शिक्षकों के कौशल संवर्धन के लिए राज्य में प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरूशिक्षण–अधिगम को प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाने पर जोर

शिक्षण–अधिगम प्रक्रिया को प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाने के लिए निरंतर प्रशिक्षण की आवश्यकता को देखते हुए “strengthening of staff competeny” विषय पर आज से 13 दिवसीय संकाय संवर्धन कार्यक्रम शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय किला भवन इंदौर में प्रारंभ हुआ। यह कार्यक्रम 27 जनवरी तक चलेगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य संकाय सदस्यों के शैक्षणिक, तकनीकी, शोधात्मक एवं व्यक्तित्व विकास से जुड़े कौशलों को सशक्त बनाना है।

                शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. बी. डी. श्रीवास्तव ने बताया कि पहले दिन कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। कार्यक्रम की संयोजक डॉ. दुर्गेश शांडिल्य ने दस दिवसीय  इस FDP की रूपरेखा को बताया। कार्यक्रम की समन्वयक डॉ. मनीषा जोशी ने FDP के उद्देश्य और महत्व को बताया। इसके पश्चात महाविद्यालय की वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. निशा जैन ने कार्यक्रम के मुख्य वक्ता एमएसएमई (MSME) के सहायक निदेशक डॉ. निलेश त्रिवेदी का स्वागत किया। उक्त कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारी डॉ. वी. पी. बैरागी भी उपस्थित रहे।

        कार्यक्रम की अगली कड़ी में मुख्य वक्ता डॉ. निलेश त्रिवेदी ने ‘Intellectual property rights (IPR) and it’s application in academic’ विषय पर अपना व्याख्यान दिया । अपने व्याख्यान में उन्होंने वर्तमान ज्ञान–आधारित समाज में ‘बौद्धिक संपदा अधिकार’ के अर्थ एवं महत्व को बताते हुए उसके कानूनी अधिकार (कॉपीराइट, पेटेंट, ट्रेडमार्क, औद्योगिक अभिकल्प, भौगोलिक संकेत)  के बारे में विस्तारपूर्वक बताया। उन्होंने कई उदाहरणों के माध्यम से स्व व्यवसाय के माध्यम से लाभ अर्जित करने की जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन एवं आभार डॉ. निधि गुप्ता द्वारा किया गया। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी डॉ. नेहा गुप्ता द्वारा दी गई ।

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