जल्द पूरी कराने को कहा। इसका उद्देश्य यह है कि दुकानदार तय दायरे में ही सामान रखें और बाजार की सड़क तथा फुटपाथ यात्रियों और खरीदारों के लिए खुले रहें।
इसी दौरे में लिली टॉकीज क्षेत्र के पटाखा बाजार का भी निरीक्षण किया गया। त्योहार के समय पटाखा बाजारों में सुरक्षा व्यवस्था का विशेष महत्व होता है, इसलिए दमकलकर्मियों की 24 घंटे तैनाती के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों को बाजार क्षेत्र में साफ-सफाई और व्यवस्थित आवागमन सुनिश्चित करने को कहा गया।
एक सप्ताह पहले की आग और उसके बाद की कार्रवाई
आईएसबीटी में यह सख्ती ऐसे समय में हुई है, जब करीब एक सप्ताह पहले टर्मिनल परिसर में आग लगने की घटना ने वहां की सुरक्षा और प्रबंधन व्यवस्था को चर्चा में ला दिया था। आग में आठ बसें चपेट में आई थीं। इसके बाद नगर निगम ने परिसर में खड़ी गैर-संचालित बसों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 16 बसें हटवाई थीं और दो बसों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी वसूला गया था।
उस घटना के बाद से ही निगम का जोर इस बात पर है कि टर्मिनल परिसर में लंबे समय से खड़ी बसों का जमावड़ा न रहे। रविवार का निरीक्षण उसी अभियान की अगली कड़ी माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि टर्मिनल में एक समय में 84 बसों के खड़े होने की जगह है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि बसें वहां अनिश्चितकाल तक खड़ी रहें।
दीपावली की भीड़ और यात्रियों की सुविधा
दीपावली 8 नवंबर को मनाई जाएगी और त्योहार से पहले बस टर्मिनलों पर यात्रियों की आवाजाही बढ़ जाती है। लोग अपने गृह नगरों और रिश्तेदारों के पास जाने के लिए बसों का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में कॉरिडोर का जाम होना, गंदगी और अव्यवस्था सीधे यात्रियों की परेशानी बन जाती है।
नगर निगम की कार्रवाई का मकसद त्योहार के समय यात्रियों को सुरक्षित, साफ और व्यवस्थित टर्मिनल उपलब्ध कराना है। कॉरिडोर साफ रहने से बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के साथ यात्रा करने वाले परिवारों को विशेष सुविधा मिलेगी। साथ ही, तय समय तक बसों के रुकने से टर्मिनल में जाम की स्थिति भी कम होगी।
आगे क्या होगा
आयुक्त के निर्देशों के बाद अब आईएसबीटी परिसर में नियमित निगरानी और कार्रवाई की उम्मीद है। गैर-संचालित बसों को हटाने, अतिक्रमण साफ करने और कॉरिडोर खाली रखने का काम आगे भी जारी रहेगा। नियम तोड़ने वालों पर मौके पर जुर्माना लगाने की व्यवस्था भी लागू रहेगी।
न्यू मार्केट में पीली लाइन मार्किंग पूरी होने के बाद दुकानदारों को तय दायरे में ही सामान रखना होगा। दीपावली तक बाजारों और टर्मिनल की व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए निगम के अमले की तैनाती और निरीक्षण भी जारी रहने की संभावना है। यात्रियों से भी अपील की जा रही है कि वे टर्मिनल परिसर में नियमों का पालन करें और किसी भी अव्यवस्था की जानकारी निगम को दें।
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